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बॉलीवुड

'सुशांत कभी जल्दी बोलता, घबराता, रोने लगता, दिखने लगे थे सारे लक्षण' डॉक्टर का दावा

सुशांत सिंह राजपूत
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बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत का इलाज करने वाली डॉक्टर सुजैन वॉकर ने मुंबई पुलिस को जो बयान दिया था इसकी कॉपी आज तक के पास मौजूद है. इस बयान में डॉ. वॉकर ने ऐसी तमाम चौंकाने वाली बातें कही हैं जो इस केस को बिलकुल अलग दृष्टिकोण से देखने में मदद करती हैं. डॉ. वॉकर के बयान के मुताबिक रिया सुशांत की बहुत अच्छे से देखभाल कर रही थीं और सुशांत खुद ही कई बार अपनी मर्जी से दवाएं देना बंद कर देते थे.

सुशांत सिंह राजपूत
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डॉक्टर वॉकर ने कहा कि सुशांत अपनी मां के बहुत ज्यादा करीब था और इसके बाद वह अपनी बहनों के करीब हो गया, लेकिन मुझे नहीं लगा कि वह अपने पिता के करीब है. सुशांत ने स्पेस, खगोल विज्ञान और भौतिक विज्ञान की बातें कीं. उसका बात करने का तरीका और बर्ताव पूरी तरह से अतार्किक और बहुत फास्ट था. जिसकी वजह से मुझे समझ में आया कि वह बायपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहा है.

सुशांत सिंह राजपूत
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डॉक्टर सुजैन ने कहा कि उन्हें पता चला कि सुशांत पिछले 20 साल से इस दिकक्त से जूझ रहा है. सुशांत ने खुद डॉक्टर वॉकर को बताया कि बहुत युवा उम्र से ही उसे ये दिक्कतें हो रही थीं. यही लक्षण उसने 2013 से 2014 के बीच महसूस किए थे. हर बार ये लक्षण पहले से ज्यादा बढ़ जाते थे.

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सुशांत सिंह राजपूत
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डॉक्टर वॉकर ने बताया कि सुशांत अपनी बीमारी के बारे में जानते थे लेकिन जैसे ही वह थोड़ा बेहतर महसूस करते थे वह दवाइयां लेना बंद कर देते थे. वह रेग्युलर बेसिस पर ट्रीटमेंट नहीं ले रहे थे. वॉकर ने बताया कि जब सुशांत उनके पास आया तब तक उनकी दिक्कत बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी. उन्होंने बताया कि सुशांत को तत्काल इलाज की जरूरत थी.

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वॉकर ने अपने परिचित डॉक्टर प्रवीण दादाचंदजी को संपर्क किया. वॉकर ने बताया कि बायपोलर डिसऑर्डर एक तरह का रासायनिक असंतुलन है, इसमें बेहिसाब पैसा खर्च करना, 4-4 5-5 दिन तक नींद नहीं ले पाना, सब कुछ खोने और सब कुछ जल्दी जल्दी करने की चाहत होना जैसी चीजें होती हैं.

सुशांत सिंह राजपूत
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वॉकर ने बताया कि ऊपर जिन सेशन्स का जिक्र किया गया है उनमें सुशांत में जल्दी-जल्दी सोचने, जल्दी-जल्दी बातें करने और बैचेनी जैसे लक्षण नजर आए थे. सुशांत ने बताया था कि उसे एक मिनट का समय भी कई दिनों की तरह लगता था इसलिए उसे और ज्यादा डर और घबराहट होने लगती थी.

सुशांत सिंह राजपूत
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इसके बाद सुशांत प्रवीण दादाचंदजी के पास गया जिन्हें सुजैन ने 14 नवंबर 2019 को कंसल्ट किया था. अगले दिन जब सुशांत डॉक्टर प्रवीण के पास पहुंचा तो वह भी श्योर थे कि वह बायपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहा है.

सुशांत सिंह राजपूत
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15 नवंबर 2019 को सुशांत सिंह राजपूत डॉक्टर सुजैन वॉकर के पास आए और रिया चक्रवर्ती उनके पास थीं. सुजैन ने सुशांत को बताया कि उन्हें बायपोलर डिसऑर्डर है और वह ठीक हो जाएंगे, लेकिन उन्हें प्रॉपर और रेग्युलर ट्रीटमेंट लेना होगा.

सुशांत सिंह राजपूत
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डॉक्टर सुजैन ने बताया कि सुशांत जल्दी से ठीक हो जाना चाहता था जो कि संभव नहीं था. सुजैन ने सुशांत से 18 नवंबर को दोबारा क्लीनिकल एग्जामिनेशन को आने के लिए कहा. 15 नवंबर को सुशांत रिया के साथ डॉक्टर वॉकर के यहां पहुंच गए.

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सुशांत सिंह राजपूत
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जब सुजैन क्लीनिक पहुंचे तब तक सुजैन बायपोलर डिसऑर्डर के बारे में काफी रिसर्च कर चुकी थीं. सुशांत बिना किसी वजह के उदास था. सुजैन ने एक बड़ी बात ये बताई कि सुशांत कई बार रोया करता था. डॉक्टर वॉकर ने कहा, "वह कई बार मुझसे बात करने के दौरान भी रोने लगता था. इसके अलावा वह अपने बारे में बहुत ज्यादा निगेटिव महसूस किया करता था."

सुशांत सिंह राजपूत
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डॉक्टर वॉकर ने बीमारी के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा, "हर इंसान के दिमाग में सेरोटोनिन नाम का कैमिकल रिलीज होता है. अगर ये कैमिकल कम रिलीज होगा तो इंसान दुखी महसूस करेगा और ये कैमिकल अलग ज्यादा रिलीज होगा तो इंसान खुश महसूस करेगा. अन्य शब्दों में कहें तो किसी इंसान का मूड किस वक्त कैसा होगा ये उस इंसान के दिमाग में बहने वाला ये कैमिकल तय करता है."

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