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यूपी में EVM को लेकर जारी है हंगामा, सपा नेता बोले- 'जिसकी लाठी उसकी भैंस'

Uttar Pradesh Assembly Elections Result 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की मतगणना 10 मार्च को होगी. मतगणना से पहले समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता ईवीएम की सुरक्षा में लगे हुए हैं.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 10 मार्च को आएंगे यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजे
  • ईवीएम की सुरक्षा कर रहे हैं सपा कार्यकर्ता

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections 2022) संपन्न हो चुके हैं और 10 मार्च को नतीजे आने वाले हैं. लेकिन नतीजों से पहले EVM को लेकर पूरे यूपी में बवाल बचा हुआ है.

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समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेता और कार्यकर्ता दिन रात एक करके ईवीएम की सुरक्षा कर रहे हैं, ताकि वोटों में किसी तरह की धांधली न हो सके. ईवीएम की सुरक्षा कर रहे सपा कार्यकर्ताओं के लिए बृजेश कुमार प्रजापति ने सोशल मीडिया पर डंडों की तस्वीरों को पोस्ट किया है. 

डंडों की तस्वीरों को पोस्ट करते हुए बृजेश कुमार प्रजापति ने कैप्शन में लिखा, 'बुंदेलखंड की कहावत है, जिसकी लाठी उसकी भैंस. निकलो बंद मकानों से, जंग लड़ो बेईमानो से, कल की काउंटिंग में बाबा साहब के संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरी तैयारी के साथ बांदा मंडी में पहुंचे.'

तिंदवारी सीट से उम्मीदवार हैं प्रजापति

बता दें कि इन चुनावों में बृजेश कुमार प्रजापति भी ताल ठोक रहे हैं. प्रजापति तिंदवारी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं. 

पूरे प्रदेश में हंगामा कर रहे हैं सपा कार्यकर्ता

मतगणना से पहले समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार और कार्यकर्ता जगह-जगह पर ईवीएम की हैंडलिंग को लेकर हंगामा कर रहे हैं. वाराणसी और बरेली में जमकर बवाल हुआ तो मेरठ में काफी बवाल देखने को मिल रहा है. ईवीएम में किसी तरह के कोई भी छेड़छाड़ या वोटों की हेराफेरी न की जा सके इसके लिए हस्तिनापुर के सपा उम्मीदवार का दूरबीन से स्ट्रांग रूम पर नजर रखते हुए देखे जा चुके हैं.

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हंगामे के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे मतगणना केंद्रों से तब तक ना हटें जब तक वहां पर गिनती पूरी ना हो जाए. इससे पहले अखिलेश ने जो आरोप लगाए हैं, उस पर बनारस के डीएम ने भी सफाई पेश की थी. उन्होंने जोर देकर कहा था कि इन ईवीएम का चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है. उनकी माने तो कर्मियों को ट्रेनिंग के लिए ले जाया जा रहा था.

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