समाजवादी पार्टी ने पिछले दिनों डिप्टी एसपी से सिर लड़ाने के मामले सुर्खियों में आए चंदौली के सकलडीहा विधानसभा के विधायक प्रभु नारायण यादव को दोबारा अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि पार्टी ने जिले की अन्य 3 विधानसभाओं सैयदराजा, पं दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) और चकिया से अपने प्रत्याशियों की घोषणा अभी नहीं की है.
समाजवादी पार्टी द्वारा घोषित किए गए सकलडीहा से प्रत्याशी प्रभु नारायण सिंह यादव वर्तमान में सकलडीहा सीट से विधायक हैं. प्रभु नारायण सिंह यादव इससे पहले भी दो बार सपा से विधायक रह चुके हैं. अपने इलाके में प्रभु नारायण सिंह यादव समाजवादी पार्टी के एक कद्दावर नेता के रूप में जाने जाते हैं.
दरअसल, पिछले साल 5 दिसंबर को चंदौली के सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र के चहनियां में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम था. सकलडीहा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सपा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव अपने समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे और उनको पत्रक देना चाहते थे. लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने प्रभु नारायण यादव और उनके समर्थकों को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल तक जाने से पहले ही रोक लिया था. इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर झड़प भी हुई थी. सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था, जिससे आक्रोशित सपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए थे.
इसी दौरान सपा विधायक प्रभु नारायण यादव ने सकलडीहा के डिप्टी एसपी अनिरुद्ध सिंह के सिर में कई बार टक्कर भी मारी थी, जिसका वीडियो जमकर वायरल हुआ था. इस मामले में पुलिस ने सपा विधायक प्रभु नारायण यादव समेत 100 से ज्यादा लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की थी.
फिलहाल समाजवादी पार्टी द्वारा सकलडीहा विधानसभा से खुद को दोबारा प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद प्रभु नारायण सिंह यादव ने सपा सुप्रीमो को धन्यवाद दिया है. वे अपने जीत के प्रति आश्वस्त भी दिखे. बातचीत के दौरान प्रभु नारायण यादव ने कहा कि उन्होंने अपने क्षेत्र में तमाम तरह के विकास कार्य किए हैं, जिसकी बदौलत वह इस बार फिर जीत हासिल करेंगे.
बता दें कि समाजवादी पार्टी के टिकट पर प्रभु नारायण यादव इस बार छठवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं. इससे पहले व तीन बार चुनाव जीत चुके हैं. प्रभु नारायण यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान पिछले 5 दिसंबर को डिप्टी एसपी से हुई झड़प वाले मामले पर भी खुलकर बातचीत की और बताया कि उस दिन वह अपने समर्थकों के साथ इलाके की समस्याओं से मुख्यमंत्री को रूबरू कराने के लिए जाना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया और लाठीचार्ज किया. प्रभु नारायण यादव ने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर अगर उनको पुलिस की गोली भी खानी पड़े तो वह सबसे आगे खड़े मिलेंगे.
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