संत कबीर नगर जिले में 313 खलीलाबाद विधानसभा क्षेत्र है. खलीलाबाद विधानसभा क्षेत्र में ही विश्वविख्यात मगहर भी पड़ता है. मगहर ही संत कबीर की निर्वाणस्थली है. मगहर सूती मिल लंबे समय से बंद पड़ी है. हर बार चुनाव में बंद पड़ी मिल का मसला हर विधानसभा चुनाव में उठता है. हर चुनाव में मिल चालू कराने के वादे भी नेता करते हैं लेकिन वादा सिर्फ वादा ही रह जाता है.
खलीलाबाद विधानसभा 25 किलोमीटर की परिधि में बसा है. 20 फीसदी हिस्से में बसावट है जबकि 80 फीसदी हिस्से में खेती और अन्य उद्योग दिखाई देते हैं. मुख्य रूप से केले और सब्जी की खेती होती है. बरसात के दिन में आमी नदी की बाढ़ हर साल फसलों को नुकसान पहुंचता है. खलीलाबाद विधानसभा क्षेत्र में समय माता मंदिर, कबीर निर्वाण स्थली, तामेश्वर नाथ धाम भी इसी विधानसभा क्षेत्र में हैं. खलीलाबाद शहर के पास ही कपड़े के लिए प्रसिद्ध बरदहिया बाजार है.
2017 के विधानसभा चुनाव का जनादेश
खलीलाबाद विधानसभा सीट से 2017 के चुनाव में 23 प्रत्याशी मैदान में थे. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे 72061 वोट पाकर विजयी रहे वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के एमए चौधरी 56024 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे. पीस पार्टी के अध्यक्ष डॉक्टर मोहम्मद अयूब को 42041 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे. समाजवादी पार्टी (सपा) के जावेद अहमद 28274 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे थे.
राजनैतिक पृष्ठभूमि
खलीलाबाद विधानसभा सीट से साल 2002 के चुनाव में बीजेपी के द्वारका प्रसाद, 2007 में बीएसपी के भगवान दास तो 2012 में पीस पार्टी के डॉक्टर मोहम्मद अयूब विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे. यानी 2002 से अब तक हर चुनाव में जनता ने विधानसभा में अपना प्रतिनिधि बदला है. बीजेपी के सामने 2022 में इस सीट का इतिहास बदलने, अपना कब्जा बरकरार रखने की चुनौती है. खलीलाबाद के कई नेता बड़े पदों पर रह चुके हैं. श्रीराम चौहान, पूर्व सांसद केसी पांडेय, द्वारिका प्रसाद, पूर्व मंत्री रामाश्रय पासवान भी खलीलाबाद विधानसभा के ही हैं लेकिन विधानसभा क्षेत्र की समस्याएं जस की तस हैं. बिजली, पानी, सड़क, शिक्षण संस्थान, स्वास्थ्य के क्षेत्र में समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं.
सामाजिक ताना-बाना
आंक खलीलाबाद विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की बहुलता है. खलीलाबाद विधानसभा क्षेत्र में करीब 450416 मतदाता हैं जिनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 2 लाख 42 हजार के करीब है वहीं महिला मतदाताओं की संख्या दो लाख 84 हजार के करीब है. इस विधानसभा क्षेत्र में हर जाति के लोग निवास करते हैं. इस सीट पर लगातार किसी एक दल का कब्जा नहीं रह पाता है.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
दिग्विजय नारायण जय चौबे ने बीएसपी से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ सियासी सफर की शुरुआत की थी. दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे संत कबीर नगर जिले के साथ ही बस्ती जिले में भी कई इंटर और डिग्री कॉलेज के प्रबंधक हैं. कोरोना काल में जय चौबे काफी एक्टिव नजर आए थे और लोगों तक राशन के साथ ही अन्य जरूरी चीजें पहुंचवाई थीं. जय चौबे के खिलाफ मामूली विवाद के करीब आधा दर्जन मामले भी दर्ज हैं.