
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रमों का खाका बीजेपी ने तैयार कर लिया है. पीएम मोदी प्रदेश के 5 जिलों के 21 विधानसभाओं में चुनावी कार्यक्रम करेंगे. उनकी पहली वर्चुअल रैली की भी तैयारी पूरी कर ली गई है. इस रैली को 'जन चौपाल रैली' नाम दिया गया है. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी के कार्यक्रम के लिए लखनऊ के भाजपा ऑफिस में भी अलग सेटअप लगाया गया है.
बताया जा रहा है कि पीएम मोदी की वर्चुअल रैली का 98 स्थानों पर प्रसारण किया जाएगा जिसे 49 हजार लोग देखेंगे. 7878 बूथों पर बूथ अध्यक्ष, पन्ना प्रमुख और लाभार्थी भी टीवी पर पीएम मोदी की वर्चुअल रैली का प्रसारण देखेंगे. पीएम मोदी के वर्चुअल रैली को सफल बनाने के लिए 30 लाख स्मार्टफोन धारकों को भी पीएम की रैली का लिंक भेजा गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल रैली में आगरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और लखनऊ से उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा जुड़ेंगे. इस पहली रैली का प्रसारण सोमवार दोपहर को प्रसारण होगा. बताया जा रहा है कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में पीएम मोदी का कार्यक्रम है, केवल वहां के स्मार्टफोन धारकों को लिंक भेजा गया है.
इस बार बीजेपी ने चुनाव आयोग के निर्देश पर डिजिटल प्रचार अभियान को धार दी है. इसमें वर्चुअल रैलियां भी हैं. लखनऊ में वर्चुअल रैली स्टूडियो तैयार किया गया है. काफी समय से इस रैली की तैयारी की जा रही है. विधानसभा चुनाव पश्चिमी यूपी से शुरू हो रहा है, इसलिए पीएम मोदी पहले चरण के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत और गौतमबुद्ध नगर के वोटरों को सम्बोधित करेंगे.
रविवार को स्टूडियो के निरीक्षण के साथ ही पीएम की वर्चुअल रैली की समीक्षा यूपी बीजेपी के संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने की. पिछले 3 चुनाव में बीजेपी ने डिजिटल टेक्नोलॉजी का जम कर प्रयोग किया है. इस बार चुनाव आयोग के निर्देश की वजह से डिजिटल प्रचार पर जोर है और सभी दलों के लिए ये बाध्यकारी भी है. ऐसे में पार्टी कई नए प्रयोग करके इस माध्यम में भी सियासी विरोधियों से आगे रहना चाहती है. इसमें इस स्टूडियो की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.
इस स्टूडियो में रिकॉर्डिंग भी सकती है और क्रोमा के ज़रिए किसी के सम्बोधन में पीछे पर्दे पर अलग-अलग दृश्यों को भी दिखाया जा सकता है. अलग-अलग स्थान पर बैठे नेताओं को लोग एक ही रैली में सुन सकें, इसके लिए 3D स्टूडियो मिक्स का प्रयोग किया जाएगा. इसके अलावा इस बार पार्टी ने पन्ना प्रमुखों को जोड़ने के लिए और वोटिंग के दिन उनसे रुझान पता करने के लिए एक टूल भी डेवलप किया है जिससे पार्टी को हर बूथ की जानकारी हो सकेगी. यूपी बीजेपी के IT विभाग के प्रमुख कामेश्वर मिश्रा और उनकी टीम ने इस पर लंबे समय तक काम किया है.
सेवा ही संगठन के दौरान हुआ था प्रयोग
यूपी बीजेपी ने यूं तो पिछले दो चुनावों में डिजिटल तकनीक का प्रयोग किया है पर इसकी असली परख कोरोना के संकटकाल के दौरान पार्टी द्वारा चलाए गए सेवा ही संगठन अभियान में हुई थी. इस अभियान के लिए पार्टी के लखनऊ स्थित मुख्यालय से ही न सिर्फ रोज कई वीडियो कॉन्फ्रेंन्सिंग होती थी बल्कि 3 रैलियां भी हुई थीं, जिनको जेपी नड्डा, स्मृति ईरानी और नरेंद्र सिंह तोमर ने सम्बोधित किया था.
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