उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को रायबरेली में जनता को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. कहा कि समाजवादी इत्र भके नारा देने वाले भ्रष्टाचार की बदबू फैलाने का काम करते थे, अब समझ आ गया होगा कि ये लोग नोटबन्दी का विरोध क्यों करते थे. अब इनके पैसे जेसीबी से खोद कर निकाले जा रहे हैं.
योगी ने कहा कि यूपी में पहले गुंडाराज था और पर्व-त्योहार के मौके पर दंगे होते थे. वो दंगाई आज दुस्साहस नहीं कर पाते क्योंकि उन्हें पता है कि उनकी 7 पीढ़ी तक नुकसान का भरपाई नहीं कर पाएगी. योगी ने कहा कि किसान सम्मान राशि कांग्रेस भी दे सकती थी, बुआ-बबुआ भी दे सकते थे, लेकिन उन्हें जनता के लिए फुर्सत ही नहीं थी.
योगी ने कहा कि 2017 से पहले जब भर्तियां निकलती थीं तो चाचा-भतीजा का गैंग वसूली पर निकल पड़ता था. भाजपा की सरकार आने के बाद साढ़े चार लाख नौकरियां दी गई है. एक करोड़ 61 लाख रोजगार दिया गया है. प्रदेश में हर जगह खुशहाली है. शांति है.
इससे पहले भाषण की शुरुआत में उन्होंने कहा कि आज साल का आखिरी दिन है, कल से नए वर्ष में प्रवेश करेंगे, नए उत्साह के साथ बढ़ेंगे. आज यहां 800 करोड़ से अधिक की 381 योजनाओं का लोकार्पण हो रहा है. इसके लिए जनप्रतिनिधियों को धन्यवाद. उन्होंने कहा कि रायबरेली भाजपा के लिए महत्वपूर्ण जिला है. स्वामी प्रसाद के माध्यम से यहां दिनेश प्रताप सिंह, सदर विधायक अदिति सिंह और राकेश प्रताप सिंह भाजपा से जुड़े हैं. सभी का स्वागत है. इन सबके साथ कांग्रेस को रायबरेली से उखाड़ फेंकने का काम होगा और समग्र विकास होगा.
योगी ने कहा कि रायबरेली में राणा बेनीमाधव ने कभी विदेशी आधीनता स्वीकार नही की, लेकिन इसके बावजूद हमारी कौन सी ऐसी मजबूरी थी कि कांग्रेस जैसे मरे हुए सांप को गले मे लपेटने को मजबूर थे? देश में आतंकवाद, उग्रवाद, जातीय दंगे, भृष्टाचार की जड़ में कांग्रेस ही थी. जब ये सरकार बनाते थे तब कहते थे कि राम और कृष्ण कभी थे ही नहीं. ये देश की जनता को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए था. 2005 में कांग्रेस की सरकार ने रामसेतु को तोड़ने का प्रयास किया था. हमारे अस्तित्व को नकारने वाले लोग आखिर किस तरह रायबरेली के लोगो से जनसमर्थन मांगने आते थे? उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले आपने घटनाएं देखी होंगी. 2017 के पहले गरीबों के लिए आवास ही आवंटित नही हुए थे, लेकिन 2017 के बाद अबतक हमने 43 लाख आवास दे दिए.