उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की एक विधानसभा सीट है धर्मपुर विधानसभा सीट. देहरादून जिले की धर्मपुर विधानसभा सीट के मतदाताओं का मिजाज परिवर्तनशील रहा है. इस विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हर पांच साल बाद अपना प्रतिनिधि बदल देते हैं. धर्मपुर की जनता न सिर्फ विधायक, बल्कि पार्टी भी हर पांच साल बाद बदल देती है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
धर्मपुर विधानसभा सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो ये विधानसभा सीट साल 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी. इस विधानसभा सीट के लिए पहली दफे साल 2012 में वोट डाले गए थे. 2012 के विधानसभा चुनाव में धर्मपुर के मतदाताओं ने कांग्रेस के दिनेश अग्रवाल को विधायक चुना था. हरिद्वार संसदीय सीट के तहत आने वाली इस विधानसभा सीट से कांग्रेस के दिनेश अग्रवाल ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रकाश सुमन ध्यानी को हराया था.
2017 का जनादेश
धर्मपुर विधानसभा सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने दिनेश अग्रवाल पर ही भरोसा बरकरार रखा. कांग्रेस के दिनेश के सामने बीजेपी ने विनोद चमोली को चुनाव मैदान में उतारा. बीजेपी के विनोद चमोली ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के दिनेश अग्रवाल को करीब 11 हजार वोट के अंतर से हरा दिया था. बीजेपी के विनोद चमोली को 53828 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के दिनेश अग्रवाल 42875 वोट ही प्राप्त कर सके थे. निर्दलीय उम्मीदवार नूर हसन तीसरे स्थान पर रहे थे.
सामाजिक ताना-बाना
धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के सामाजिक ताना-बाना की बात करें तो इस विधानसभा क्षेत्र में पौने दो लाख से अधिक मतदाता हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में हर जाति-वर्ग के मतदाता निवास करते हैं. धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में सामान्य वर्ग के साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी अच्छी तादाद में रहते हैं. अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के मतदाता भी इस सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
धर्मपुर विधानसभा सीट से विधायक बीजेपी के विनोद चमोली देहरादून सीट से मेयर भी रहे हैं. विनोद चमोली की यहां अच्छी पकड़ मानी जाती है. कांग्रेस के टिकट पर विधायक रहे दिनेश अग्रवाल को मुख्यमंत्री हरीश रावत का करीबी माना जाता है तो दूसरी तरफ निवर्तमान विधायक विनोद चमोली दो बार देहरादून के मेयर रहे हैं.