यूपी में कुछ ही महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं. बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ सरकार चला रही नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भी यूपी के चुनावी रण में उतरने का ऐलान कर दिया है. जेडीयू नेता केसी त्यागी ने आजतक से बात करते हुए यूपी की योगी सरकार को घेरा और कहा कि पार्टी 200 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी.
केसी त्यागी ने यूपी में ब्राह्मणों की नाराजगी के सवाल पर कहा कि योगी सरकार में समाज में बेचैनी है. सबको बराबर की हिस्सेदारी चाहिए. अब हर कोई हक चाहता है. उन्होंने कहा कि यदि यूपी चुनाव के लिए बीजेपी के साथ सीटों को लेकर बात नहीं बनी तो हम छोटे दलों के साथ जाएंगे. हम यूपी में चुनाव लड़ने को तैयार हैं. त्यागी ने कहा कि यहां पर किसानों और पिछड़े वर्ग को न्याय नहीं मिल पा रहा है. हम 200 सीट पर उम्मीदवार उतारेंगे जिसमें सबसे ज्यादा किसान और पिछड़े वर्ग के लोग होंगे. किसानों ने ही योगी और मोदी की सरकार बनाई है इसलिए इन्हें अन्य मतदाता नहीं समझना चाहिए.
एक सवाल के जवाब में केसी त्यागी ने कहा कि हम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में हैं. पहली प्राथमिकता बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरने की रहेगी, लेकिन अगर सीटों को लेकर बात बनी तो. उन्होंने कहा कि अगर सीट बंटवारे को लेकर बीजेपी के साथ बात नहीं बनी तो हम किसी के भी साथ जा सकते हैं. समाजवादी पार्टी को लेकर सवाल पर त्यागी ने कहा कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) से हमारे अलग रिश्ते हैं लेकिन हम पार्टी के साथ नहीं जा सकते. वह विरोधी पार्टी है. जेडीयू के फ्रेमवर्क में एआईएमआईएम के लिए कोई जगह नहीं है.
2017 का चुनाव न लड़ना गलती थी
जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा कि वीपी सिंह के संन्यास लेने के बाद जनता दल टूटता गया और एक हिस्सा सपा चला गया. अब वो लोग यहां खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं. जेडीयू यूपी में नए जोश के साथ उतरने को तैयार है. उन्होंने साल 2017 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार न उतारने को गलती बताया. जेडीयू नेता ने कहा कि हमने कोरोना के दौर में काफी लापरवाही बरती है जिसका खामियाजा गांवों ने भुगता है. इसमें केंद्र और राज्य, दोनों सरकारों की गलती है.
किसान, पिछड़ों को साथ लेकर उतरेंगे
जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार ने सबका साथ, सबका विकास के नारे को आधार बनाकर काम किया है. हमने अति पिछड़ा वर्ग आयोग बनाया और उनके लिए काम किया. यूपी के चुनाव में भी हम किसानों और पिछड़ों को साथ लेकर इसी लाइन पर उतरेंगे. मायावती को लेकर उन्होंने कहा कि वे दावेदार नहीं हैं. हम सपा-बसपा के साथ नहीं जाएंगे. त्यागी ने इमरजेंसी के दौर की अब से तुलना को लेकर कहा कि तब के हालात अब से ज्यादा बदतर थे. केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि जेडीयू ने कोई मांग नहीं रखी है और ना ही पीएम ने हमसे अभी कुछ पूछा ही है. इसे लेकर आखिरी निर्णय नीतीश कुमार लेंगे.
चिराग पासवान को बताया महत्वाकांक्षी
जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा कि रामविलास पासवान से हमारे पुराने रिश्ते रहे हैं लेकिन चिराग के पास अनुभव की कमी है. चिराग ज्यादा महत्वाकांक्षी हैं जिसकी वजह से उनकी पार्टी और परिवार टूटे. उन्होंने कहा कि चिराग की वजह से तेजस्वी को फायदा हुआ.