उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां अपने चरम पर हैं और इस पर देश के सभी राजनीतिक पार्टियों की नजर है. यही वजह है कि समाजवादी पार्टी (सपा) गठबंधन के समर्थन में खुद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अध्यक्ष ममता बनर्जी मंगलवार को लखनऊ पहुंचीं. सिर्फ टीएमसी ही नहीं शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) भी सपा के समर्थन में पूरे यूपी का दौरा कर रही है. यूपी में एनसीपी एक सीट पर चुनाव भी लड़ रही है.
बुलंदशहर की अनूपशहर सीट पर एनसीपी, सपा और आरएलडी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. इस चुनाव की कमान एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने अपने सबसे करीबी राष्ट्रवादी यूथ कांग्रेस (एनवाईसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा को दी है. धीरज शर्मा की अगुवाई में बुलंदशहर की सभी सीटों पर एनसीपी ने मेहनत की और अब उनको गोवा और मणिपुर की जिम्मेदारी दी गई है. यूपी चुनाव में एनसीपी के रोल पर धीरज शर्मा ने आजतक से खास बातचीत की-
सवाल- एनसीपी के लिए यूपी चुनाव कितना अहम है? अनूपशहर सीट पर क्या माहौल है?
जवाब- एनसीपी नेशनल पार्टी है, हमने सबसे कम वक्त में ये दर्जा प्राप्त किया है. हम पहले भी यहां से चुनाव जीत चुके हैं. सिर्फ यूपी ही नहीं, हम गोवा, केरल, झारखंड जैसे कई राज्यों में अपनी विधायी भागीदारी रखते हैं. उत्तर प्रदेश में भी हम एक मजबूत गठबंधन का हिस्सा हैं और जैसा कि अखिलेश यादव ने कहा है कि अनूपशहर से हमारे प्रत्याशी केके शर्मा जगह नहीं बनाएंगे, बल्कि जीतकर विधानसभा पहुंचेंगे.
सवाल- सपा गठबंधन से एनसीपी को सिर्फ एक सीट ही क्यों मिली?
जवाब- हम सत्ता में भागीदारी के लिए इस गठबंधन का हिस्सा नहीं बने, हमारे लिए सीटों की संख्या से ज़्यादा इस गठबंधन का मकसद मायने रखता है. हम सब जानते हैं कि हिंदुस्तान को बचाने के लिए बीजेपी को हराना ज़रूरी है, हम हर उस ताकत का साथ देंगे जो इस मिशन में साथ आएगा, रही बात उत्तर प्रदेश की तो यहां समाजवादी पार्टी और रालोद गठबंधन न सिर्फ बीजेपी को टक्कर दे रहा है बल्कि सरकार बनाता भी दिख रहा है तो हम यहां उनके साथ हैं.
सवाल- अनूपशहर सीट ही एनसीपी ने क्यों चुना? इसके पीछे क्या कारण है?
जवाब- ये जवाब तो पार्टी हाईकमान ही दे पाएगा. वैसे भी ये गठबंधन का साझा फैसला है और गठबंधन के हित में लिया गया फैसला है. अनूपशहर से हमारे प्रत्याशी केके शर्मा, मैं और हमारी टीमें रोज़ाना सुबह से शाम तक घर घर जाकर लोगों से मिल रहे हैं. हम बड़े कार्यक्रमों की जगह जनता के बीच में जाकर उन्हे पवार साहब की नीतियों के बारे में बता रहे हैं.
सवाल- यूपी में एनसीपी का क्या भविष्य है? क्या बैसाखी के सहारे ही रहेंगे?
जवाब- हमारा विजन स्पष्ट है, हम सत्ता के लालच में गठबंधन का हिस्सा नहीं बने हैं. हम बीजेपी के विभाजनकारी एजेंडे से लड़ने के लिए यहां आए हैं. हमारा विजन विकास का, विजन है, हमारा विजन नौजवानों के लिए नौकरी और किसानों के लिए सम्मानजनक जीवन का है. 10 मार्च को गठबंधन की सरकार बन रही है.
सवाल- यूपी की जनता किन मुद्दों पर वोट कर रही है? अखिलेश-जयंत की जोड़ी कमाल कर पाएगी?
जवाब- हम जहां भी जा रहे हैं, बीजेपी के प्रति लोगों की नाराज़गी देखने को मिल रही है. किसान हों, नौजवान हों, या महिलाएं, हर कोई योगी-मोदी की जोड़ी से त्रस्त है. इसके अलावा प्रदेश में इस बार अखिलेश यादव जी और जयंत जी की लहर है. उनके साथ ने हमारी जीत को सुनिश्चित कर दिया है.