आर्यन खान ड्रग्स मामले में नया खुलासा सामने आया है. किरण गोसावी के बॉडीगार्ड रहे प्रभाकर सैल ने मामले में कुछ ऐसे खुलासे किए हैं जिसने सभी को चौंका दिया है. उनके मुताबिक गोसावी ने आर्यन खान को छोड़ने के लिए 25 करोड़ रुपये की मांग की थी. उन्होंने एफिडेविट में इससे जुड़ी बातों का खुलासा विस्तार से किया है. मगर एनसीबी उनकी इन बातों से इत्तेफाक नहीं रख रही है. NCB ने इस मामले में अब स्टेटमेंट जारी किया है और अपनी सफाई दी है. साथ ही जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने इन आरोपों का खंडन किया है.
एनसीबी अधिकारी ने जारी की डिटेल्स
एनसीबी के अधिकारी मुत्था आशोक जैन ने स्टेटमेंट जारी कर बताया कि- सोशल मीडिया के जरिए हमें प्रभाकर सैल के एफिडेविट के बारे में पता चला. इसमें मिस्टर प्रभाकर ने 2 अक्टूबर, 2021 के दिन अपनी मूवमेंट्स और एक्टिविटीज की डिटेल्स दी हैं. जैसा कि वे मामले में गवाह हैं और ये मामला कोर्ट में है, ऐसे में प्रभाकर को अपना बयान कोर्ट के सामने रखना चाहिए. उन्हें अपने आरोप कोर्ट के सामने प्रेजेंट करने चाहिए. सोशल मीडिया पर नहीं. साथ ही उनके एफिडेविट में वे एक शख्स के खिलाफ कुछ ऐसे आरोप लगा रहे हैं जिनके बारे में उन्हें अभी और जागरूक होने की जरूरत है. जो वो कह रहे हैं ऐसा ओवरहियरिंग (कही-सुनी बात) की वजह से हो रहा है.
आशोक ने आगे कहा कि- मुंबई जोनल युनिट के हमारे जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. इस एफिडेविट को हम नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल को फॉर्वर्ड कर रहे हैं और उनसे हमारी रिक्वेस्ट रहेगी कि वे इस मामले में जरूरी एक्शन लें.
Aryan Khan case: आर्यन को छोड़ने के लिए मांगे गए थे 25 करोड़, NCB के गवाह का एफिडेविट में दावा
वानखेड़े को दिए जाने थे 8 करोड़
प्रभाकर सैल के मुताबिक, गोसावी और सैम ने अपनी बातचीत में 25 करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन 18 करोड़ में मामला सेटल करने को राजी हो गए थे. गोसावी ने कथित रूप से कहा था कि इस 18 करोड़ में से 8 करोड़ समीर वानखेड़े को जाएंगे और बाकी बचे पैसे दूसरों में बंटेंगे. इसकी सुबह प्रभाकर सैल को टोरेडो भेजा गया था, जहां उनसे एक सफेद गाड़ी से 50 लाख रुपए लिए थे.