हिंदुस्तान के नायाब डांसर अस्ताद देबू का गुरुवार सुबह मुंबई में निधन हो गया. अस्ताद ने 73 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली. इस महान कलाकार के जाने से पूरा देश गमजदा है. सभी उन्हें याद कर ट्रिब्यूट दे रहे हैं.
अस्ताद देबू के परिवार की तरफ से उन्हें श्रद्धांजलि दी गई है. कहा गया है- अपनी कई शानदार परफॉर्मेंस के दम पर अस्ताद देबू ने लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई, आज वो अपने पीछे बड़ी विरासत छोड़कर गए हैं.
अस्ताद देबू के जाने पर यूं गमजदा होना बिल्कुल भी हैरान नहीं करता है. ऐसे कम ही डांसर होते हैं जो अपनी काबिलियत के दम पर खुद का ही एक डांस स्टाइल इजाद कर लें. लेकिन जो मुश्किल लगता था, उसे बड़ी ही खूबसूरती से अस्ताद देबू ने कर दिखाया.
इस महान कलाकार ने कथक और कथकली को साथ मिलाकर एक अलग ही डांस स्टाइल का इजाद किया था. वे अपने उस अंदाज में पूरी दुनिया में परफॉर्म किया करते थे.
अस्ताद देबू की जिंदगी का हमेशा से ही ये उदेश्य रहा था कि वे पूरी दुनिया में भारतीय नृत्य का डंका बजाना चाहते थे.
गुरु ई.के. पनिक्कर से कथकली की शिक्षा लेने वाले अस्ताद देबू ने अपनी काबिलियत के दम पर 70 देशों में परफॉर्म किया था. उनका टैलेंट इतना बेमिसाल था कि वे कहीं भी जाते तो भारत का नाम रौशन होना तय माना जाता था.