आशा भोसले हिंदी फिल्म जगत की मशहूर गायिका हैं. फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें 'आशा ताई’ के नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने अब तक के अपने फिल्मी सफर में 12000 गानों में अपनी आवाज दी है. उन्होंने अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत साल 1947 में की थी और तब से लेकर अब तक 20 भारतीय भाषाओं के गानों को वे अपनी आवाज दे चुकी हैं. इसमें हिंदी के साथ मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, तमिल, मलयालम शामिल हैं. साथ ही उन्होंने अंग्रेजी और रूसी भाषा में भी गाने गाए हैं. उनके जन्मदिन के अवसर पर बता रहे हैं कुछ दिलचस्प बातें.
आशा भोसले, बॉलीवुड की Nightingale कहलाने वाली लता मंगेशकर की छोटी बहन हैं. इस बात का असर उनके करियर पर हमेशा रहा है. बॉलीवुड में बतौर प्लेबैक सिंगर जहां एक तरफ लता को खुले बांहों से स्वीकार कर लिया गया था, वहीं आशा के लिए बॉलीवुड ने अभी दरवाजा नहीं खोला था. बहन लता के मुकाबले आशा को बहुत कम गानों के ऑफर मिलते थे. इतना ही नहीं कई गायकों ने उनकी तुलना उनकी बहन से करते हुए उन्हें गाने के काबिल ही नहीं बताया था.
लता के रिजेक्ट किये गाने गाती थीं आशा
आशा भोसले को अपने करियर की शुरुआत में उन्हें बेहद कड़ा संघर्ष करना पड़ा था. जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की तब लता मंगेशकर एक सुपरस्टार सिंगर थीं. उनके साथ गीता दत्त और शमशाद बेगम का करियर भी ऊंचाईयों पर था. ऐसे में आशा का नंबर बॉलीवुड की प्लेबैक सिंगर्स की लिस्ट में बहुत दूर था.
जहां लता मंगेशकर फिल्मों की लीड हीरोइनों को अपनी आवाज देती थीं वहीं आशा भोसले हेलेन की आवाज बनीं. उन्होंने कई आइटम, कैबरे सॉन्ग्स को गाया. इसके साथ ही उन्होंने फिल्मों की बैड गर्ल्स और वैम्प्स के लिए गाने गाए. उन्हें बॉलीवुड की बड़ी फिल्मों के बजाए सेकंड ग्रेड की फिल्मों में गाने के मौके मिला करते थे. ये सब वो प्रोजेक्ट्स होते थे जिन्हें लता मंगेशकर, गीता दत्त और शमशाद रिजेक्ट कर देती थीं.
साल 1956 में आई फिल्म CID से आशा भोसले को ब्रेक मिला था. इसे म्यूजिक कंपोजर ओपी नय्यर ने उन्हें दिया. ओपी नय्यर के साथ आशा ने लंबे समय तक काम किया था. हालांकि अपनी पहली सफलता बी आर चोपड़ा की फिल्म नया दौर से मिली. इस फिल्म में मोहम्मद रफी संग उनके गाने मांग के साथ तुम्हारा, साथी हाथ बढ़ाना और उड़ें जब जब जुल्फें तेरी से उन्हें म्यूजिक इंडस्ट्री और जनता के बीच पहचान मिली थी.
इसके बाद आशा भोसले ने कई बढ़िया और फेमस गाने गाये. इसमें इन आंखों की मस्ती के, चुरा लिया है तुमने जो दिल को, मेरा कुछ सामान, दिल चीज क्या है, दो लफ्जों की है ये दिल की कहानी, पिया तू अब तो आजा, ओ मेरे सोना रे, जाइये आप कहां जाएंगे, इशारों इशारों संग कई अन्य में शामिल हैं.
गिनीज बुक में दर्ज है नाम
आशा भोंसले के नाम सबसे ज्यादा रिकॉर्डिंग करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है. साल 2011 में उन्होंने इस रिकॉर्ड को पाया था. 2006 में आशा ने बताया था कि अपने करियर में 12,000 गाने गाए हैं, जिनमें सोलो, डुएट और मल्टीप्ल सिंगर्स के साथ गाए गाने शामिल हैं. उन्होंने गिनीज सम्मान पाने में मदद के लिए संगीत शोधकर्ता विश्वास नेरुरकर को धन्यवाद दिया था.