शुरुआत में ही ऐसी जबरदस्त पॉपुलैरिटी मिलने के बाद भी अनु ने बहुत ज्यादा फिल्मों में काम नहीं किया और उन्होंने आखिरी फिल्म 1996 में की थी. इतने सालों बाद अनु अब एक्टिंग में कमबैक करने जा रही हैं. इन दिनों वो कई राइटर्स और डायरेक्टर्स के साथ डिस्कशन कर रही हैं.
अब एक नए इंटरव्यू में अनु ने बताया है कि 'आशिकी' की जबरदस्त कामयाबी उनके लिए कितनी मुसीबतें लेकर आई थी. लेकिन इन मुसीबतों के बाद भी उनके रहने के तौर तरीके नहीं बदले और एक बार तो उन्हें घर छोड़ने आए अमिताभ बच्चन शॉक हो गए थे.
'आशिकी' ने किया अनु का जीना हराम
इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में अनु ने बताया कि 'आशिकी' की सक्सेस के बाद उन्हें जो स्टारडम मिला वो 'पागल कर देने' वाला था. उन्होंने बताया कि मेडिटेशन ने उन्हें इस बड़ी कामयाबी के बाद भी जमीं से जुड़े रहने में हेल्प की. अनु ने बताया, 'मैं सेंसेशन बन गई थी, मैं मैगजीन के कवर्स पर थी... मैं कहीं नहीं जा सकती थी, मेरी लाइफ पूरी तरह बदल गई.'
हमेशा से ही सोसाइटी के गैरजरूरी नियमों के खिलाफ रहीं अनु ने बताया कि वो अपने तेवर में बागी थीं. और मुंबई में वो अकेले ही रहती थीं, जो 'आशिकी' के बाद भी जारी रहा. मगर इस बात ने उनके घर को जेल में बदल दिया था और उन्हें घुटन होने लगी थी. अनु ने बताया, 'मेरे घर पर भी कोई नहीं था, तो ये जेल में बैठने जैसा लगता था. मैं रेस्टोरेंट नहीं जा सकती थी क्योंकि तब वो मेरे ही गाने बजाने लगते, शेफ आकर मेरी टेबल के पास खड़ा हो जाता, गेस्ट खाना बंद कर देते और मैं भी नहीं खा पाती थी.'
अनु का रहना देखकर अमिताभ हो गए थे शॉक
'आशिकी' स्टार ने बताया कि उनके स्टॉकर घर के बाहर पहुंच आते थे. लेकिन उनकी ही बिल्डिंग में एक पॉलिटिशियन रहते थे, जिस वजह से वहां का स्टाफ बहुत मजबूत था. इसलिए वहां हमेशा पुलिस और सिक्योरिटी रहती थी.
अनु ने बताया, 'मुझे याद है, एक बार मैं अम्बानियों के यहां थी और अमिताभ बच्चन भी वहां थे. उन्होंने मुझे घर छोड़ने के लिए पूछा. जब हम बिल्डिंग पर पहुंचे तो उन्होंने (हैरान होकर) दो बार मुझसे पूछा 'आप अकेली रहती हैं?!' मैंने कहां हां! पहले लोग इस बात से शॉक होते थे कि शहर में एक नई लड़की अकेले कैसे रह सकती है, वो कैसे मैनेज करती होगी!'
अपने शॉर्ट स्कर्ट्स पहनने और सिगरेट पीने की खबरों को सच बताते हुए अनु ने कहा कि जब कोई ऐसा आता है जो समाज के नियम पूरी तरह तोड़ देता है और कामयाब हो जाता है, तो इससे लोग अपनी सोच पर सवाल करने लगते हैं. इससे समाज बदलने लगता है. उन्होंने कहा, 'अनु अग्रवाल के किरदार ने बहुत सारी लड़कियों की सोच बदली, जो आज वैसी ही हैं.'