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UP Election: 'मैं बागी हूं, गद्दार नहीं', सपा ने सहजनवा सीट से टिकट नहीं दिया तो रो पड़े मनोज यादव, कांग्रेस में हो सकते हैं शामिल

UP Election: मनोज यादव कांग्रेस पार्टी का दामन थाम सकते हैं. आज तक से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनसे संपर्क किया है. आज वो कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. वहीं, इस हॉट से मनोज यादव दावेदारी पेश करते हैं तो लड़ाई रोचक हो जाएगी.

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मनोज यादव (सहजनवा विधानसभा सीट)
मनोज यादव (सहजनवा विधानसभा सीट)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सहजनवा सीट से टिकट मांग रहे थे मनोज यादव
  • मनोज के बागी तेवर से रोचक हुई सीट पर लड़ाई
  • कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं मनोज यादव

उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल की सहजनवा विधानसभा सीट (Sahjanwa Assembly Seat) सुर्खियों में है. यहां टिकट बंटवारे के बाद समाजवादी पार्टी में जोरदार घमासान मचा हुआ है. मुलायम सिंह यादव के करीबी और अखिलेश सरकार में मंत्री रहे सपा के वरिष्ठ नेता जगदीश यादव के बेटे मनोज यादव ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. दरअसल, सहजनवा सीट से मनोज यादव टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन ऐन वक्त पर उनका पत्ता कट गया. उनकी जगह समाजवादी पार्टी ने यशपाल रावत को मैदान में उतारा है. 

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अखिलेश ने किया था टिकट देने का वादा: मनोज यादव

वहीं, टिकट कटने के बाद बागी हुए सपा नेता मनोज यादव मंगलवार को एक जनसभा में भावुक होकर रो पड़े. उन्होंने कहा कि 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान भी मुझे अखिलेश यादव ने टिकट देने का वादा किया था, लेकिन मुझे टिकट नहीं मिला. उस वक्त मैंने संतोष किया और निर्दलीय बनकर चुनाव नहीं लड़ा. आज ये आंसू इसलिए छलका है क्योंकि मैं बागी हूं, गद्दार नहीं. मैं गद्दारी नहीं कर सकता. गद्दार वो हैं जो एक दल में रहकर दूसरे दल की मदद करें, पार्टी की पीठ में छुरा भोंके, धन-दौलत के लिए दूसरी पार्टी से जुड़े रहें. जब तक समाजवादी पार्टी में रहा हूं तब तक ईमानदारी के साथ रहा हूं. अगर कोई कह दे कि पार्टी से गद्दारी की है तो चुनाव नहीं लड़ूंगा. 

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अब इससे ज्यादा क्या कर सकता हूं?

आगे मनोज यादव ने कहा कि मेरे पिता 48 साल से समाजवादी पार्टी के साथ जुड़े हैं, लेकिन कभी उन्होंने धोखेबाजी-गद्दारी नहीं की. मैं पढ़ाई के दौरान से ही समाजवादी पार्टी को सेवा दे रहा था. साल 2000 में सक्रिय राजनीतिक में आया. आज 22 साल से पार्टी की सेवा कर रहा हूं, अब इससे ज्यादा क्या कर सकता हूं? मैं अखिलेश यादव और नेता जी का सम्मान करता हूं, मैं वो व्यक्ति नहीं हूं जो नेता जी और अखिलेश यादव को गाली दूं. इसी सहजनवा में समाजवादी पार्टी के लोग ऐसा किए हैं, लेकिन मैं ऐसा कभी नहीं करूंगा. 

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान चर्चाओं में आए थे मनोज यादव

मनोज यादव अपने विधानसभा क्षेत्र में उस वक्त चर्चाओं में आए थे जब कोरोना की दूसरी लहर पीक पर थी. इस दौरान मनोज यादव के कामों की चर्चाएं खूब हो रही थीं. सोशल मीडिया पर भी कई वीडियो उनके देखे गए थे. समाजवादी पार्टी की रथ यात्रा के दौरान भी मनोज यादव काफी एक्टिव थे, अखिलेश यादव के रथ में भी उन्हें देखा गया था. इसके बाद से माना जा रहा था कि मनोज यादव ही समाजवादी पार्टी के मजबूत दावेदार हैं, लेकिन ऐन टाइम पर खेल बदल गया. 

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रोचक हो जाएगी सहजनवा सीट पर लड़ाई 

मनोज यादव कांग्रेस पार्टी का दामन थाम सकते हैं. आजतक से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनसे संपर्क किया है. आज वो कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. वहीं, इस हॉट से मनोज यादव दावेदारी पेश करते हैं तो लड़ाई रोचक हो जाएगी. बीजेपी ने भी यहां अपने सिटिंग विधायक शीतल पांडे का टिकट काट दिया है. बीजेपी ने प्रदीप शुक्ला को मैदान में उतारा है. प्रदीप शुक्ला सीएम योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबी माने जाते हैं. वहीं, बसपा से सुधीर सिंह ताल ठोक रहे हैं.  

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