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UP Election: गठबंधन पर ओपी राजभर बोले- सपा, बसपा और कांग्रेस पहली पसंद, ओवैसी अब भी साथ

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और भागीदारी संकल्प मोर्चा के संयोजक ओमप्रकाश राजभर की बीते दिनों लखनऊ में यूपी बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात काफी चर्चा में है. हालांकि एक बार फिर उन्होंने साफ किया कि वह भाजपा के साथ नहीं है और यह भी स्पष्ट किया कि असदुद्दीन ओवैसी अभी भी उनके साथ हैं.

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SBSP प्रमुख ओम प्रकाश राजभर.
SBSP प्रमुख ओम प्रकाश राजभर.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जेपी नड्डा और सीएम योगी पर साधा निशाना
  • स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात को बताया शिष्टाचार भेंट
  • कोरोना काल में बढ़ी बीजेपी नेताओं की संपत्ति- राजभर

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और भागीदारी संकल्प मोर्चा के संयोजक ओमप्रकाश राजभर की बीते दिनों लखनऊ में यूपी बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात काफी चर्चा में है. हालांकि एक बार फिर उन्होंने साफ किया कि वह भाजपा के साथ नहीं हैं और यह भी स्पष्ट किया कि असदुद्दीन ओवैसी अभी भी उनके साथ हैं.

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उन्होंने विपक्षी दलों के साथ गठजोड़ में भी अपनी इच्छा सबसे पहले सपा और बसपा और अंत में कांग्रेस के लिए जाहिर की. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के बड़े नेताओं की संपत्ति कोरोना काल के दौरान बढ़ी है और 20700 करोड़ रुपये स्विस बैंक में जमा भी किए गए हैं.

पेगासस के मामले में उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान का भी समर्थन किया जिसमें राहुल गांधी ने कहा है कि देश के सभी लोगों की जासूसी हो रही है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के यूपी दौरे पर उन्होंने कहा कि एक ओर बाढ़ से लोग त्रस्त हैं और दूसरी ओर जेपी नड्डा वोट मांगने में लगे हुए हैं.

ऐसे नेताओं को जनता नाव में बैठा कर पानी में डुबा देगी. उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को भी चुनौती दी कि अगर हिम्मत है तो उनके यहां बुल्डोजर चला कर दिखाएं. 2022 के बाद योगी आदित्यनाथ अपना बुल्डोजर गोरखपुर लेकर चले जाएंगे. उन्होंने किसान आंदोलन के सवाल के जवाब में कहा कि 90 प्रतिशत किसान भाजपा के खिलाफ हैं.

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राहुल गांधी के बयान का किया समर्थन

ओमप्रकाश राजभर ने वाराणसी के सर्किट हाउस में मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि उनका दरवाजा भाजपा को छोड़कर सभी पार्टियों के लिए खुला है, जिसमें प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले सपा, बसपा और फिर कांग्रेस है.

राहुल गांधी के पेगासस के जरिए भाजपा पूरे देश की जनता की जासूसी करा रही है के बयान पर उन्होंने कहा कि भाजपा अपने सभी विपक्षी दलों के नेताओं की जासूसी कराती है. राहुल गांधी जो कह रहे हैं, मैं उसका समर्थन कर रहा हूं. वह सही कह रहे हैं. उन्होंने बताया है कि वह खुद ज्यादातर बटन वाला मोबाइल यूज़ करते हैं. उन्होंने बताया कि मुझे किसी से डर नहीं लगता. मुझसे बड़ा कोई गुंडा नहीं है. डरे वह जो कमजोर है.

बीजेपी नेताओं की बढ़ रही संपत्ति

सोनिया गांधी की संपत्ति 12 वर्षों में 15 गुना हो जाने के सवाल के जवाब में ओपी राजभर ने कहा कि मोहन भागवत, मोदी और भारतीय जनता पार्टी के बड़े-बड़े नेताओं का स्विस बैंक में पैसा 20700 करोड़ से ऊपर बढ़ चुका है.

कोरोना में लोग दवाई के लिए मर रहे थे और ऑक्सीजन वेंटिलेटर के लिए मर रहे थे और भारतीय जनता पार्टी के लोग स्विस बैंक में अपना पैसा बढ़ा रहे थे. यह पैसा कहां से आया है? पैसा सोनिया-राहुल मुलायम का दिखाई देगा, लेकिन भारतीय जनता पार्टी का नहीं दिखाई पड़ेगा.

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कोरोना के दौरान बीजेपी के लोगों ने 20700 करोड़ रुपये स्विस बैंक में जमा किया है. मोदी जी ने कहा था कि सारा काला धन विदेशों में जमा किया हुआ ले आएंगे. अब जब कांग्रेस सत्ता में नहीं है तो कहां से कांग्रेस जमा कर रही है? सपा बसपा भी नहीं है तो कौन जमा कर रहा है, साफ है कि भाजपा ही जमा कर रही है.

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जेपी नड्डा पर साधा निशाना

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के दो दिवसीय दौरे के सवाल के जवाब में ओपी राजभर ने कहा कि यहां देश और प्रदेश में लोग बाढ़ से त्रस्त हैं और जेपी नड्डा जी वोट के लिए त्रस्त हैं. यह सपोर्ट जुटा रहे हैं और बाढ़ में मरने के लिए लोगों को छोड़ दिए है.

जनता इंतजार कर रही है ऐसे नेताओं को जनता नाव में बैठाकर इनको पानी में डुबो देगी. अखिलेश यादव इस बार 400 सीटें जीत रहे हैं वाले बयान पर ओपी राजभर ने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं और उनके लोग इस तरह की बातें उनको बता रहे हैं तो वह जीत रहे होंगे.

यूपी बीजेपी अध्यक्ष से मुलाकात पर दिया जवाब

भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से लखनऊ में हुई मुलाकात को उन्होंने शिष्टाचार मुलाकात बताया. उन्होंने कहा कि हम जब मंत्री थे तो वह भी मंत्री थे. अक्सर बराबर मिलते रहे. उसके बाद वह प्रदेश अध्यक्ष बना दिए गए. यह हमारी और उनकी अध्यक्ष बनने के बाद चौथी मुलाकात है. उसके पीछे कोई पॉलिटिकल बात नहीं है. कभी दिन में तो कभी रात में जाते हैं उनसे मिलने ताकि किसी को पता ना चले, लेकिन बात लीक हो गई.

ओपी राजभर ने बताया कि स्वतंत्र देव सिंह ने मुलाकात के दौरान कहा था कि अगर आप हमारी पार्टी से समझौता कर लेते हैं तो हम आसानी से सरकार बना लेते. इसके जवाब में ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि जिन चीजों को लेकर आपकी पार्टी से समझौता हुआ था उसपर काम नहीं किया गया तो अब किस आधार पर आगे की बात की जाए? इसलिए अब समझौता हो पाना संभव नहीं है.

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स्वतंत्र से मुलाकात करने के बाद ओवैसी को किया था फोन

उन्होंने बताया कि स्वतंत्र से मुलाकात करने के बाद असदुद्दीन ओवैसी को फोन किया था और हमने बताया कि यह शिष्टाचार मुलाकात थी, जिस पर उनको कोई आपत्ति नहीं हुई. ओपी राजभर ने कहा कि ओवैसी अभी भी उनके साथ हैं और मोर्चे में शामिल है.

हम बीजेपी में जा ही नहीं रहे हैं तो नाराजगी किस बात की होगी. एआईएमआईएम के प्रवक्ता के द्वारा यह बयान देना कि ओमप्रकाश राजभर का भाजपा से जुड़ने की अटकलें आ रही हैं के जवाब में ओपी राजभर ने कहा कि यह उनकी नासमझी है. संसद में जहां सभी एक दूसरे के साथ रहते हैं तो वहां से उनको बू क्यों नहीं आती है?

बीजेपी से नाराज हैं 90 प्रतिशत किसान

आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को किसान आंदोलन कितना नुकसान पहुंचा सकता है और अन्य विपक्षी पार्टियों को कितना फायदा दे सकता है के सवाल पर उन्होंने कहा कि 90% किसान भाजपा के खिलाफ हैं. 10 प्रतिशत मजदूर किसान को पता ही नहीं है और वह इधर-उधर के चक्कर काट रहे हैं. 90 प्रतिशत किसान भारतीय जनता पार्टी के 3 काले कानूनों के खिलाफ हैं.

 

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