दिल्ली में हुई भाजपा (BJP) की बैठक में यूपी के उम्मीदवारों पर मंथन हुआ है. खबर है कि 45 से अधिक सीटिंग MLA के टिकट काटे जा सकते हैं. वहीं भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं का मानना है कि योगी सरकार (Yogi Govt) के खिलाफ जनता में कोई नाराजगी नहीं है, नाराजगी स्थानीय विधायकों से है.
सूत्रों के अनुसार, भाजपा इस बार बड़ी संख्या में विधायकों के टिकट काटने की तैयारी में है. पार्टी की ओर से कहा जा रहा है कि ऐसे विधायक ही इस्तीफा दे रहे हैं, जिन्हें इस बार चुनाव में टिकट न मिलने का डर है. पार्टी के एक बड़े नेता का कहना है कि योगी सरकार से लोगों के मन में कोई भी नाराजगी नहीं है.
बीजेपी का डैमेज कंट्रोल शुरू, मंत्री धर्म सिंह सैनी बोले- बीजेपी में ही रहूंगा
उधर, योगी सरकार में आयुष मंत्री डा. धर्म सिंह सैनी ने समाजवादी पार्टी में शामिल होने की खबरों का खंडन किया है. दरअसल, चर्चा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा नेताओं को भाजपा छोड़ने को तैयार बैठे विधायकों की एक सूची सौंपी है, जिसमें सहारनपुर के भाजपा विधायक और योगी सरकार में आयुष मंत्री डा.धर्म सिंह सैनी का नाम भी बताया जा रहा है. इस पर मंत्री सैनी का कहना है, ''यह खबर गलत है, मैं बीजेपी में ही रहूंगा.''
यह भी पढ़ें: UP Election: भाजपा को लगा झटका, बदायूं के BJP विधायक आरके शर्मा सपा में शामिल
बता दें कि इस समय भारतीय जनता पार्टी में इस्तीफों की झड़ी लगी हुई है. उत्तर प्रदेश में चुनावी घोषणा होने के बाद भाजपा को झटका लगा है. योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली है. इनके अलावा 3 और भी विधायकों ने बीजेपी छोड़ दी है. इनमें बांदा (Banda) जिले की तिंदवारी विधानसभा से विधायक ब्रजेश प्रजापति, शाहजहांपुर की तिलहर सीट से विधायक रोशनलाल वर्मा और कानपुर के बिल्हौर से विधायक भगवती सागर शामिल हैं. खबर है कि इन विधायकों ने स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थन में बीजेपी को छोड़ा है.
वहीं सोमवार को बदायूं की बिल्सी विधानसभा से भाजपा के विधायक पंडित आरके शर्मा ने भाजपा को अलविदा कह दिया था. शर्मा ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा ज्वाइन कर ली थी.
इस्तीफों पर क्या बोले यूपी के डिप्टी सीएम ?
यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने किन कारणों से इस्तीफा दिया है, मैं नहीं जानता हूं. उनसे अपील है कि बैठकर बात करें. जल्दबाजी में लिए हुए फैसले अक्सर गलत साबित होते हैं.