यूपी के अमरोहा जिले की नौगावां सादात विधानसभा सीट ऐतिहासिक धरोहरों के साथ ही लघु उद्योग को संजोए हुए है. रोजगार के नजरिए से देखा जाए तो अमरोहा जिले में लघु उद्योग और नौकरी-पेशा लोगों की सर्वाधिक तादाद इसी विधानसभा क्षेत्र में है. नौगावां सादात को 1930 में अंग्रेजी शासनकाल के दौरान ही टाउन एरिया घोषित कर दिया गया था. इस टाउन एरिया के पहले चेयरमैन को भी अंग्रेजों ने नॉमिनेट किया था और उसके बाद चुनाव हुए थे.
ऐतिहासिक दृष्टि से देखें तो तुगलक के दामाद ने इस इलाके में शरण ली थी. तुगलक की बेटियां और उनके नवासे इस इलाके में अलग-अलग गांव बनाकर बस गए थे जिन्हें मिलाकर बाद में नौगांव का नाम दिया गया और धीरे-धीरे इसे नौगावां सादात बस्ती कहा जाने लगा. 1980 के दशक में इस इलाके में कोऑपरेटिव सहकारी सूत मिल की स्थापना की गई जो दो दशक बाद ही बंद हो गई. फिलहाल सूत मिल की बिल्डिंग और जमीन मौजूद है.
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नौगांवा सादात बीड़ी और जैकेट उद्योग के लिए भी पहचान रखता है. उत्तर प्रदेश ही नहीं, उत्तराखंड और बिहार समेत देश के कई राज्यों में यहां के जैकेट की आपूर्ति होती है. बिजनौर जिले से सटे इस विधानसभा क्षेत्र में शिया समुदाय की बस्ती के बीचो-बीच मंदिर है और यहां शिया समुदाय के लोग चंदा लगाकर रामलीला आयोजित कराते हैं.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
नौगावां सादात विधानसभा सीट साल 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई. इससे पहले इस विधानसभा क्षेत्र के इलाके अमरोहा विधानसभा सीट का हिस्सा हुआ करते थे. नौगावां सादात विधानसभा सीट के लिए पहली दफे 2012 में विधानसभा चुनाव हुए और तब समाजवादी पार्टी (सपा) के अशफाक अली खान विधायक निर्वाचित हुए.
2017 का जनादेश
नौगावां सादात विधानसभा सीट के लिए 2017 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर चेतन चौहान को उम्मीदवार बनाया. बीजेपी के चेतन चौहान ने यहां कमल खिला दिया. चेतन चौहान योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे. चेतन चौहान के निधन से रिक्त हुई सीट पर उपचुनाव हुए.
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नौगावां सादात विधानसभा सीट से उपचुनाव में बीजेपी ने चेतन चौहान की पत्नी संगीता चौहान को उम्मीदवार बनाया. बीजेपी की संगीता चौहान ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के जावेद आब्दी को 15 हजार से अधिक वोट के अंतर से हरा दिया था. बीजेपी की संगीता को 86692 वोट मिले थे. सपा के जावेद को 71615 वोट मिले थे.
सामाजिक ताना-बाना
नौगावां सादात विधानसभा सीट चौहान और जाट बाहुल्य सीट मानी जाती है. यहां शिया समुदाय के मुस्लिम मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं जिन्हें बीजेपी का समर्थक माना जाता है. इस विधानसभा क्षेत्र में यादव, अंसारी और दलित बिरादरी के मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं. नौगावां सादात विधानसभा क्षेत्र में कुल सवा तीन लाख के करीब मतदाता हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
नौगावां सादात विधानसभा सीट से विधायक संगीता चेतन चौहान का जन्म 22 मार्च 1959 को देश की राजधानी दिल्ली में हुआ था. संगीता चेतन चौहान के दादा लाहौर में रजिस्ट्रार के पद पर तैनात थे लेकिन उनके परिवार को विभाजन के बाद लाहौर छोड़कर दिल्ली शिफ्ट होना पड़ा. संगीता चेतन चौहान की प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक दिल्ली में ही हुई. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस से बीए ऑनर्स के बाद संगीता ने एलएलबी की और डिप्लोमा इन पर्सनल मैनेजमेंट के साथ ही सीएआईबी की भी पढ़ाई की.
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नौगावां सादात सीट से विधायक संगीता ने 1982 में दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस की और उसके बाद 1984 में बैंक ऑफ बड़ौदा में भी नौकरी की. 1986 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर चेतन चौहान से उनकी मुलाकात हुई और 1990 में इन्होंने जयपुर में सेंट्रल बैंक जॉइन कर लिया. 1991 में संगीता चौहान की पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान के साथ शादी हो गई. संगीता 31 मार्च 2019 को सेंट्रल बैंक में जनरल मैनेजर के पद से रिटायर हुईं.
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चेतन चौहान के निधन के बाद संगीता ने सियासत में कदम रखा और उपचुनाव में विधानसभा के लिए निर्वाचित हुईं. संगीता चौहान अपनी उपलब्धियों में नौगावां सादात विधानसभा क्षेत्र में एक स्किल डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना, अमरोहा में एक स्टेडियम का निर्माण, एक प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, जोया सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना, 151 गांव में प्लांटेशन कराए जाने को गिनवाती हैं.