यूपी का चुनाव नजदीक है और बीजेपी एक बार फिर सत्ता वापसी की कोशिश में लग गई है. सीएम योगी को पूरा भरोसा है कि बीजेपी अपना बेहतरीन प्रदर्शन 2022 में दोहराने वाली है. उन्हें विश्वास है कि जनता सिर्फ और सिर्फ सेवा करने वालों को मौका देगी. लेकिन ऐसा भरोसा क्यो हैं? यही जानने के लिए आजतक ने सीएम योगी आदित्यनाथ से खास बातचीत की है.
कांग्रेस को बताया एक्सिडेंटल हिन्दू
सीएम योगी ने जोर देकर कहा है कि यूपी की जनता सपा-बसपा का कार्यकाल देख चुकी है, अब उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा. वे कहते हैं कि अगले 6 महीने प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण हैं. आपको प्रदेश के हित में सोचने वाली या माफियाओं को समर्थन करने वाली सरकार चाहिए, इसपर सोचना चाहिए. वहीं कांग्रेस पर वार करते हुए योगी ने बोला कि विपक्षी नेता ट्विटर पर खेल रहे हैं. बार बार इटली भाग जाते हैं. यूपी ने उनके परिवार को प्रधानमंत्री बनाया लेकिन हिन्दुतान से बाहर जाकर वो देश की निंदा करते हैं, देवी देवताओं को नकारना उनकी प्रकृति का हिस्सा है, एक्सिडेंटल हिन्दू होने पर यही होता है.
'मुझे सिर्फ तीन साल मिले हैं'
वहीं जब सवाल पूछा गया कि बीजेपी सरकार ने यूपी में ऐसा क्या परिवर्तन ला दिया है, इस पर सीएम ने स्पष्ट कहा कि अब लोग भय मुक्त हो चुके हैं. उनके मुताबिक पिछले पांच साल में कोई दंगा नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि पहले बिजली नहीं आती थी, राज्य की सीमा में घुसते ही सड़कें टूटी हुईं, दंगे हर ज़िले में होते थे, बहन बेटियों की इज़्ज़त पर हाथ डाला जाता था. यूपी के लोगों को बाहर हे दृष्टि से देखा जाता था. हमारी सरकार में एक भी दंगा होने नहीं दिया है. ये हमने कोई उपकार नहीं किया, ये सरकार का काम है. हमारे साढ़े 4 सालों में डेढ़ साल कोरोना खा गया इसलिए मुझे सिर्फ 3 साल मिला.
कोरोना मैनेजमेंट में अमेरिका को पछाड़ा
कोरोना मैनेजमेंट को लेकर भी सीएम योगी ने अपनी सरकार की दिल खोलकर तारीफ की है. उनकी नजरों में अगर यूपी किसी दूसरे दल की सरकार होती, तो स्थिति काफी खराब होती. उन्होंने दावा किया यूपी में लॉकडाउन के दौरान किसी ने भी भूख से अपनी जान नहीं गंवाई थी. उनकी नजरों में यूपी मॉडल काफी कारगर साबित हुआ है. वे कहते हैं कि यूपी में कोरोना प्रबंधन बेहतरीन रहा और प्रदेश में एक भी व्यक्ति की मौत भूख से नहीं हुई. अगर 2017 से पहले कोरोना आ गया होता तो क्या होता. अमेरिका दुनिया का दादा है, कुछ भी कर सकता है लेकिन कोरोना का अमेरिकी प्रबंधन और हमारा प्रबंधन सबने देखा. मोदी जी ने लॉकडाउन का निर्णय समय से लिया और सबके लिए सोचा कि किसके लिए क्या क्या मदद दी जाए.
अयोध्या पर क्या रणनीति?
वहीं क्योंकि बीजेपी पर सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगता है, राम मंदिर के बहाने वोट जुटाने का प्रयास रहता है, इस पर भी सीएम योगी ने अपने विचार रख दिए. उन्होंने साफ कर दिया है कि अयोध्या के नाम पर अगर उन्हें बदनाम भी किया जाएगा, तो वे इसके लिए तैयार रहेंगे. उन्होंने कहा कि अयोध्या के लिए अगर हम बदनाम होते हैं तो हम बदनाम होने को तैयार हैं. मंदिर का निर्माण ऐसा हो रहा है कि 1000 साल तक मंदिर को कुछ नहीं हो सकता.