उत्तर प्रदेश विधानसभा में जेवर विधानसभा सीट पहले अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुआ करती थी लेकिन अब यह सीट सामान्य वर्ग के लिए हो गई है. यह गौतम बुद्ध नगर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 5 विधानसभा सीटों में से एक है. फिलहाल इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है.
राजधानी दिल्ली से सटे जनपद गौतमबुद्ध नगर की जेवर विधानसभा सीट पर कांग्रेस, बसपा और बीजेपी ने तीन-तीन बार जीत हासिल की है. फिलहाल जेवर से विधायक धीरेंद्र सिंह हैं. इस विधानसभा सीट पर कुल 3 लाख 22 हजार 982 मतदाता हैं, जिसमें 59 प्रतिशत शहरी जबकि अन्य ग्रामीण क्षेत्र में आते हैं. बीते 2 चुनावों में इस सीट पर मुकाबला कांग्रेस, बसपा और बीजेपी के बीच का ही रहा है. 2017 में भी ये मुकाबला जबरदस्त देखने को मिला था.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
2012 में परिसीमन के बाद जेवर सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हो गई. लेकिन उससे पहले यह सीट अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व हुआ करती थी. 1962 से लेकर 1990 तक के 8 चुनाव में कांग्रेस को 3 बार जीत मिली थी.
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1990 के बाद की बात करें तो 1991 के चुनाव में बीजेपी को पहली बार यहां से जीत मिली थी. और फिर बीजेपी ने यहां पर जीत की हैट्रिक (1991, 1993 और 1996) लगाई थी. 2002 में बहुजन समाज पार्टी ने जीत का सिलसिला शुरू करते हुए बीजेपी के विजयी रथ पर लगाम कस दिया.
अब बसपा ने लगातार जीत की हैट्रिक लगाई. बसपा ने 2002, 2007 और 2012 में जीत हासिल की. लेकिन 2017 में बीजेपी ने बसपा की जीत पर ब्रेक लगाया औऱ फिर से वापसी की. कांग्रेस ने 1980 में आखिरी बार यहां से जीत हासिल की थी.
सामाजिक तानाबाना
जेवर विधानसभा सीट पर गुर्जर और मुस्लिम मतदाताओं के साथ दलित मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. जो चुनावों के नतीजे तय करते हैं. इसके अलावा ठाकुर और भाटी समुदाय भी अच्छी पकड़ रखता है. ऐसे में राजनीतिक दल इन्हीं समुदायों से आने वाले प्रत्याशियों चुनावी मैदान में उतारते हैं.
पिछले चुनावों में ठाकुर धीरेंद्र सिंह को गुर्जर और मुस्लिम मतदाताओं का अच्छा फायदा मिला था. जिसके चलते धीरेंद्र सिंह ने इस सीट से जीत हासिल की थी. पिछले तीन विधानसभा चुनाव में लगातार बसपा की जीत हो रही थी.
जेवर में गुर्जर और ठाकुर वोटर लगभग बराबर संख्या में है, जिनकी संख्या करीब डेढ़-डेढ़ लाख की है. दलित वोटर करीब 50 हजार, मुस्लिम और बनिया वोटर भी करीब 40-40 हजार के आसपास है. और यही वोटर राजनीति की पृष्ठभूमि तैयार करते हैं.
2017 का जनादेश
गौतमबुद्ध नगर जिले की जेवर विधानसभा सीट पर 2017 के चुनाव में बीजेपी ने भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की थी. इस सीट पर बीजेपी प्रत्याशी ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने बहुजन समाजवादी पार्टी के वेदराम भाटी को करीब 22 हजार वोटों से हराया था.
चुनाव में धीरेंद्र सिंह को 102,979 वोट मिले जबकि बसपा के वेदराम भाटी को 80,806 वोट मिले थे. इस तरह बीजेपी ने 5 साल पहले इस सीट पर 20 हजार से भी ज्यादा वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी.
रिपोर्ट कार्ड
जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह के रिपोर्ट कार्ड की बात की जाए तो उनके अनुसार, हमने बीते 4.5 वर्षों में बहुत काम किया है. सबसे पहले जेवर एयरपोर्ट आने से जेवर के आसपास के इलाकों में विदेशी निवेश बढ़ा है. कई मल्टीनेशनल कंपनियां जेवर एयरपोर्ट के आसपास जमीन खरीद रही हैं जिससे आने वाले समय में यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा. जेवर एयरपोर्ट ना सिर्फ जेवर के लिए बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है. विधायक का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम किया जा रहा है.
विधायक धीरेंद्र सिंह मूल निवासी जेवर कस्बा के हैं. विधायक ने सबसे पहले राजनीति में अपना पहला कदम आगरा में छात्र नेता के रूप में रखा. कांग्रेस में सदस्यता लेने के बाद कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया. भट्टा परसौल किसान आंदोलन में धीरेंद्र सिंह ने अहम भूमिका निभाई. इसी समय भूमि अधिग्रहण आंदोलन का समर्थन करने पंहुचे राहुल गांधी को धीरेंद्र सिंह अपनी बाइक पर बैठाकर गांव में लाए थे.
जेवर से 2012 में कांग्रेस उम्मीदवार थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. 2017 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और बीजेपी का दामन थाम लिया. जिसके बाद उन्हें पहली बार जनता ने जेवर से करीब 22 हजार वोट से जनता ने जीत दिलाई. उन्होंने बसपा से उम्मीदवार और तीन बार विधायक रहे वेदराम भाटी को हराकर विधायक की कुर्सी पर कब्जा किया.