यूपी के फिरोजाबाद जिले के ग्रामीण अंचल की विधानसभा सीट है जसराना. जसराना विधानसभा सीट समाजवादी पार्टी का गढ़ रही है. जसराना विधानसभा क्षेत्र में अधिकतर किसान मतदाता हैं. इस इलाके में मुख्य रूप से गेहूं, आलू की उपज अच्छी होती है. इस विधानसभा सीट से किसानों का उत्थान हमेशा से चुनावी मुद्दा रहा है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
जसराना विधानसभा सीट की सियासी पृष्ठभूमि की बात करें तो ये सीट कांग्रेस और सपा का गढ़ रही है. कांग्रेस के उम्मीदवार ने इस सीट पर पांच दफे विजय पाई है. इस सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के टिकट पर मुलायम सिंह यादव के करीबी रिश्तेदार रामवीर यादव चार दफे विधायक रहे हैं. इस विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का खाता नहीं खुला है. रामवीर यादव को 2007 के चुनाव में निर्दलीय रामप्रकाश यादव ने हरा दिया था. रामवीर यादव अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं.
2017 का जनादेश
जसराना विधानसभा सीट से बीजेपी के राम गोपाल उर्फ पप्पू लोधी 2017 में विधायक निर्वाचित हुए. बीजेपी के राम गोपाल उर्फ पप्पू लोधी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के शिव प्रताप सिंह को 20 हजार से अधिक वोट के अंतर से हरा दिया था. बीजेपी के राम गोपाल को 1 लाख 3 हजार 426 वोट मिले थे. सपा के शिव प्रताप सिंह सपा 83 हजार 98 वोट मिले थे. बसपा के शिवराज सिंह यादव को 26 हजार 274 वोट मिले. लोक दल के रामवीर सिंह यादव को 11 हजार 224 वोट मिले थे.
सामाजिक ताना-बाना
जसराना विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां साढ़े तीन लाख से अधिक वोटर हैं. जातिगत आंकड़ों की बात करें तो जसराना विधानसभा क्षेत्र में पाल, बघेल, यादव जाति के मतदाताओं की बहुलता है. इस विधानसभा क्षेत्र में अन्य पिछड़ी जातियों के मतदाता भी चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
जसराना विधानसभा सीट से विधायक बीजेपी के गाम गोपाल उर्प पप्पू लोधी अपने कार्यकाल में इलाके के चातुर्दिक विकास के दावे कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ विपक्षी नेता इन दावों को हवा-हवाई बता रहे हैं. रामवीर सिंह यादव भी अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं ऐसे में टिकट को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच होड़ चल रही है.