बेरोजगारी, तेल की बढ़ती कीमतों, किसान कानून और अन्य कई मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने आज केंद्र और योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ साइकिल यात्रा निकाली. इस विरोध-प्रदर्शन की कमान खुद अखिलेश यादव ने संभाली. वह लखनऊ में पार्टी हेडक्वॉर्टर से अपनी साइकिल पर निकले और जनेश्वर मिश्रा पार्क की तरफ बढ़े. उनकी पत्नी डिंपल यादव ने साइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाई, जो उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के तहसील स्तर तक निकाली जाएगी.
अखिलेश यादव ने साइकिल यात्रा ने पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हम यूपी को नई दिशा देना चाहते हैं. साथ ही साथ आज उन लोगों को भी याद करते हैं जो कोरोना की वजह से नहीं रहे. यह सरकार की विफलता थी. बड़ी संख्या में लोग मारे गए
यह सरकार हर चीज में नाकाम रही. ऑक्सीजन तक उपलब्ध नहीं करवा पाए. जनता में नाराज़गी है. आने वाले समय में हो सकता है एसपी को 400 सीट भी जितवा दे. आज ऐसी स्थिति ऐसी है कि बीजेपी के पास प्रत्याशी कम पड़ेंगे. यह लोग चुनाव आते-आते अपराधियों के कितना करीब पहुंच गए.
अखिलेश ने आरोप लगाते हुए कहा, बीजेपी ने अभी तक अपना मैनिफेस्टो नहीं खोला है. यह लोग मनी फेस्टो बनाते हैं जैसे जैसे चुनाव आ रहा इन्हें दलित और मुस्लिम याद आ रहे. इनके लिए कोई काम नहीं किया सिवाय जेल भेजने के. चुनाव के समय करीब आना चाहते हैं.
अखिलेश ने कहा, बीजेपी की काम करने की संस्कृति नहीं रही है. सपा के काम का उद्घाटन नाम बदलकर किया जा रहा है. उन्हीं का फीता काट रहे और अपराधियों का स्वागत कर रहे हैं. पंचायत चुनाव में अध्यापकों की बलि देने में बीजेपी नंबर वन, रोजगार मांगने वाले नौजवानों पर लाठी चलाने वालों में नंबर वन. विभिन्न लोगों को जेल में डालने में नंबर वन. विशेष धर्म पर अत्याचार करने में नंबर वन है. अखिलेश ने कहा कि हमारे सीएम को लैपटॉप चलाना नहीं आता इसलिए नहीं बांटा. किसानों की आय दोगुनी करने की बात की थी पर कुछ भी नहीं हुआ. बीजेपी को ये बताना चाहिए. आज भी गन्ना मूल्य बकाया है. जनता की ही जासूसी कर रहे हैं. अखिलेश ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली पुरुष हॉकी टीम को भी बधाई दी. पूर्व सीएम ने कहा, हम जनेश्वर जी को याद करेंगे और उनके पार्क तक जाएंगे. जनेश्वर मिश्र ने हमेशा समाजवादी को आगे बढ़ाया. उन्होंने सामने खड़े होकर संकटों का सामना किया.