
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है. इसमें उत्तर प्रदेश की सियासी लड़ाई पर सबकी नजरें हैं. यूपी में एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मैदान में उतर चुके हैं, वहीं समाजवादी पार्टी विजय रथ यात्रा के जरिए पूरे प्रदेश अपनी पैठ मजबूत करने में जुटी हुई है. कांग्रेस व अन्य दल भी यूपी चुनाव में अपनी ताल ठोक रहे हैं.
इस चुनावी सरगर्मी के बीच आजतक का खास कार्यक्रम 'पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज' शुरू हो चुका है. इस खास कार्यक्रम में आंकड़े के जरिए आप समझ सकते हैं कि यूपी चुनाव में मोदी फैक्टर कितना अहम है. बीजेपी की बात करें तो पार्टी हर चुनाव से पहले पीएम मोदी के भरोसे ही दिखाई देती है, लेकिन पीएम की लोकप्रियता के पीछे आंकड़े क्या कहते हैं, ये भी समझना जरूरी है.
UP में Modi के नाम पर कितना मिलेगा वोट? आंकड़ों के दूरबीन से देखें
— AajTak (@aajtak) December 18, 2021
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हम आपको देश में PM मोदी की लोकप्रियता के आंकड़े 2014 से 2019 के बीच बता रहे हैं. उनकी लोकप्रियता साल दर साल बढ़ी है. 2014 (जनवरी) में पीएम की लोकप्रियता 35 फीसदी, 2014 मई में 36 फीसदी, 2019( जनवरी) में 45 फीसदी और मई 2019 में 47 फीसदी रही.
वहीं, यूपी में पीएम की लोकप्रियता की बात करें तो 2014 (जनवरी) में 34 फीसदी, मई 2014 में 42 फीसदी, 2019 (जनवरी) 47 फीसदी और मई 2019 में भी 47 फीसदी रही. ऐसे में अब देखना है कि आगामी चुनाव में उनकी लोकप्रियता का बीजेपी को कितना फायदा होता है.
2017 यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को वोट देने वालों की बात की जाए तो पार्टी के नाम पर 47 फीसदी, पीएम मोदी के नाम पर 26 फीसदी, उम्मीदवार के नाम पर 8 फीसदी, अन्य वजहों से 10 फीसदी लोगों ने वोट दिया, जबकि 7 फीसदी लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया. वहीं, लोकसभा चुनाव में PM मोदी के नाम पर वोट देने वाले देश में 32 फीसदी और यूपी में 26 फीसदी लोग थे.
मोदी के नाम पर 30% पुरुष ने वोट किया
2017 विधानसभा चुनाव में मोदी के नाम पर 30 फीसदी पुरुष ने वोट किया था, जबकि महिलाओं की बात करें तो 21 फीसदी ने वोट डाला. वहीं, मोदी के नाम पर 27 फीसदी गरीब, 28 फीसदी निम्न वर्ग, 28 फीसदी मथ्य वर्ग और 17 फीसदी अमीर लोगों ने वोट किया था.
2017 के चुनाव में 33 फीसदी वोटर शहरी थे
मोदी के नाम पर 2017 के चुनाव में 33 फीसदी वोटर शहरी थे, जबकि 24 फीसदी ग्रामीणों ने वोट डाला था. 2012 के चुनाव में यानी मोदी युग से पहले बीजेपी के खाते में महज 47 सीटें आई थी, जबकि मोदी युग यानी 2017 में 312 सीट जीतकर पार्टी ने प्रदेश में परचम लहराया था.
इन राज्यों में नहीं चला मोदी मैजिक
मोदी युग में अन्य राज्यों के चुनावी नतीजों की बात करें तो राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा में सीटों का ग्राफ गिरा था. हालांकि वोट पर्सेंटेज कई राज्यों में बढ़े हैं. बंगाल चुनाव की बात करें तो वहां बीजेपी के सीटों की संख्या बढ़ी है, लेकिन जैसे चुनाव के वक्त दावे किए जा रहे थे, उस तरह का नतीजा नहीं आया.