लखीमपुर जिला हमेशा से ही उत्तर प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र रहा है. इसी जिले के अंतर्गत आती है मोहम्मदी विधानसभा सीट (Mohammdi Assembly Seat). मोहम्मदी विधानसभा सीट पर अभी तक कांग्रेस और बीजेपी का ही दबदबा रहा है. यहां जनता ने समाजवादी पार्टी और बसपा को एक ही बार मौका दिया है. इन चुनावों में मोहम्मदी विधानसभा सीट पर बीजेपी के सामने जीत का दबदबा बनाए रखने की चुनौती है.
अंग्रेजी हुकूमत में अपना नाम दर्ज कराने वाली मोहम्मदी विधानसभा आज भी मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है जिनमें बिजली ,पानी ,शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं. हालांकि इस विधानसभा को जिला बनाने की आवाजे समय-समय पर उठती रही है इस विधानसभा में जंग बहादुर जैसी बड़ी ग्राम पंचायतें हैं जिनको अभी नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिल पाया है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
मोहम्मदी विधानसभा सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो इस विधानसभा सीट के मतदाताओं का मिजाज परिवर्तनशील रहा है. 2007 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से उम्मीदवार समाजवादी पार्टी के बंशीधर राज विधायक निर्वाचित हुए थे. 2012 में मोहम्मदी की जनता ने बहुजन समाज पार्टी के बाला प्रसाद अवस्थी को अपना विधायक चुना था.
2017 का जनादेश
मोहम्मदी विधानसभा हुए चुनाव में कुल 42.44 प्रतिशत वोट पड़े थे. जिसमें भारतीय जनता पार्टी के लोकेंद्र प्रताप सिंह ने 93000 वोट पाकर पहली बार विधायक बनें. लोकेंद्र प्रताप सिंह ने कांग्रेस पार्टी के संजय शर्मा को 33918 मतों से पराजित किया था. वही बहुजन समाज पार्टी के दाउद अहमद 57902 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे.
सामाजिक ताना-बाना
मोहम्मदी विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां की कुल मतादाताओं की संख्या 3 लाख 7 हजार है. जिसमें पुरुष की संख्या करीब 1 लाख 67 हजार है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 1 लाख 39 हजार के करीब है.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
मोहम्मदी विधानसभा सीट से विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह का दावा है कि उनके कार्यकाल में इस इलाके का चातुर्दिक विकास हुआ है. उन्होंने करोड़ों रुपये की लागत से इलाके में कई विकास कार्य कराए हैं. हालांकि, विरोधी दलों के नेता विधायक के दावों को खोखला बता रहे हैं.