Uttarakhand Election 2022: उत्तराखंड में 14 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है. हालांकि, सुदूर इलाकों में मतदान कराना किसी चुनौती से कम नहीं है. राज्य में करीब 766 ऐसे मतदान केंद्र हैं, जो बर्फ प्रभावित इलाकों में हैं. ऐसी जगह बारिश या बर्फबारी मुश्किलें बढ़ा सकती हैं.
पहाड़ों में 9 और 10 को बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है. हालांकि, इसके बाद 14 तारीख तक मौसम साफ रहेगा. दूरस्थ और दुर्गम इलाकों के लिए पोलिंग पार्टियों को भी पहले ही रवाना कर दिया जाएगा. इन सभी जगहों के लिए पोलिंग दस्ता 11 फरवरी को रवाना हो जाएगा.
उत्तराखंड चुनाव आयोग ने आपात स्थिति के लिए दो हेलीकॉप्टर और एक एयर एंबुलेंस की मांग की है. एक हेलीकॉप्टर गढ़वाल और दूसरा कुमाऊं मंडल के लिए मांगा गया है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 766 मतदान केंद्र बर्फबारी वाले इलाकों में हैं. नैनीताल जिले में 128, उत्तरकाशी में 113 और चमोली में 103 मतदान केंद्र ऐसे इलाकों में हैं, जहां बर्फबारी के कारण बड़ी चुनौतियां हैं. फिलहाल इन सभी मतदान केंद्रों तक जाने के लिए रास्ते खुले हैं.
उत्तराखंड में कई जगहें ऐसी हैं जहां लोग शीतकाल में दूसरे स्थानों पर चले जाते हैं. ऐसे इलाकों से 24 मतदान केंद्रों को भी मतदताओं के शीतकालीन प्रवास वाली जगहों पर शिफ्ट किया गया है. उत्तराखंड में बदरीनाथ विधानसभा का डुमक सड़क से सबसे ज्यादा दूरी पर स्थित मतदान केंद्र है. इसके लिए पोलिंग पार्टियों को 20 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना होगा.
दूरस्थ इलाकों के लिए 35 पोलिंग पार्टियां तीन दिन पहले रवाना हो जाएंगी. उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में इस बार 82.66 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. इसमें से 41 लाख से ज्यादा मतदाता 39 साल से कम आयु के हैं.