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UP Chunav 2022: यूपी के रण में बीजेपी से गठबंधन पर बन गई बात, निषाद पार्टी को मिलेंगी 15 सीटें

निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद का कहना है कि गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज, बलिया, संतकबीरनगर, आजमगढ़, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, भदोही और इलाहाबाद जिले में निषाद पार्टी के उम्मीदवार उतारे जाएंगे.

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बीजेपी की तरफ से निषाद पार्टी को 15 सीटें मिलीं
बीजेपी की तरफ से निषाद पार्टी को 15 सीटें मिलीं
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बीजेपी की तरफ से इसकी आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है
  • सोमवार को की जा सकती है घोषणा

यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने निषाद पार्टी के साथ गठबंधन किया है. उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी करना शुरू कर दिया है. विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सहयोगी निषाद पार्टी ने दावा किया है कि उनकी पार्टी 15 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. 

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निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने आज तक को बताया कि गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज, बलिया, संतकबीरनगर, आजमगढ़, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, भदोही और इलाहाबाद जिले में निषाद पार्टी के उम्मीदवार उतारे जाएंगे.

हालांकि, बीजेपी की तरफ से इसकी आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है. हो सकता है कि सोमवार को बीजेपी की तरफ से ये घोषणा कर दी जाए. 

उत्तर प्रदेश में निषाद समाज 5 फीसदी के करीब है, जो मल्लाह, मांझी, निषाद, धीवर, बिंद, कहार, कश्यप के नाम से जानी जाती है. निषाद वोटों के सियासी समीकरण और राजनीतिक ताकत को देखते हुए बीजेपी ने निषाद पार्टी के साथ गठबंधन किया है. यूपी के गोरखपुर, मऊ, गाजीपुर, बलिया, संतकबीर नगर, मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी, इलाहाबाद, जौनपुर, फतेहपुर, सहारनपुर और हमीरपुर जिलों में निषाद वोटर अहम भूमिका में है. 

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उत्तर प्रदेश में निषाद पार्टी मुख्यरूप से निषाद, केवट, बिंद, मल्लाह, नोनिया, मांझी, गौंड जैसी करीब 17 जातियों का प्रतिनिधित्व करती है. पूर्वांचल की 60 सीटों पर खासा असर है जबकि सूबे की 160 सीटों पर निषाद समाज के वोटरों की संख्या चुनाव को प्रभावित करने वाली है. हालांकि बीजेपी के लिए निषाद समाज आरक्षण की मांग, गले की फांस बना हुआ है.

 

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