उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की एक विधानसभा सीट है शहर उत्तरी. प्रदेश की राजनीति में भले ही बाहुबली, आपराधिक छवि वाले नेताओं की बाढ़ देखने को मिली हो लेकिन प्रयागराज की एक सीट ऐसी भी है जहां लोगों ने बाहुबल और आपराधिक छवि वालों को कभी भाव नहीं दिया. प्रयागराज की शहर उत्तरी विधानसभा सीट सबसे अधिक जनसंख्या वाला क्षेत्र है. इलाहाबाद हाईकोर्ट भी इसी इलाके में है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
प्रयागराज की शहर की उत्तरी विधानसभा सीट 1957 में अस्तित्व में आई थी. इस सीट से साल 1962 से 1974 तक कांग्रेस की राजेंद्र कुमार वाजपेयी विधायक रहीं. इसके बाद हुए उपचुनाव में जनता पार्टी के बाबा राम आधार यादव 1977 तक विधायक रहे. 1980 में राजेंद्र कुमारी वाजपेयी के पुत्र अशोक वाजपेयी, 1985 में जनता दल के टिकट पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे अनुग्रह नारायण सिंह विधायक निर्वाचित हुए. 1991 से 2002 तक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के डॉक्टर नरेंद्र सिंह गौर विधायक रहे. प्रयागराज शहर उत्तरी सीट से 2007 में कांग्रेस के टिकट पर अनुग्रह नारायण सिंह विधायक बने.
2017 का जनादेश
प्रयागराज शहर उत्तरी सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर हर्ष वर्धन वाजपेयी विधायक निर्वाचित हुए. हर्ष वर्धन वाजपेयी को 89191 वोट मिले. दूसरे नंबर पर कांग्रेस और सपा गठबंधन से अनुग्रह नारायण सिंह 54166 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के अमित श्रीवास्तव 23388 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे. निर्दलीय चुनाव लड़े पूर्व कमिश्नर बादल चटर्जी को महज 980 वोट से ही संतोष करना पड़ा था.
सामाजिक ताना-बाना
प्रयागराज शहर उत्तरी विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां करीब चार लाख के करीब मतदाता हैं. ये ब्राह्मण बाहुल्य सीट है. प्रयागराज शहर उत्तरी विधानसभा सीट पर कायस्थ और अल्पसंख्यक मतदाता भी चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं. प्रयागराज उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में हर-जाति वर्ग के लोग रहते हैं. इस सीट के वोटर जाति-धर्म के आधार पर वोट नहीं करते. इस क्षेत्र के लोग उम्मीदवार की योग्यता पर वोट करते हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
प्रयागराज शहर उत्तरी विधानसभा सीट से विधायक हर्ष वर्धन वाजपेयी की उम्र 40 साल है. हर्ष वर्धन वाजपेयी ने इंजीनियरिंग और फाइनेंस में मास्टर्स किया है. हर्ष वर्धन वाजपेयी के परिवार में उनकी मां रंजना वाजपेयी, पिता अशोक वाजपेयी और एक बहन है. हर्ष वर्धन वाजपेयी युवाओं में काफी लोकप्रिय हैं. हर्ष वर्धन वाजपेयी ने अपनी विधायक निधि की शत प्रतिशत धनराशि खर्च कर दी है.