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पंचायत आजतक 2021: बीजेपी का नया प्लान, क्या सपा की जड़ें खोदने में लगे हैं स्वतंत्र देव सिंह?

पंचायत आज तक के मंच से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने एक ऐसी बात कही जिससे बीजेपी के एक खास प्लान के कयास लगाए जा सकते हैं. बीजेपी अपने विरोधियों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए अपने काउंटर प्लान बना रही है ऐसा साफ नजर आ रहा है.

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स्वतंत्र देव सिंह
स्वतंत्र देव सिंह
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूपी चुनाव के लिए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष का प्लान
  • कहा- यादव वोटर भी हमारे साथ जुड़ेगा

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिए राज्य में सभी पार्टियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. आजतक ने शुक्रवार 06 अगस्‍त को 'पंचायत आजतक' का आयोजन किया जिसमें बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी शिरकत की.

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पंचायत आज तक के मंच से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने एक ऐसी बात कही जिससे बीजेपी के एक खास प्लान के कयास लगाए जा सकते हैं. बीजेपी अपने विरोधियों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए अपने काउंटर प्लान बना रही है ऐसा साफ नजर आ रहा है.

उत्तर प्रदेश के चुनावों में जातियां काफी हावी रहती हैं इसीलिए उनके सेशन 'संगठन कितना मजबूत' में जब पूछा गया कि पिछले तीन चुनावों में गैर यादव छोड़कर अन्य ओबीसी जातियों ने काफी हद तक बीजेपी को वोट किया लेकिन इस बार बीजेपी ने ऐसा क्या किया है कि ये जातियां एक बार फिर बीजेपी से जुड़ जाएं? इस सवाल के जवाब में स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि इस बार यादव भी उनको वोट नहीं देने वाला है, बाकी जातियां तो मेरे साथ पूरी खड़ी ही हैं.

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अपनी बात को और अधिक विस्तार देते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पूरी जातियां मेरे साथ खड़ी हैं, यादव के बड़े-बड़े चेहरे हमारे संपर्क में हैं. हम जल्द ही एक बड़ी रैली करके बड़ा काम करने वाले हैं. यादव इस बार बड़े पैमाने पर जुड़ने वाला है. बीजेपी में आज भी यादव बड़े पैमाने पर कार्यकर्ता हैं.

यूपी में जातीय समीकरण 

उत्तर प्रदेश के जातिगत समीकरणों पर नजर डालें तो इस राज्य में सबसे बड़ा वोट बैंक पिछड़ा वर्ग है. यूपी में सवर्ण जातियां 19 फीसदी हैं, जिसमें ब्राह्मण करीब 10 फीसदी, 6 फीसदी राजपूत और बाकी वैश्य, भूमिहार और कायस्थ हैं. पिछड़े वर्ग की संख्या 39 फीसदी है, जिसमें यादव 10 फीसदी, कुर्मी-कुशवाहा, सैथवार 12 फीसदी, जाट 3 फीसदी, मल्लाह 5 फीसदी, विश्वकर्मा 2 फीसदी और अन्य पिछड़ी जातियों की तादाद 7 फीसदी है. इसके अलावा प्रदेश में अनुसूचित जाति 25 फीसदी हैं और मुस्लिम आबादी 18 फीसदी है.

यादव वोट शेयर पर है बीजेपी की नजर

स्वतंत्र देव सिंह के बयान से साफ होता है कि बीजेपी अब ओबीसी कैटेगरी के यादव वोटबैंक, जो कि समाजवादी पार्टी का कोर वोटर माना जाता रहा है, पर नजर गड़ा रही है. एक अनुमान के मुताबिक यूपी के ओबीसी वोट कैटेगरी में यादव वोट शेयर करीब 10 प्रतिशत है. ओबीसी कैटेगरी में सेंध लगाने के बाद बीजेपी की नजर इस 10 प्रतिशत पर है.

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सबकी नजर ब्राह्मण वोट बैंक पर

आपको बता दें कि यूपी में इन दिनों राजनीतिक पार्टियां ब्राह्मण वोटर को अपने पक्ष में लुभाने की हर तरकीब अपना रही हैं. करीब 11 प्रतिशत ब्राह्मण वोट पर बीएसपी की भी नजर है और सपा की भी. कहा जाता है कि यूपी में ब्राह्मण वोट जिस तरफ सरकता है सत्ता की चाभी उसी ओर खिसक जाती है. यही वजह है कि सभी दल ब्राह्मणों को अपने पाले में करने की कोशिशों में लगे हैं.

इसके इतर बीजेपी अपने प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी की जड़ यानि यादव वोट बैंक को अपने पाले में लाने की कोशिशों में जुट गई है. स्वतंत्र देव सिंह के आज के बयान ने बीजेपी के इस नए प्लान की रूपरेखा सामने ला दी है.

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