उत्तर प्रदेश के चुनावी रण में उतर चुकी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का पूरा फोकस इन दिनों सुरक्षित सीटों पर है. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद सतीश चंद्र मिश्र की अगुवाई में सुरक्षित सीटों पर बड़ी रैलियों का आयोजन किया जा रहा है. इसी कड़ी में हरदोई के सांडी कस्बे में शनिवार को मंडलस्तरीय जनसभा की गई.
इस दौरान सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शाहजहांपुर में शिलान्यास किए गए गंगा एक्सप्रेस-वे को लेकर बीजेपी पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि इसकी योजना मायावती सरकार में बनी थी और यह बलिया तक बनाया जाना था, तत्कालीन केंद्र सरकार की वजह से उस समय नहीं बन पाया था.
IT रेड पर ये बोले BSP नेता सतीश मिश्र
समाजवादी पार्टी के नेताओं पर आयकर विभाग की छापेमारी पर बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि यह बातें तो मैं पहले से कह रहा हूं कि ऐसा होगा. हालांकि, इस दौरान सतीश चंद्र मिश्र ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में गुंडागर्दी, माफियागर्दी, दहशतगर्दी, फिरौती, डकैती, लूटपाट, बलात्कार आम थे.
बीजेपी पर निशाना साधते हुए बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि अबकी बार उत्तर प्रदेश की जनता ने यह मन बना लिया है कि पूर्ण बहुमत की बहुजन समाज पार्टी की सरकार लानी है, जिस तरह से 2007 में वह लेकर आई थी. रैली को संबोधित करते हुए सतीश चंद्र मिश्र ने कोरोना काल के दौरान योगी सरकार की नाकामी का भी जिक्र किया.
इस जनसभा को बसपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता फैजान खान ने भी संबोधित किया. फैजान खान ने भी केंद्र और उत्तर प्रदेश की मौजूदा बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला. फैजान खान ने भाजपा सरकार की नाकामियां गिनाते-गिनाते समाजवादी पार्टी को भी अपने निशाने पर लिया. उन्होंने सपा और बीजेपी दोनों को एक-दूसरे का पर्यायवाची बताया.
सुरक्षित सीटों को क्यों टारगेट कर रही है बीएसपी?
उत्तर प्रदेश की 86 सीटें अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित हैं. 2017 के चुनाव में अधिकतर सीटों पर बीजेपी जीती थी. इस बार मायावती की कोशिश इन सीटों को जीतने की है. इसकी जिम्मेदारी सतीश चंद्र मिश्र को दी गई है. सतीश चंद्र मिश्र का काम दलितों के अलावा ब्राह्मण वोटरों को बीएसपी के पाले में लाने की है.
इसके अलावा लखनऊ मंडल में मुस्लिमों को बीएसपी के पाले में लाने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय प्रवक्ता फैजान खान की है और लखनऊ मंडल में ही ओबीसी वोटरों को बीएसपी के पाले में लाने की जिम्मेदारी मुख्य सेक्टर संयोजक विनय कुमार कश्यप को दी गई है. 2017 के चुनाव में 86 सुरक्षित सीटों में से बीएसपी सिर्फ 2 सीटों पर जीत पाई थी.