उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर बुधवार को चिर-परिचित अंदाज में नजर आए. ओमप्रकाश राजभर ने कभी अपनी गठबंधन सहयोगी रही सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर हमला बोला और सरकार को भी घेरा.
ओमप्रकाश राजभर ने मुख्तार अंसारी के मऊ सदर से चुनाव लड़ने को लेकर कहा कि वे जहां से चुनाव लड़ना चाहें, हम लड़ा देंगे. मुख्तार अंसारी मऊ सदर सीट से पांच बार के विधायक हैं. मुख्तार अंसारी को जनता विजयी बनाती है. उन्होंने अन्याय का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी का बस चले और संविधान न होता तो ये मुख्तार अंसारी की हत्या करवा देते.
ओमप्रकाश राजभर ने असदुद्दीन ओवैसी को लेकर कहा कि वे सौ सीट का सपना छोड़ दें. 10 सीट पर चुनाव लड़ें और सभी पर जीतें. 100 पर लड़कर एक भी न जीतें, इसका कोई मतलब नहीं है. बीजेपी को हराना चाहते हैं तो कम सीट पर आकर चुनाव लड़िए, कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि हाथरस में 12 बजे रात को बेटी की लाश जलाकर आतताइयों को संरक्षण योगी सरकार ने दिया. बलिया में पाल की हत्या के बाद अपराधियों को बचाने का भी काम ये सरकार कर रही है.
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि लखीमपुर खीरी की रिपोर्ट भी आ गई है कि गृह राज्यमंत्री के बेटे आशीष मिश्रा ने ही गोली चलाई थी. अब जब सुप्रीम कोर्ट ने डंडा किया है तो गिरफ्तारी हुई है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे की जगह कोई आम इंसान होता तो पुलिस उठा ले जाती. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने सीएम योगी की ओर से सपा सरकार पर लगाए गए आतंकियों को रिहा करने, दंगाइयों को अपने आवास पर बुलाकर सम्मानित करने के बयान पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की.
उन्होंने गुजरात में जाली नोट के कारोबार का आरोप लगाया. राजभर ने नवाब मलिक का समर्थन करते हुए कहा कि उनको जानकारी है, तभी वे बोल रहे हैं. उनके पास साक्ष्य भी होंगे.
बगल में बैठाकर गाली दिलवाती है बीजेपी
निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉक्टर संजय निषाद के बयान कि राम राजा दशरथ के पुत्र नहीं थे, बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था कि क्या संजय निषाद की मां दाई थीं. इसे लेकर ओपी राजभर ने कहा कि योगी, मोदी और हिंदू धर्म के ठेकेदार क्या कर रहे हैं. योगी, मोदी और बीजेपी क्या उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई करेगी? ये मूल बिंदु से ध्यान भटकाने की साजिश है. संजय निषाद ने अपने समाज में कहा था कि आरक्षण नहीं तो वोट नहीं इसलिए आरक्षण से ध्यान भटकाने के लिए घरेलू बिजली बिल माफ कराने और सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू न हो. इससे ध्यान भटकाने के लिए यह सब बीजेपी बुलवाती है. ये बीजेपी का दोहरा चरित्र है. उन्होंने कहा कि बीजेपी बगल में बैठा कर गाली दिलवाती है और आस्था से उनके साथ रहने वाले व्यक्ति खिलवाड़ करते हैं. इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से आंदोलन करने की चेतावनी को भी ओपी राजभर ने सही बताया.
अभी बच्चे हैं अनिल राजभर
ओम प्रकाश राजभर ने यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में एक ऑफिस खुला है, जिस पर लिखा है दलाल. अभी अनिल राजभर बच्चा है. ओम प्रकाश राजभर, अनिल राजभर के उस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि अमित शाह की वजह से एक बार ओमप्रकाश राजभर को हल्दी लग गई. अब वे (ओम प्रकाश राजभर) मुख्तार की दलाली करें और घर पर बैठ जाएं. राजभर ने शिवपाल सिंह यादव के बयान पर कि अखिलेश यादव जो भी फैसला लेना है, जल्दी लें. इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भागीदारी संकल्प मोर्चा के घटक दलों को साथ लाने की कोशिश है.
सीएम योगी पर किया कटाक्ष
ओम प्रकाश राजभर ने पलायन के बाद कैराना लौटे लोगों के मसले को लेकर सीएम योगी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बीजेपी के इशारे पर गाड़ी दी जाती है. उनको उसी गाड़ी में बैठाकर आगे ले जाते हैं और थोड़ा दूर जाकर फिर उतार लेते हैं. ये ड्रामा पार्टी है.