
अक्षय कुमार की अगली फिल्म 'केसरी चैप्टर 2' का टीजर अपने नए एक्सपरिमेंट से लोगों का दिल जीत रहा है. इस टीजर के पहले 30 सेकंड में जलियांवाला बाग हत्याकांड में चीखते लोगों, जान बचाने के लिए कुएं में कूदती महिलाओं और बच्चों के साथ-साथ फायरिंग करते ब्रिटिश सैनिकों की आवाजें हैं.
इस 30 सेकंड स्क्रीन पर कोई विजुअल नहीं है और लिखा हुआ है 'यह दृश्य प्रदर्शनीय नहीं है'. इन आवाजों के खत्म होने के बाद, स्क्रीन पर हत्याकांड के बाद वाले जलियांवाला बाग की तस्वीरें नजर आती हैं. फिर सीन में एंट्री होती है अक्षय कुमार की जो एक लॉयर के गेटअप में दिख रहे हैं. 'केसरी 2' से जुड़ी रिपोर्ट्स बताती हैं कि अक्षय कुमार इस फिल्म में सी. शंकरन नायर का किरदार निभा रहे हैं.
टीजर देखने के बाद आप ये सवाल जरूर सोचेंगे कि ये शख्स कौन था और जलियांवाला बाग से इनका ऐसा क्या संबंध था जो इनपर फिल्म बन रही है? आइए बताते हैं...
ब्रिटिश शासन में सबसे ऊंचे पद पर रहे भारतीय व्यक्ति
अमृतसर, पंजाब का जलियांवाला बाग आज भी भारतीयों पर ब्रिटिश शासन द्वारा किए गए अत्याचारों के सबूत के रूप में मौजूद है. 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में बैसाखी का त्यौहार मनाने जुटे लोगों का जो नरसंहार हुआ, उसकी कहानी हम सभी को पता है. ब्रिगेडियर जनरल रेजिनाल्ड डायर के आदेश पर जिस तरह ब्रिटिश सैनिकों ने सैकड़ों हिंदुस्तानियों को मौत के घाट उतारा, वो इतिहास का ऐसा पन्ना है जिसकी कहानी भारत कभी नहीं भूल सकता. मगर इस हत्याकांड से जुड़ी जो एक कहानी इतिहास के पन्नों में खो गई है, वो सी. शंकरन नायर से जुड़ी है.
ब्रिटिश राज के दौर में, मद्रास प्रेजिडेंसी में आने वाले पालघाट जिले में चेत्तूर शंकरन नायर का जन्म 11 जुलाई 1857 को हुआ था. उनके पिता ब्रिटिश सरकार में तहसीलदार हुआ करते थे इसलिए उन्हें भी अच्छी शिक्षा मिली, जो उस दौर में सभी भारतीयों को नसीब नहीं होती थी. चेत्तूर ने मद्रास हाई कोर्ट में बतौर एडवोकेट शुरुआत की और मद्रास सरकार में एडवोकेट जनरल होते हुए वो हाई कोर्ट के जज भी रहे.
कई बड़े पदों पर रहने के बाद 1904 में उन्हें 'कम्पेनियन ऑफ इंडियन एम्पायर' (भारतीय साम्राज्य का साथी) नियुक्त किया गया और उन्हें ब्रिटिश वायसरॉय की काउंसिल में जगह दी गई. काउंसिल के 5 सदस्यों में वो अकेले भारतीय थे. यानी ब्रिटिश राज में एक भारतीय को जो सबसे ऊंची ऑफिशियल पोजीशन मिल सकती थी, चेत्तूर उस पोजीशन पर थे.
ब्रिटिश शासन में भारतीयों की आवाज उठाने वाले थे चेत्तूर शंकरन नायर
ऊंचे सरकारी पदों पर रहते हुए भी चेत्तूर ने लगातार भारतीयों के हित की आवाज उठाई और सरकारी नीतियों का विरोध भी किया. 1897 में वो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके थे और लगातार राजनीति में भी सक्रीय थे. उधर वायसरॉय काउंसिल में भी वो ब्रिटिश राज के फैसलों पर विरोधाभासी विचार रखने से नहीं चूकते थे. 1919 में जब जलियांवाला कांड हुआ तो मौके पर मौजूद सेना का कमांडर ब्रिगेडियर डायर था, लेकिन तब पंजाब का लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ'ड्वायर था और उसने ब्रिगेडियर को पूरा सपोर्ट दिया था.
ब्रिगेडियर और लेफ्टिनेंट गवर्नर ने जलियांवाला बाग में हुई घटना की खबर लोगों तक पहुंचने से रोकने के लिए पंजाब में मार्शल लॉ लगा दिया और प्रेस सेंसरशिप शुरू कर दी. हालांकि इस बीच एक ब्रिटिश जर्नलिस्ट बेंजामिन होर्नीमैन ने एक साहसिक रिपोर्ट में जलियांवाला बाग का सच उजागर कर दिया जिसके बाद खलबली मचनी शुरू हो गई. चेत्तूर को जब इस घटना का पता चला तो वो इस्तीफा देना चाहते थे. मगर मोतीलाल नेहरू और कई राष्ट्र्वादियों ने उन्हें ऐसा करने से रोका और कहा कि वो ब्रिटिश सरकार में रहकर उनपर इस घटना पर सही कदम उठाने का दबाव बनाएं.
लेकिन भारत में ब्रिटिश वायसरॉय लॉर्ड चेम्सफोर्ड ने इतना भी नहीं माना कि जलियांवाला बाग में कुछ गलत हुआ है. आखिरकार जुलाई 1919 में चेत्तूर ने इस्तीफा दे दिया. वायसरॉय काउंसिल के एकमात्र भारतीय सदस्य के इस्तीफे से दुनिया भर में खबरें बनने लगीं. चेत्तूर के इस्तीफे से बन रही नेगेटिव खबरों और भारत में लगातार हो रहे विरोध के दबाव में ब्रिटिश सरकार ने जलियांवाला बाग हत्याकांड की जांच के लिए हंटर कमीशन बनाया.
किसी भी मामले में सरकारी जांच का सीधा मतलब होता है कि घटना बड़ी है. अपने अधिकारियों द्वारा अंजाम दिए जिस हत्याकांड से अभी तक ब्रिटिश सरकार और अधिकारी मुंह फेर रहे थे, अब उसमें जांच होने जा रही थी. दुनिया भर की प्रेस में ये बड़ी खबर थी. मगर चेत्तूर को अभी आगे भी बड़ा रोल निभाना था.
जब चेत्तूर पर माइकल ओ'ड्वायर ने किया केस
उन्होंने वापस मद्रास लौटकर एक किताब लिखी 'गांधी एंड एनार्की'. इसमें एक तरफ तो उन्होंने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन की आलोचना की और उनके तरीकों को 'असंवैधानिक' बताया. दूसरी तरफ अपनी किताब में उन्होंने पंजाब के लेफ्टिनेंट गवर्नर ओ'ड्वायर की कड़ी आलोचना की जो लगातार अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा था. ओ'ड्वायर ने दावा किया कि चेत्तूर की किताब ने उसकी रेपुटेशन खराब की है और उनपर मानहानि का मुकदमा ठोंक दिया.
हालांकि, तबतक जलियांवाला बाग पर हंटर कमीशन की रिपोर्ट आ चुकी थी और ओ'ड्वायर का सच भी सबके सामने था. उसका केस सीधा लंदन की किंग्स बेंच में पहुंचा, जहां चल रहे मुकदमों पर पूरी दुनिया की नजर रहती थी. चेत्तूर पर चल रहे इस केस की सुनवाई पांच हफ्ते चली, जो किंग्स बेंच में चली सबसे लंबी सुनवाई बनी. इसी केस की हियरिंग की वजह से जलियांवाला बाग का सच पूरी दुनिया के सामने आया.
हालांकि, केस में अंततः ओ'ड्वायर की ही जीत हुई. ज्यूरी के 12 सदस्यों में से 11 ने चेत्तूर के खिलाफ वोट दिया. ज्यूरी में सर्वसम्मति नहीं थी इसलिए चेत्तूर को सुनवाई का एक और मौका ऑफर किया गया, जिससे उन्होंने इनकार कर दिया. क्योंकि उनका मानना था कि ब्रिटिश ज्यूरी के सदस्य उनके फेवर में वोट करेंगे ही नहीं. फिर चेत्तूर को ऑप्शन दिया गया कि वो ओ'ड्वायर से माफी मांग लें या फिर 7500 पाउंड का दंड भरें, जो उस वक्त एक बहुत बड़ी रकम थी और वो भी एक भारतीय के लिए.
आज के हिसाब से भारतीय रुपये में ये रकम 6 करोड़ रुपये से ज्यादा होगी. लेकिन चेत्तूर ने ओ'ड्वायर जैसे शख्स के आगे झुककर उससे माफी मांगने की बजाय ये फाइन भरना चुना. वो केस हार गए थे, लेकिन उनका मकसद पूरा हुआ और पूरी दुनिया जलियांवाला बाग का सच जानकार स्तब्ध थी. ब्रिटिश सरकार को पंजाब में मार्शल लॉ और प्रेस पर लगी बंदिशें हटानी पड़ीं. 'केसरी 2' के टीजर में अक्षय का कोर्ट वाला सीन, चेत्तूर के इसी केस की हियरिंग का रीक्रिएशन है. यहां देखें 'केसरी 2' का टीजर:
हालांकि, ओ'ड्वायर अभी भी इस बात पर अडिग था कि उसने कुछ गलत नहीं किया और 1925 में उसने अपने एक्शन की सफाई देते हुए एक किताब भी लिखी. 1934 में चेत्तूर का निधन हो गया. लेकिन ओ'ड्वायर के लिए भारत और भारतीय क्रांतिकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ था. 1940 में सरदार उधम सिंह ने लंदन जाकर इसी माइकल ओ'ड्वायर को गोली मारी थी. उधम सिंह की ये पूरी कहानी शूजित सरकार की विक्की कौशल स्टारर फिल्म 'सरदार उधम' में पर्दे पर आई. अब अक्षय कुमार को चेत्तूर शंकरन नायर के रोल में लेकर डायरेक्टर करण सिंह त्यागी 'केसरी 2' लेकर आ रहे हैं. ये फिल्म जलियांवाला बाग की 106वीं बरसी पर, बैसाखी के दिन 18 अप्रैल 2025 को रिलीज होगी.