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पंचायत आजतक 2021: यूपी में सरकार बनाने का सपा-बसपा-बीजेपी-कांग्रेस का दावा, जानें किसमें कितना दम

Panchayat Aaj Tak Uttar Pradesh 2021: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) को लेकर राजनीतिक दलों ने कमर कस लिया है. यूपी चुनाव को लेकर आजतक एक बड़ी 'चुनावी महाबैठक' हुई, जिसमें बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह शामिल हुए.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • बीजेपी को दोबारा से सरकार में आने का विश्वास
  • कांग्रेस प्रियंका गांधी के नाम पर लड़ेगी चुनाव
  • सपा ने कहा कि सीएम-पीएम काफी कन्फ्यूज है

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) होने हैं. उससे पहले यूपी चुनाव को लेकर आजतक एक बड़ी 'चुनावी महाबैठक' हुई, जिसमें 'अबकी बार किसकी सरकार' सेशन में योगी सरकार में मंत्री मोहसिन रजा, सपा नेता इंद्रजीत सरोज, प्रदेश कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा और बसपा नेता उमाशंकर सिंह शामिल हुए. इस दौरान चारो नेताओं को बीच जमकर बहस हुई और सभी सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं. 

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बीजेपी हमेशा चुनावी मोड में रहती है

मोहसिन रजा ने कहा कि हम चुनावी मोड से बाहर नहीं हुए. हम परिवार के लिए काम नहीं करते हैं. हम सरकार एक बार फिर जरूर बनाएंगे, इसमें कोई संदेह नहीं. ये तो विपक्ष को सोचना चाहिए कि वे क्या कहकर सरकार में वापस आना चाहते हैं. सीएम योगी के समय में तुरंत कार्रवाई हुई है. सभी को न्याय मिला है. प्रदेश की जनता ईमानदारी से निर्णय करेगी तो हमारा सत्ता में आना तय है.

मोहसिन रजा ने कहा कि वैक्सीन के मामले में विपक्ष के नेताओं ने गुमराह किया है. कहा कि भाजपा की वैक्सीन है. दूसरी लहर के दौरान भ्रम फैलाया गया. सपा प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा था कि हम बीजेपी की वैक्सीन नहीं लगवाएंगे. लेकिन उनके पिता ने ही उन्हें संदेश दे दिया था कि वैक्सीन लगवा लीजिए.

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कोरोना काल में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा काम किया

कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि हम तीन दशक से सत्ता से बाहर रहे हैं, लेकिन कोरोना काल में जितना काम प्रियंका गांधी के मार्गदर्शन में किया. कोरोना काल में जो अव्यवस्था रही है, उसे कोई नहीं भूला. लखनऊ में लोगों ने आक्सीजन की किल्लत के चलते लोगों को दम तोड़ते देखा है. गंगा में लाशें दफनाते हुए देखा गया. सरकार ने किसी तरह की कोई संवेदना नहीं दिखाई. मुझे पूरा विश्वास है कि 2022 में कांग्रेस मजबूत बनकर उभरेगी.

आराधना मिश्रा ने कहा कि प्रियंका गांधी यूपी में पूरी तरह सक्रिय हैं. पश्चिम यूपी में उन्होंने लगातार रैली की है. किसानों के मुद्दे को उन्होंने उठाया है. सिर्फ लखनऊ आने से कुछ नहीं होता है. कोरोना काल में भी उन्होंने जूम मीटिंग के जरिए लगातार संपर्क स्थापित किया था. 

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उन्होंने कहा कि कोरोना काल में योगी सरकार ने कुछ नहीं किया. सड़कों पर लोगों ने ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ा है. गंगा में लाशों को तैरते देखा गया है. आपदा बड़ी हो सकती है, लेकिन सरकार को संवेदनशील तो होना ही चाहिए. तथ्यों को नकारना यूपी की जनता के साथ सबसे बड़ा धोखा है. बीजेपी को कभी माफ नहीं किया जाएगा.

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कोरोना में योगी-मोदी बंगाल में व्यस्त थे

वहीं, सपा महासचिव इंद्रजीत सरोज ने कहा कि कोरोना के दौरान कई लोगों ने जान गंवाई है. सीएम योगी ने मुश्किल समय में प्रदेश में समय नहीं बिताया. वे बंगाल चले गए थे. पीएम मोदी को भी वाराणसी में होना चाहिए था. लेकिन उन्होंने भी चुनाव को प्राथमिकता दी. हम इन्हीं मुद्दों पर जनता के बीच जाएंगे और चुनाव जीतेंगे. 

इंद्रजीत सरोज ने कहा कि योगी सरकार पूरी तरह फेल रही है. विदेशों में वैक्सीन बांट दी है, यहां के लोगों के लिए कुछ नहीं रहा. मेरे पास आंकड़े हैं कि 24 प्रतिशत लोगों को यूपी में वैक्सीन लगी है. दिल्ली में 46 प्रतिशत को लग गई है. कैसे कह सकते हैं कि वैक्सीन का काम तेजी से हो रहा है.

मायावती सरकार में कानून व्यवस्था सबसे बेहतर रही

बसपा नेता उमाशंकर सिंह ने कहा कि यूपी में सबसे ज्यादा विकास मायावती जी ने किया है. लखनऊ का विकास इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. कानून व्यवस्था के मामले में भी मायावती काफी आगे रही हैं. जब राम मंदिर पर हाई कोर्ट का फैसला आ रहा था, तब सभी राज्यों ने बंदी की थी, लेकिन मायावती ने स्पष्ट कहा था कि सभी को फैसला मानना पड़ेगा. कहीं कोई अराजकता नहीं हुई. हमें तो तीनों सरकार के कार्यकाल की तुलना करनी चाहिए, साफ हो जाएगा कि गलत फहमी की वजह से हम सत्ता से चले गए थे.

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पीएम-सीएम कंफ्यूज हैं-सपा

इंद्रजीत ने कहा कि बीजेपी कंफ्यूज पार्टी है, सीएम कंफ्यूज हैं, पीएम कंफ्यूज हैं. कभी 15 लाख देने का वादा करते हैं, 70 लाख नौकरी देने की बात कहते हैं, लेकिन करते कुछ नहीं हैं. सिर्फ जुमले आते रहते हैं, काम कुछ नहीं होता. अखिलेश के समय में काम होता था. आगरा एक्सप्रेस वे ले लीजिए, पूर्वांचल एक्सप्रेस ले लीजिए, पता चल जाएगा कि विकास किसे कहते हैं.

वहीं, मोहसिन रजा ने कहा कि विपक्ष पूछ रहा है कि हमने कोरोना काल में क्या किया है. कई अस्पताल बना दिए. करोड़ों लोगों को वैक्सीन लगा दी. योगी के कार्यकाल में यूपी का पूरा स्वरूप बदल गया है. अब सबका साथ सबका विकास पर राजनीति चलती है. विपक्ष ने सिर्फ टोपी पहनाई है. अल्पसंख्यकों को ठगा गया है, हमारी सरकार ने इस समुदाय को घर दिया है, चूल्हा दिया है, पढ़ने के लिए किताब दी है. पिछली सरकारों ने इन्हें सिर्फ अपराधी बनाया था. लेकिन अब ऐसा नहीं है. मदरसों को आधुनिक बनाया जा रहा है. हर वो कदम उठाया जा रहा है जिससे सभी का समान विकास हो सके.

इंद्रजीत सरोज ने कहा कि बीजेपी वाले चूल्हा देने की बात कर रहे हैं. ये तो बताइए कि इन लोगों ने एलपीजी का रेट कितना बढ़ा दिया है. महंगाई के मुद्दे पर ये लोग सिर्फ आंखे बंद कर रहे हैं. आम आदमी की जेब में डाका डाला जा रहा है.

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प्रियंका सीएम चेहरा होंगी ?
आराधना मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस कभी भी पहले चेहरा प्रोजेक्ट नहीं करती है. समय आने पर फैसला लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले उज्जवला की बात करते हैं, लेकिन जब एलपीजी 900 रुपये की आती है, तो उस वजह से भी महिलाओं की आंखों से आंसू निकलते हैं. क्या मोदी जी वो आंसू पहुंचेंगे.


सपा अकेले चुनाव लड़ेगी

इंद्रजीत ने कहा कि यूपी में सिर्फ समाजवादी पार्टी ही बीजेपी से लड़ रही है. हम लोग 350 से ज्यादा सीटें जीत जाएंगे. एक बार बीजेपी वाले लखनऊ से बाहर निकले, इन्हें सच्चाई दिख जाएगी. पता चल जाएगा कि कितने शौचालय इस्तेमाल हो रहे हैं, कितने घरों में गैस है.

बसपा नेता उमाशंकर सिंह ने कहा कि जब मायावती बीजेपी के साथ गठबंधन में थी, तब मायावती ने कुर्बानी दी थी अपनी मुख्यमंत्री कुर्सी की. सच तो ये है कांग्रेस का बीजेपी के साथ समझौता चल रहा है. बीजेपी वालों ने कितनों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, लेकिन किसी को जेल नहीं भेजा. वहीं, मोहसिन रजा ने कहा कि  प्रदेश की जनता जानती है कि ये तमाम लोग सिर्फ परिवारवाद की राजनीति करते हैं. आपस में लड़ते हैं और जनता का विकास भूल जाते हैं.
 

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