केशव प्रसाद मौर्य सिराथू सीट से चुनाव हार गए हैं. सपा की पल्लवी पटेल ने इस सीट से जीत हासिल की. पल्लवी पटेल को कुल 106278 वोट हासिल हुए. वहीं, केशव प्रसाद मौर्य को 98941 वोट मिले. पहले राउंड में केशव मौर्य ने 870 वोटों के साथ बढ़त बनाई थी. फिर दूसरे राउंड की मतगणना में केशव मौर्य को 2953 और सपा की पल्लवी को 4278 मत मिले. इस राउंड से पल्लवी ने केशव को पीछे छोड़ा. इसी तरह दूसरे से लेकर आखिरी राउंड तक पल्लवी ने अपनी बढ़त बनाए रखी और 33वें चरण में गिनती जब पूरी हुई तो पल्लवी ने यह बाजी मार ली और केशव 7337 वोटों से हार गए.
ऐन वक्त पर सिराथू में हुई थी पल्लवी की एंट्री
दरअसल, सिराथू में केशव प्रसाद मौर्य को घेरने के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव शुरू होने से दो हफ्ते पहले पल्लवी पटेल को प्रत्याशी बनाया. शुरुआती आनाकानी के बाद पल्लवी पटेल मैदान में उतर तो चुकी थीं, लेकिन उनकी जीत की डगर इतनी आसान नजर नहीं थी. इसकी सबसे बड़ी वजह ऐन वक्त पर मैदान में उतरना था.
ऐसे पल्लवी ने मारा मैदान
पल्लवी पटेल ने बेरोजगारी के मुद्दे को हवा दी. खुद को कौशांबी की बहू बताकर माहौल बनाया. महिलाओं के बीच भी पैठ बनायी. इसके साथ ही आवारा पशु जैसे मुद्दे को उठाया. पल्लवी पटेल के पक्ष में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव से लेकर राज्यसभा सदस्य जया बच्चन तक ने प्रचार किया.
बता दें कि बीजेपी से गठबंधन वालीं अनुप्रिया पटेल पल्लवी पटेल की सगी बहन हैं. उनके पिता सोनेलाल यूपी के बड़े नेता थे और मायावती के करीबी माने जाते थे. उन्होंने ही अपना दल की स्थापना की थी. 2009 में सोनेलाल के निधन के बाद उनकी पत्नी कृष्णा पटेल ने पार्टी की कमान संभाली.
2014 में मिर्जापुर से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद अनुप्रिया पटेल ने बगावत कर दी. जिसके बाद अनुप्रिया पटेल और उनके पति आशीष सिंह को पार्टी से निकाल दिया गया था. इसके बाद दिसंबर 2016 में अनुप्रिया पटेल ने एक नई पार्टी अपना दल (सोनेलाल) बनाई. दूसरा गुट कृष्णा पटेल का है, जिसकी कमान कृष्णा पटेल और उनकी बेटी पल्लवी पटेल के पास है.