Panchayat Aaj Tak Uttar Pradesh 2021: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) को लेकर राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है. उससे पहले यूपी चुनाव को लेकर आजतक की एक बड़ी 'चुनावी महाबैठक' हो रही है. इसमें बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने शिरकत किया.
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने राम मंदिर के शिलान्यास को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह भूमि पूजन नहीं ईंट पूजन था, वह भी उस समय हुआ, जब साधु-संत कह रहे थे कि यह घड़ी शुभ नहीं है, अभी तक नींव का काम पूरा नहीं हुआ है.
पंचायत आजतक यूपी 2021 की लाइव कवरेज यहां पढ़िए
बसपा की ओर से भव्य राम मंदिर बनाने के ऐलान पर बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि फैसला आए आज डेढ़ साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक नींव का काम पूरा नहीं हुआ, पहले कह रहे थे कि एक साल में बना लेंगे, असल में इनके (बीजेपी) अंदर मंदिर बनाने की इच्छा ही नहीं है, मंदिर बसपा की ओर से बनाया जाएगा.
राम मंदिर को लेकर बीजेपी पर निशाना
सतीश चंद्र मिश्र ने कहा, 'बीजेपी ने ब्राह्मण समाज का वोट धर्म के नाम पर लिया था. मैं चाहता हूं कि लोग अयोध्या जाएं. इस समय अयोध्या के बारे में बड़ी-बड़ी बातें हो रही हैं. लोगों को देखना चाहिए कि क्या विकास हुआ है. वहां पर शिविर के अंदर चलना मुश्किल हो जाता है. बीजेपी कहती है कि हमने दस हजार करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं.'
सतीश चंद्र मिश्र ने कहा, 'साल 1993 से लेकर अब तक इकट्ठे किए गए चंदे का हिसाब हमने मांगा है, लेकिन मिल नहीं रहा. हमने खुले मंच से कहा कि आपने भगवान श्री राम के नाम पर अभी तक रुपया इकट्ठा किया है. यहां तक कि विदेशों से डॉलर में भी चंदा इकट्ठा किया गया. ऐसे में चंदे का हिसाब देने में क्यों हिचक रहे हैं.'
10 हजार करोड़ इकट्ठा कर लिया, लेकिन कुछ न हो रहा है
सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट का अयोध्या पर फैसला आए हुए डेढ़ साल हो गए हैं और उसके बाद बीजेपी ने झोला लेकर देश में लोगों को भेज दिया कि राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा करके आओ. उसके बाद दस हजार करोड़ रुपये इकट्ठा कर लिए गए, लेकिन जब मैं अयोध्या गया तो वहां न तो राम मंदिर बन रहा है और न कुछ हो रहा है.'
सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा, 'पिछले साल चार ईंटों का पूजन किया गया था, जब संतों-महात्माओं ने कहा था कि इस दिन मत करिए क्योंकि यह दिन शुभ नहीं है, लेकिन फिर भी पांच अगस्त का दिन चुना गया. अभी तक उस जगह पर क्या हो रहा है. पहले कहते थे कि एक साल में मंदिर बना देंगे और अब डेढ़ साल पूरे हो गए हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ.'