उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पांच विधानसभा सीटें हैं जिनमें से एक सीट है मथुरा. मथुरा नगरीय इलाके, श्रीकृष्ण जन्मस्थली मथुरा विधानसभा सीट के तहत ही आते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने अधिकतर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवारों को ही सबसे ज्यादा दफे विधानसभा में भेजा है.
वृंदावन भी इसी विधानसभा क्षेत्र में आता है. मथुरा में ब्रजभाषा बोली जाती है और यहां का पेड़ा और रबड़ी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. भौगोलिक स्थिति की बात करें तो यह आगरा और दिल्ली के बीच स्थित है. मथुरा, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से मात्र 151 किलोमीटर दूर है. यमुना एक्सप्रेस-वे मथुरा जिले में करीब 98 किलोमीटर तक है. यहां भारत सरकार की ओर से स्थापित एक रिफाइनरी है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
मथुरा विधानसभा सीट से सर्वाधिक नौ बार कांग्रेस, पांच बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), एक बार जनता पार्टी और एक बार निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की है. इस सीट से कांग्रेस के प्रदीप माथुर सर्वाधिक चार बार विधायक रहे हैं. इस सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा), राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) और समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवारों को कभी जीत नहीं मिली.
2017 का जनादेश
मथुरा विधानसभा सीट से साल 2017 के विधानसभा चुनाव में कुल 13 उम्मीदवार मैदान में थे लेकिन मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस उम्मीदवारों के बीच रहा. बीजेपी की ओर से मथुरा सीट पर श्रीकांत शर्मा थे तो कांग्रेस की ओर से चार बार के विधायक प्रदीप माथुर. बीजेपी के श्रीकांत शर्मा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के प्रदीप माथुर को 1 लाख से अधिक वोट के अंतर से हरा दिया. बीजेपी के श्रीकांत शर्मा को 1 लाख 43 हजार 361 वोट मिले. दूसरे स्थान पर रहे प्रदीप माथुर को 42 हजार 200 वोट मिले थे. बसपा के योगेश द्विवेदी 31 हजार 168 वोट के साथ तीसरे और आरएलडी के अशोक अग्रवाल चौथे स्थान पर रहे.
सामजिक ताना-बाना
मथुरा विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो 2017 की मतदाता सूची के मुताबिक इस सीट पर कुल 4 लाख 25 हजार 748 वोटर थे. इनमें 51.2 फीसदी पुरुष और 48.7 फीसदी महिला मतदाता हैं. अनुमानों के मुताबिक यहां सबसे अधिक ब्राह्मण मतदाता हैं. इसके बाद वैश्य, मुस्लिम, दलित, जाट, कायस्थ, बघेल जाति के मतदाताओं का नंबर आता है. इन जाति-वर्ग के मतदाता भी चुनाव परिणाम को प्रभावित करते हैं.
विधायक का रिपोर्ट कॉर्ड
मथुरा के विधायक श्रीकांत शर्मा का जन्म 1 जुलाई 1970 को मथुरा जिले के ग्राम गाठोली में हुआ था. श्रीकांत शर्मा के पिता का नाम राधारमण शर्मा और माता का नाम शारदा देवी है. श्रीकांत शर्मा की शिक्षा डीएवी स्कूल गोवर्धन से हुई और इसके बाद महात्मा गांधी स्मारक कॉलेज सौंख से हाईस्कूल करने के बाद उन्होंने आगे की शिक्षा किशोरी रमन इंटर कॉलेज मथुरा से प्राप्त की.
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श्रीकांत शर्मा के पिता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े थे. श्रीकांत शर्मा दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) से जुड़े और 1989-90 के कश्मीर चलो आंदोलन में भी भाग लिया. 1991-92 में पीजीडीएवी कॉलेज में छात्र संघ अध्यक्ष निर्वाचित हुए श्रीकांत शर्मा भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) से जुड़ गए. कई राज्यों के चुनाव के दौरान पार्टी ने मीडिया प्रबंधन का दायित्व सौंपा. 2017 में बीजेपी ने मथुरा से पहली बार टिकट दिया और श्रीकांत शर्मा ने बड़ी जीत हासिल की. श्रीकांत शर्मा प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं.