यूपी चुनाव के लिए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के नारे 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' के बाद संभावना थी कि हाथरस गैंगरेप कांड के पीड़ित परिवार में से किसी सदस्य को कांग्रेस टिकट दे सकती है, लेकिन पीड़ित परिवार ने इस संभावना पर विराम लगा दिया है. पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी प्राथमिकता बिटिया को न्याय दिलाने की है. उन्होंने कहा है कि जब बेटी को न्याय मिल जाएगा तब देखा जाएगा. बता दें कि हाथरस विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है. इससे पहले कांग्रेस उन्नाव रेप पीड़िता की मां को चुनाव मैदान में उतार चुकी है.
पीड़िता के भाई का कहना है कि अभी केस कोर्ट में चल रहा है. हमें न्याय नहीं मिला है. न्याय मिलेगा तब देखेंगे. उधर, इस मसले पर कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष का कहना है कि अभी कोई टिकट डिक्लेयर नहीं हुआ है. पार्टी उन्हें जो आदेश या निर्देश देगी, वे वैसा ही करेंगे. आपको बता दें कि 14 सितंबर 2020 को हाथरस के चंदपा थाने के एक गांव में एक दलित युवती के साथ दरिंदगी तथा उसे जान मारने की कोशिश का मामला सामने आया था.
इलाज के दौरान युवती की दिल्ली में 29 सितंबर को मौत हो गयी थी. मामले की जांच सीबीआई ने की थी और गांव के ही 4 युवकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. केस के चारों आरोपी युवक जेल में है और मामला एससी एसटी कोर्ट हाथरस में विचाराधीन है.
कांग्रेस ने पहली लिस्ट में उन्नाव रेप पीड़िता की मां को दिया है टिकट
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आज यूपी चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी. आज 125 सीटों का ऐलान करते हुए प्रियंका ने बताया कि इसमें 50 महिला उम्मीदवार हैं. कांग्रेस ने उन्नाव रेप पीड़िता की मां को भी पार्टी का टिकट दिया है. प्रियंका ने यूपी में चुनावी रैली के दौरान ऐलान किया था कि कांग्रेस पार्टी 40 प्रतिशत सीटों पर महिलाओं को टिकट देगी.
उन्नाव से कांग्रेस ने आशा सिंह को टिकट दिया है. आशा सिंह उन्नाव रेप पीड़िता की मां हैं. 45 साल की आशा सिंह को एक बेटा और चार बेटियां हैं. चार बेटियों की उम्र 25, 19, 15 और 13 साल है जबकि बेटा सबसे छोटा 7 साल का है. आशा सिंह खुद अशिक्षित हैं लेकिन वे बेटियों को पढ़ा रहीं हैं. उनकी एक बेटी पोस्ट ग्रैजुएशन कर रही है. आशा के आय का साधन खेती है. फिलहाल, कोर्ट केस के चलते वे दिल्ली में रहती हैं. बताया जा रहा है कि दिल्ली में रहने के बावजूद आशा उन्नाव में अपने परिजन के संपर्क में रहती हैं और उन्नाव आना-जाना लगा रहता है.