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कंगना के बयानों का विरोध, एक्ट्रेस के घर के बाहर ऑल इंडिया पैंथर सेना का प्रदर्शन

कंगना रनौत पिछले कुछ दिनों से अपने ट्वीट्स और बयानों के जरिए शिवसेना नेता संजय राउत और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साध रही है. अब कंगना के घर के बाहर ऑल इंडिया पैंथर सेना प्रदर्शन कर रही है.

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कंगना रनौत
कंगना रनौत

कंगना रनौत और शिवसेना के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. ये शायद पहली बार है जब कोई बॉलीवुड टॉप स्टार शिवसेना का खुल कर विरोध कर रहा है. कंगना रनौत पिछले कुछ दिनों से अपने ट्वीट्स और बयानों के जरिए शिवसेना नेता संजय राउत और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साध रही है. अब कंगना के घर के बाहर ऑल इंडिया पैंथर सेना प्रदर्शन कर रही है. ये एक दलित पार्टी है, जो मुंबई के खिलाफ किए गए कंगना रनौत के ट्वीट और बयानों का विरोध कर रही है.

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संजय राउत और कंगना के बीच हुआ था ट्विटर वॉर

बता दें कि कंगना और शिवसेना लीडर संजय राउत के बीच तीखी बहस हुई थी. इस ट्विटर वॉर के दौरान कंगना ने मुंबई को असुरक्षित और पीओके बता दिया था. वही संजय ने कंगना को हरामखोर और फिर नॉटी कहा था. इसके बाद कंगना के ऑफिस में बीएमसी ने एक्शन लिया और अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ की गई. कंगना ने इसके बाद अपने ऑफिस को राममंदिर और बीएमसी कर्मचारियों की बाबर से तुलना कर दी.

कंगना ने इसके बाद सीधे महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा और उन्होंने ये भी कहा है कि जल्द ही ठाकरे का घमंड भी टूटेगा. कंगना के सपोर्ट में कई बॉलीवुड सितारों ने ट्वीट भी किया था. अनुपम खेर, दीया मिर्जा, रवीना टंडन, मधुर भंडारकर, निखिल द्विवेदी जैसी कई हस्तियों ने क्वीन एक्ट्रेस को सपोर्ट किया है और बीएमसी के एक्शन की निंदा की थी. कंगना अब इस मामले में महाराष्ट्र के राज्यपाल से मुलाकात कर रही हैं. 

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गौरतलब है कि कंगना की मां भी बीजेपी का खुलकर समर्थन कर चुकी हैं. उन्होंने भी शिवसेना पर तीखा हमला किया था. उन्होंने आजतक के साथ बातचीत में कहा था कि एक बेटी, जो बाहर से आई है, जो प्रजा का अंग है, उसके साथ अन्याय क्यों हुआ? ये कैसी सरकार है? ये बाल ठाकरे की शिवसेना है? नहीं. ये बाल ठाकरे की शिवसेना नहीं है. ये कैसी शिवसेना है? डरपोक है, कायर है. छोटी-सी बेटी, जिसने 15 साल से अपनी मेहनत से एक-एक पैसा जोड़ा था. हम उनकी तरह खानदानी थोड़े ही हैं. हम एक गरीब घर से हैं. मध्यम परिवार से हैं. इनको तो अपने मां-बाप की प्रॉपर्टी मिली हुई है, उसके ऊपर ये इतना घमंड और अत्याचार कर रहे हैं. ये अच्छी बात नहीं है. 

 

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