ड्रग्स एंगल को लेकर दीपिका पादुकोण से बीते दिनों एनसीबी ने पूछताछ की थी. गोवा में शकुन बत्रा की फिल्म की शूटिंग कर रहीं दीपिका को समन भेजा गया और वे अपने पति रणवीर सिंह के साथ मुंबई लौटीं. इसके बाद वे एनसीबी के दफ्तर पहुंचीं जहां उन्होंने अपनी ड्रग्स चैट को लेकर बयान दिया.
एनसीबी के अधिकारियों ने दीपिका से सीधा पूछा- माल है क्या? दरअसल साल 2017 के दौरान दीपिका ने भी इसी अंदाज में ड्रग्स चैट की थी. दीपिका ने भी एनसीबी को इस सवाल का जवाब दिया- कहां, हां मैंने पूछा था. माल है क्या, लेकिन ये माल वो नहीं है जो आप लोग समझ रहे हैं. दीपिका ने आगे कहा कि हम माल सिगरेट को कहते हैं. माल सिगरेट का हमारा कोड वर्ड है.
दीपिका ने अपनी ड्रग्स कोड लैंग्वेज के बारे में आगे बात करते हुए कहा कि हैश और वीड टाइप हम अलग-अलग प्रकार की सिगरेट को कहते हैं. जैसे मोटी सिगरेट हो तो उसे वीड कहा जाता है और पतली सिगरेट हो तो उसे हैश कहा जाता है. दीपिका ने एनसीबी को दिए बयान में ड्रग्स लेने की बात से पूरी तरह इनकार किया. उन्होंने डूब्स को सिगरेट ही बताया.
दीपिका ने ऐसे कई कोड वर्ड बताए, जिनमें दो खास हैं. एक पनीर और दूसरा क्विकी एंड मैरिज. बकौल दीपिका पनीर का इस्तेमाल वो उन लोगों के लिए करती हैं, जो बहुत दुबले पतले होते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे दुबले पतले शख्स को देख कर हम आपस में उसे पनीर बुलाते हैं. क्विकी एंड मैरिज का कोड भी उन्होंने डिकोड किया, कहा, ये लॉन्ग एंड शर्ट रिलेशनशिप के लिए इस्तेमाल किया जाता है. क्विकी मतलब शॉर्ट रिलेशन, मैरिज मतलब लॉन्ग रिलेशनशिप.
दीपिका के साथ-साथ एनसीबी की टीम दूसरे कमरे में करिश्मा से पूछताछ कर रही थी. करिश्मा के भी माल और हैश के बारे में ठीक वही बयान थे जो दीपिका ने दिए तब एनसीबी ने इन दोनों के कोड का सच जानने के लिए एक तरीका अपनाया. एनसीबी की एक टीम करिश्मा को कागज और कलम दिया और उनके सामने दो सिगरेट रखे. एक मोटी और एक पतली सिगरेट.
इसके बाद करिश्मा से कहा कि इन दोनों सिगरेट का नाम लिखो. करिश्मा ने पतली सिगरेट के लिए हैश लिखा और मोटी सिगरेट के लिए वीड. दीपिका ने भी यही कोड और यही बात एनसीबी को बताई थी. एनसीबी के पास इस ड्रग्स चैट के अलावा कोई और सबूत नहीं था. इसलिए इस मामले में उनसे ज्यादा पूछताछ नहीं हो पाई.
एनसीबी सूत्रों के मुताबिक इसका एक ही मतलब है कि इन दोनों को पूरा होम वर्क करके भेजा गया था. दोनों को कोड और इन कोड के मतलब भी समझा कर भेजे गए थे. यही वजह है कि दोनों के कोड्स एक ही तरह से डिकोड हो रहे थे. एनसीबी सूत्रों के मुताबिक दीपिका जब एनसीबी के दफ्तर पहुंची, तब वो अगले एक-डेढ़ घंटे तक बेहद नर्वस थीं. फिर बाद में धीरे-धीरे नॉर्मल हुईं.
हालांकि दीपिका एनसीबी दफ्तर में करीब साढ़े पांच घंटे रही, लेकिन पूरी पूछताछ साढ़े तीन घंटे चली. दोपहर करीब तीन बजे जब एनसीबी के एक अफसर ने दीपिका से कहा कि अब आप घर जा सकती हैं तो पहली बार दीपिका ने राहत की सांस ली. इसके बाद दीपिका ने दबी जुबान में पूछा कि क्या मुझे कल भी आना है? एनसीबी अफसर ने जवाब दिया कि फिलहाल आपकी जरूरत नहीं है. आगे कभी जरूरत पड़ी तो बताएंगे. ये सुन कर साढ़े पांच घंटे बाद पहली बार दीपिका रिलैक्स हो पाई थीं.