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जब अनिल कपूर ने पहली बार हटाई थीं मूछें, एक्टर को लगा जैसे नेकेड हो गया हूं

अनिल ने लम्हे फिल्म में डबल रोल निभाया था, जिसकी वजह से यंग कैरेक्टर में अलग दिखने के लिए उनकी मूछों को हटा दिया गया था. उनका ये लुक फैंस को भी शॉक दे गया था. अनिल ने हाल ही में इसका जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वो नेकेड फील करने लगे थे. वहीं लोग भी उन्हें उस हुलिये में देखकर शॉक हो गए थे.

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अनिल कपूर, श्रीदेवी
अनिल कपूर, श्रीदेवी

बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर को ऑडियन्स ने मूछों के साथ ही देखा और जाना है. साल 1991 में आई उनकी लम्हे फिल्म को छोड़ दें तो एक-दो फिल्म ही ऐसी होंगी जहां वो बिना मूछों के नजर आए होंगे. अनिल ने जब पहली बार लम्हे फिल्म के लिए अपनी मूछें हटाई थी तो वो खुद बेहद अनकम्फर्टेबल हो गए थे. 

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अनिल ने हाल ही में इसका जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वो नेकेड फील करने लगे थे. वहीं लोग भी उन्हें उस हुलिये में देखकर शॉक हो गए थे. यशराज के बैनर तले बनी फिल्म लम्हे में उनके साथ श्रीदेवी भी थीं. 

मूछों के बिना असहज हुए अनिल

अनिल ने फिल्म में डबल रोल निभाया था, जिसकी वजह से यंग कैरेक्टर में अलग दिखने के लिए उनकी मूछों को हटा दिया गया था. उनका ये लुक फैंस को भी शॉक दे गया था. इसका जिक्र उन्होंने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे से बातचीत में किया. 

अनिल बोले- जब मैंने लम्हे की शूटिंग की, तो ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगा कि मैं नंगा हो गया हूं. लोग चौंक गए थे. ये बहुत पॉजिटिव रिएक्शन नहीं थे. जिन लोगों को राम लखन (1989), तेजाब (1988) और मिस्टर इंडिया जैसी फिल्में पसंद आई थीं, उन्हें लगा, 'नहीं, हम चाहते हैं कि अनिल एक खास तरह का ही दिखे.' जाहिर है, उन्हें लगा कि फिल्म का सब्जेक्ट थोड़ा-बहुत अपने समय से आगे था. मुझे ऐसा नहीं लगा. मुझे ये पसंद आई, मुझे ये बहुत पसंद आई. यही कारण है कि उस समय फिल्म ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया.

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'मुझे विश्वास था कि मैंने अच्छा काम किया'

अनिल आगे बोले- मुझे पता था कि ये समय की कसौटी पर खरा उतरेगा. इसके लंबे समय तक चलने की संभावना है. जब आप एक बहुत ही मेनस्ट्रीम, अच्छी न हो लेकिन कमर्शियल फिल्म करते हैं, फिर भी अगर वो फिल्म अच्छा प्रदर्शन नहीं करती है, तो ये आपको बहुत नुकसान पहुंचाती है. लेकिन अगर आप एक अच्छे फिल्म मेकर और अच्छे को-एक्टर के साथ एक अच्छी फिल्म करते हैं, और आपने अच्छा काम किया है, भले ही फिल्म सफल न हो, तो ये आपको नुकसान नहीं पहुंचाएगी. ये केवल एक प्रोफेशनल एक्टर या एक स्टार के रूप में आपकी पहचान बनाने में मदद करता है, चाहे आप इसे जो भी कहें. मैंने खुद को इस तरह के फिल्म मेकर्स और एक्टर्स से जोड़ने की पूरी कोशिश की है.

लम्हे को इसकी कहानी के लिए उस समय काफी क्रिटीसिज्म का सामना करना पड़ा था. फिल्म की कहानी एक ऐसे शख्स की थी जिसे अपने से आधी उम्र की लड़की से प्यार हो जाता है. अनिल कपूर लम्हें के अलावा सलाम-ए-ईश्क फिल्म में भी एक बार अपनी मूछें हटवा चुके हैं. लेकिन फैंस को उनकी रेगुलर लुक ही पसंद आता है.

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