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'जिनका नाम इतिहास में नहीं होता, वही इतिहास बदलना चाहते हैं,' अखिलेश ने लिया अमर जवान की लौ जलाने का संकल्प

अखिलेश यादव ने रविवार को ट्वीट किया, सब अपने स्तर पर एक ज्योति जलाएं, मिलकर एक देश की एक आवाज उठाएं. 26 जनवरी को संकल्प उठाएंगे, अमर जवान ज्योति फिर से जलाएंगे.

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अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अखिलेश बोले- 26 जनवरी को संकल्प उठाएंगे
  • राहुल ने कहा था, शहीद हवानों के लिए अमर जवान ज्योति फिर जलाएंगे

अमर जवान ज्योति का नेशनल वॉर मेमोरियल में विलय करने को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब इसे लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र पर निशाना साधा है. इतना ही नहीं अखिलेश यादव ने इसे फिर से जलाने का भी ऐलान किया है. इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा था कि हम अपने सैनिकों के लिए अमर जवान ज्योति एक बार फिर जलाएंगे. 

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अखिलेश यादव ने रविवार को ट्वीट किया, ‘अमर जवान ज्योति’ की स्मृति में इस बार 26 जनवरी को हम सब अपने-अपने स्तर पर एक ज्योति जलाएं और मिलकर एक देश की एक आवाज़ उठाएं… ‘26 जनवरी को संकल्प उठाएंगे ~ अमर जवान ज्योति फिर से जलाएंगे!’ जिनका नाम देश के इतिहास में नहीं होता, वही इतिहास बदलना चाहते हैं."

 

क्या है मामला?

पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध के 50 साल पूरे होने के मौके पर इंडिया गेट पर जलने वाली अमर जवान ज्योति का शुक्रवार को नेशनल वॉर मेमोरियल में जलने वाली लौ में विलय कर दिया गया. इंडिया गेट पर 1972 में अमर जवान ज्योति का निर्माण हुआ था. इसका निर्माण 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों की याद में किया गया था. लेकिन अब इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति जलती हुई नजर नहीं आएगी. 

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कांग्रेस ने उठाए सवाल

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में अमर जवान ज्योति की लौ को विलय करने के फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाए. राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा था, बहुत दुख की बात है कि हमारे वीर जवानों के लिए जो अमर ज्योति जलती थी, उसे आज बुझा दिया जाएगा. कुछ लोग देशप्रेम व बलिदान नहीं समझ सकते, कोई बात नहीं. हम अपने सैनिकों के लिए अमर जवान ज्योति एक बार फिर जलाएंगे!
 
सरकार ने दिया जवाब

इस फैसले को लेकर सरकार का कहना था कि अमर जवान ज्योति की लौ ने 1971 और अन्य युद्धों के शहीदों को श्रद्धांजलि दी, लेकिन उनका कोई नाम वहां मौजूद नहीं है. इंडिया गेट पर अंकित नाम केवल उन शहीदों के हैं जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध और एंग्लो-अफगान युद्ध में अंग्रेजों के लिए लड़ाई लड़ी थी. ऐसे में यह हमारे औपनिवेशिक अतीत का प्रतीक हैं. 1971 समेत भारत के सभी युद्धों में शहीद जवानों के नामों को नेशनल वॉर मेमोरियल में शामिल किया गया है. यह हमारे शहीद जवानों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है. 

 

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