समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजतक से विशेष बातचीत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है. शनिवार को कैराना में डोर-टू-डोर कैंपेन पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि जो कल तक हवाई जहाज से चलते थे, उन्हें गली-मोहल्लों में आना पड़ रहा है. अखिलेश यादव ने यूपी चुनाव के पहले चरण में 50 विधानसभा सीटों पर जीत का दावा भी किया. अखिलेश यादव ने करहल सीट से अपनी चुनावी रणनीति के बारे में विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर करहल क्षेत्र को 300 यूनिट फ्री बिजली और किसानों की सिंचाई भी मुफ्त की जाएगी. अखिलेश यादव ने युवाओं को लैपटॉप और आईटी सेक्टर में 22 लाख नौकरी देने का भी दावा किया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था की भी बहाली की जाएगी. उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी (BJP) माफियाओं को संरक्षण देने का काम करती है. बातचीत के अंश...
सवाल- मैनपुरी की करहल सीट को क्यों चुना?
जवाब- मैनपुरी की जनता, पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर आपको चुनाव लड़ना है तो आप करहल सीट से चुनाव लड़िए. यहां से कभी नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने चुनाव लड़ा था, इसलिए मैंने तय किया कि हां करहल से ही चुनाव लड़ना ठीक रहेगा.
सवाल- आजमगढ़ से चुनाव न लड़ने पर भाजपा लगातार आप पर हमला कर रही है कि आप यहां से भाग गए हैं?
जवाब- आजमगढ़ कहां छोड़ा है मैंने. मैं वहां का अभी भी सांसद हूं. आजमगढ़ नहीं छोड़ा है और न कभी छूटेगा. भाजपा को पता है कि मैं कहीं से भी चुनाव लड़ूंगा जीत ऐतिहासिक होगी. मैं करहल की जनता का धन्यवाद देता हूं, मैं जनता के बीच जाऊंगा. वहां की जनता ने हमेशा समाजवादी पार्टी के पक्ष में वोट किया है. वहां की जनता तो यह भी कह रही है कि आप क्षेत्र में मत आइए, फिर भी आपको चुनाव जीताकर विधानसभा भेजेंगे.
मैं कई बार सुनता था, पढ़ता था कि जहां से काम किया है, वहां से अखिलेश क्यों चुनाव नहीं लड़ते. मैं बता दूं कि करहल से एक्सप्रेस वे निकलता है. सवाल ये है कि चुनाव है तो जनता को क्या मिलेगा? समाजवादी पार्टी चुनाव जीतेगी तो 300 यूनिट बिजली फ्री मिलेगी. किसान मुफ्त सिंचाई कर सकेंगे. पुरानी पेंशन योजना फिर से बहाल होगी. लैपटॉप मिलेगा. 22 लाख नौकरी तो सिर्फ आईटी सेक्टर में निकल सकती है. हर क्षेत्र के एक्सपर्ट्स से चर्चा के बाद ही पार्टी ने ये फैसले लिए हैं.
सवाल- आप फ्री बिजली की बात करते हैं, मुख्यमंत्री कहते हैं कि आपके समय में बिजली ही नहीं मिलती थी. समाजवादी पार्टी और सत्य एक दूसरे के धुर विरोधी है.
जवाब- मुख्यमंत्री योगी पिछले साढ़े चार साल में बिजली के कारखाने का नाम नहीं रट पाए. अगर नाम रटा होता तो बिजली के कारखाने का वो नाम बता पाते. भाजपा ये बताए कि साढ़े चार साल में भाजपा ने कौन का एक बिजली का कारखाना लगाया है. मुझे याद है कि भाजपा के वरिष्ठ विधायक श्याम राव देव जी धरने पर बैठे थे. वे लालजी टंडन के साथ मुझसे मिलने आए थे. मैंने उनसे पूछा था कि धरने पर क्यों बैठे हैं आप? उन्होंने कहा कि राज्य में आपकी सरकार है, वाराणसी से भाजपा के सांसद प्रधानमंत्री चुने गए हैं. वहां की जनता को 24 घंटे बिजली मिलनी चाहिए. मैंने उसी दिन फैसला लिया कि वाराणसी में 24 घंटे बिजली मिलेगी.
मैंने उनसे कहा कि आप 24 घंटे बिजली की मांग कर रहे हैं तो यहां का कोटा क्यों नहीं बढ़वाते हैं. यूपी की जनता ने दो बार केंद्र में भाजपा की सरकार बनाई. लेकिन साढ़े चार साल में न तो बिजली का कोटा बढ़ा है और न यूपी में बिजली का कोई नया कारखाना बना है.
सवाल- योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर सपा को तमंचावादियों की सरकार बताया है.
जवाब- मुख्यमंत्री को कुछ नहीं पता है. अगर खुलेआम मर्डर, लूट, महिलाओं, बेटियों और बहनों के साथ कहीं अन्याय हो रहा है तो वह भाजपा की सरकार में हो रहा है. आप मेरी और भाजपा की बात मत मानिए. आप भारत सरकार के डेटा की बात कीजिए. एनसीआरबी के डेटा में देखिए कि अगर सबसे ज्यादा भारत में महिलाएं कहीं असुरक्षित हैं तो वह यूपी में हैं. यूपी में लड़कियों और महिलाओं की मदद करने वाली 1090 को क्यों बंद कर दिया गया? पूरे देश ने देखा कि यूपी में खुलेआम मर्डर हुए हैं. गृह राज्य मंत्री के बेटे ने किसानों को गाड़ी से कुचल दिया. गोरखपुर की हत्या, हाथरस की बेटी के साथ अन्याय को कौन भूल सकेगा. अगर कोई अपराधियों को संरक्षण देता है और अगर कोई तमंचेबाज है तो गोरखपुर से ज्यादा अपराधियों को संरक्षण कहीं नहीं मिला. माफिया सड़क पर क्रिकेट खेलते हैं.
सवाल- आप फोटो और वीडियो ट्वीट कर देते हैं लेकिन नाम नहीं लिखते हैं माफिया का?
जवाब- मुख्यमंत्री खुद जानते हैं कि वह माफिया कौन है. मैं क्यों किसी का नाम लूं, ये सरकार की संस्थाओं की जिम्मेदारी है. हां मैं चाहता हूं कि भाजपा बताए कि जौनपुर का माफिया कौन है, चंदौली का माफिया कौन है. मिर्जापुर का माफिया कौन है, सोनभद्र का माफिया कौन है. बनारस का माफिया कौन है. सरकार ये बताए कि बड़े-बड़े टिफिनों में माफिया को खाना जा रहा है या नहीं जा रहा है. सपा की पहले दिन से मांग रही है कि आप (योगी सरकार) प्रदेश के टॉप 10 माफिया की सूची जारी कीजिए, सरकार ऐसा क्यों नहीं कर रही है.
डिप्टी सीएम को उनके अपने ही क्षेत्र में अपमानित होना पड़ा. अगर जनता से किए वादे पूरे नहीं करेंगे तो ऐसा ही होगा. इनके विधायक मंच पर कूटे गए. इनके सांसद और विधायकों का हर जगह विरोध हो रहा है और यह इसलिए हैं कि साढ़े चार साल में इन्होंने जनता को धोखा दिया. जब कोरोना के समय जरूरत थी, आपने क्या दिया जनता को. सपा सरकार बनेगी तो गरीबों को पौष्टिक आहार कैसे मिले, इस दिखा में सपा काम करेगी.
सवाल- आप चुनाव जीतने के लिए ताबड़तोड़ वायदे किए जा रहे हैं, पैसे कहां से ले आएंगे आप?
जवाब- ये जीतने वायदे किए जा रहे हैं सभी पूरे किए जाएंगे. आप मेरा पुराना पॉलिटिकल रिकॉर्ड उठाकर देखिए जो वायदा किया, जो घोषणापत्र में कहा, उससे ज्यादा मैंने काम किया है.
सवाल- पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की बात कह रहे हैं, 1500 रुपए देने की बात कह रहे हैं?
जवाब- ऐसे क्यों नहीं हो सकता. पांच साल पहले हमारी सरकार थी तब हम गरीब माताओं को 500 रुपए महीने देते थे. 50 लाख माताओं बहनों के अकाउंट में पैसा पहुंचता था. आज महंगाई बढ़ गई है, बजट बढ़ गया है, क्यों नहीं दे सकते हैं 1500 रुपए. बजट का सोशल स्कीम पर हम क्यों नहीं खर्च कर सकते.
सवाल- महंगाई और रोजगार कितना बड़ा मुद्दा है? क्या आप यूपी में 21 लाख रोजगार के वायदे को पूरा कर पाएंगे?
जवाब- महंगाई के लिए अगर कोई जिम्मेदार है तो वह भारतीय जनता पार्टी की सरकार है. इन्होंने जान-बूझकर महंगाई बढ़ाई है. ओएनजीसी से पेट्रोल डीजल मिलता है, क्या पिछले क्वार्टर में ओएनजीसी को मुनाफा नहीं हुआ? 2014 में सिलेंडर की कीमत क्या थी? ये तो दो आम बातें हैं. जहां तक बेरोजगारी का सवाल है, इसके लिए भी भाजपा जिम्मेदार है. लखनऊ के ताज में बड़े-बड़े कारोबारी रूके थे. इन्वेस्टमेंट मीट में 4 लाख करोड़ से ज्यादा के एमओयू साइन हुए. भाजपा रोजगार देने के नाम पर झूठ बोलती है.