
23 साल की उम्र में मेरी शादी हो गई. बेटा हुआ तो उसकी देखभाल करने के लिए मैंने बड़े पर्दे से ब्रेक ले लिया. मुझे फिल्में करनी तो थीं, पर बेटे पर उस समय ध्यान देना जरूरी था. आज वो 9 साल का हो गया है. उसका नाम हमने मिकेल रखा है. पर जब मिकेल 3 साल का हुआ था, तभी मैंने बड़े पर्दे पर वापसी करने का फैसला ले लिया था. एक दिन मैं सुबह में अपने फोन में कुछ कॉन्टैक्ट्स देख रही थी. एक के बाद एक उन डायरेक्टर्स को फोन लगा रही थी, जिनके साथ या तो मैंने काम किया, या फिर मुझे उन्होंने किसी फिल्म के लिए अप्रोच किया. हर जगह से मुझे नाकामयाबी हासिल हुई. पर मैंने हार नहीं मानी. मैं थोड़े- बहुत दिनों के गैप से उनसे लगातार अपडेट लेती रही. फिर एक दिन अचानक से मेरे पास लवली सिंह (डायरेक्टर) का फोन आया. उन्होंने मेरे से कहा कि मैं एक फिल्म बना रही हूं, जिसका टाइटल मैंने 'बोरिवली का ब्रूस ली' रखा है. यह ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर बेस्ड फिल्म होगी. क्या तुम करना चाहोगी?
क्योंकि लवली और मैं बचपन के दोस्त और फैमिली फ्रेंड्स रहे, मैंने उससे कहा तुम घर आ जाओ. मुझे कहानी पूरी बताओ, इसके बाद तुम्हें मैं हां या ना में जवाब दे पाऊंगी. वह घर आई. हमने पहले तो खूब बातें की, इसके बाद फिल्म की कहानी सुनी. सुनते ही मैंने इसके लिए हामी भर दी. मुझे कहानी इतनी पसंद आई कि मैं बेसब्र हो रही थी कि कब फिल्म की शूटिंग शुरू होगी और यह पोस्ट प्रोडक्शन में जाएगी. मेरे दिमाग में वही फिल्मी सेट, आसपास दौड़ता- भागता क्रू, कास्ट के साथ बैठकर लंच- डिनर करना, मस्ती-मजाक, सबकुछ एक पल में याद आ रहा था. लवली तो उस दिन अपने घर लौट गई थी, पर मैं शूटिंग करने को लेकर बहुत ज्यादा एक्साइटेड हो गई थी.
फिल्म की शूटिंग शुरू हुई. एक साल बीत गया. पर जब पोस्ट प्रोडक्शन में फिल्म आई तो वह पूरी ही नहीं हो पाई. आजतक यह फिल्म रिलीज नहीं हुई है. न गाने आए, न कहानी का पता चला. मेरा दिल टूट गया.
यह पूरी कहानी बताने वाली कोई और नहीं, बल्कि आयशा टाकिया हैं. शादी के बाद आयशा ने फिल्मी दुनिया को पूरी तरह से अलविदा कह दिया था. वह परिवार का बिजनेस आगे बढ़ाना चाहती थीं. क्योंकि इनके पति रेस्टोरेंट बिजनेस में थे. तो आयशा ने इसे अपना समझकर इसपर पूरी तरह फोकस किया. फिर बेटा हुआ, मिकेल आजमी. आयशा ने अपना पूरा ध्यान अपने बच्चे पर लगाया. बता दें कि आयशा ने कई साल बॉयफ्रेंड फरहान आजमी को डेट करने के बाद उनके साथ शादी करने का फैसला लिया था. शादी के बाद आयशा ने अपना धर्म भी बदल लिया था. आज के समय में आयशा, अपने पति और बेटे के साथ मुंबई में ही रहती हैं. सोशल मीडिया पर अक्सर ही फैमिली फोटोज शेयर कर फैन्स को ट्रीट देती नजर आती हैं.
कैसा बीता बचपन, कौन सी थी पहली फिल्म?
आयशा टाकिया का जन्म मुंबई में 10 अप्रैल 1986 में हुआ था. इनके पिता निशित टाकिया, गुजराती हिंदू थे और मां फरीदा टाकिया, मुस्लिम. आयशा दो बहनें थीं. वह खुद और नताशा, छोटी बहन थीं. हाई स्कूल की पढ़ाई आयशा ने मुंबई में ही रहकर की.
आयशा जब छोटी बच्ची थीं तभी से उन्होंने खुद के लिए तय कर लिया था कि वह एक्टिंग में जाएंगी. पहली बार जब कैमरा फेस किया तो आयशा की उम्र चार साल थी. हां, आपने सही पढ़ा, चार साल की उम्र में आयशा ने अपना पहला ऑडिशन दिया था. यह किसी ऐड के लिए था. वो बात अलग है कि इनका सिलेक्शन नहीं हुआ था. पर आयशा ने कभी हार नहीं मानी. 13 साल की उम्र में आयशा की पहचान 'आई एम अ कॉम्प्लैन गर्ल' के तौर पर हुई. इनके साथ स्क्रीन पर शाहिद कपूर नजर आए थे. 90 के दशक में यह बहुत पॉपुलर ऐड रहा.
60 से ज्यादा किए ऐड्स
इसी तरह आयशा करियर में आगे बढ़नी शुरू हुईं. 60 से ज्यादा ऐड्स में एक्ट्रेस ने काम किया. ऐड्स की बदौलत, आयशा को अपने करियर का पहला बड़ा ब्रेक मिला. मशूहर सिंगर फाल्गुनी पाठक के सॉन्ग 'मेरी चुनर उड़- उड़ जाए' में नजर आईं. इसके बाद डीजे अकील के सॉन्ग 'शेक इट डैडी' में मॉडल कीथ सिक्वेरा संग दिखीं. इस गाने में आयशा को इम्तियाज अली ने नोटिस किया. उस समय इम्तियाज टीवी सीरियल्स डायरेक्ट कर-करके बोर हो चुके थे. फिल्मों में हाथ आजमाना चाहते थे. इम्तियाज, फिल्म 'सोचा ना था' बनाने जा रहे थे. फिल्म की कास्टिंग के दौरान हीरोइन तो इम्तियाज ने पक्की कर ली थी, आयशा टाकिया. बात आई एक्टर पर तो इसके लिए अभय देओल को चुना गया. क्योंकि इम्तियाज की यह पहली फिल्म थी तो कोई भी प्रोड्यूसर उनकी फिल्म में पैसा नहीं लगाना चाहता था. ऐसे में अभय, भाई सनी से मिलवाने उन्हें शिमला ले गए. सनी, हर फिल्म की कहानी शिमला में सुनते हैं. स्क्रिप्ट नैरेशन के बाद सनी ने अपने प्रोडक्शन हाउस विजयता फिल्म्स के तहत इम्तियाज की फिल्म को प्रोड्यूस करने के लिए हामी भर दी. फिल्म की शूटिंग शुरू हुई, पर बीच में इसपर ब्रेक लग गया. समय बीता, और आयशा को लगने लगा कि फिल्म बंद बस्ते में चली जाएगी. तीन साल इस फिल्म को बनने में लग गए. तब जाकर यह साल 2005 में रिलीज हुई.
पर इन तीन साल में आयशा को अब्बास-मस्तान की फिल्म 'टारजनः द वंडर कार' ऑफर हुई. क्योंकि विजयता फिल्म्स के साथ आयशा का कॉन्ट्रैक्ट था कि वह किसी और फिल्म में तब तक काम नहीं करेंगी, जब तक उनकी फिल्म रिलीज नहीं हो जाती, एक्ट्रेस बीच मझधार में फंस गईं. पर अब्बास-मस्तान जानते थे कि अगर कोई फिल्म दो-तीन सालों के लिए डिले हो जाए तो एक्टर किसी दूसरी फिल्म में काम कर सकता है. ऐसे में दोनों ने 'टारजन' कुछ ही समय में बनाकर तैयार की और उसे साल 2004 में रिलीज कर दिया. इस फिल्म में आयशा की जोड़ी वत्सल सेठ के साथ बनी थी.
आयशा के हाथ से गई कई फिल्में
आयशा ने अपने करियर में कई बड़ी फिल्मों से हाथ धोया. इसकी शुरूआत हुई थी शाहरुख खान स्टारर 'मैं हूं ना' से. इस फिल्म में पहले अमृता राव का किरदार आयशा निभाने वाली थीं, पर कुछ कारणों की वजह से इन्हें फिल्म से निकाल दिया गया. कई गॉसिप कॉल्म्स में बताया जाता है कि आयशा अपने एटीट्यूड की वजह से इस फिल्म से दूर हुई थीं. इसके अलावा आयशा को आमिर खान की फिल्म 'गजनी' भी ऑफर हुई थी. एक्ट्रेस ने कई इंटरव्यूज में इसके बारे में खुलकर बताया भी. पर यह फिल्म भी आयशा नहीं कर पाईं. पर इस सबके बीच आयशा के पास एक ऐसी फिल्म आई, जिसने एक्ट्रेस की तमाम शिकायतों को दूर कर दिया था. फिल्म थी 'डोर'. यह बॉक्स ऑफिस पर हिट रही थी.
इंटीमेट सीन्स न करने की खाई कसम
आयशा का शुरू से ही एक रूल रहा, वह किसी भी फिल्म में इंटीमेट सीन नहीं करेंगी. ऐसे में जब डायरेक्टर नागेश ने एक्ट्रेस को फिल्म 'आशाएं' ऑफर की तो उन्होंने इसके लिए इनकार कर दिया. आयशा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह ऐसी फिल्में करना चाहती हैं, जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सके. वह किसिंग या इंटीमेट सीन्स करने को लेकर सहज महसूस नहीं करती हैं.
अनुराग कश्यप का निर्देशन में करियर थोड़ा डामा-डोल चल रहा था. उनकी दो फिल्में 'पांच' और 'ब्लैक फ्राइडे' बनकर तैयार थीं, पर रिलीज नहीं हो पा रही थीं. वजह थी सेंसरशिप, जिसके कारण अनुराग को कोर्ट-कचहरी के कई चक्कर लगाने पड़ रहे थे. पर अनुराग हार मानकर चुप बैठने वालों में से नहीं थे. डायरेक्टर ने एक और फिल्म बनाने के बारे में सोचा, पर उनके साथ कोई भी काम करके अपना करियर रिस्क में नहीं लाना चाहता था. अनुराग ने अपनी फिल्म की कहानी सबसे पहले शाहरुख खान को सुनाई. उन्हें कहानी तो पसंद आई, पर 'काफी डार्क है' यह कहकर उन्होंने इसे करने से मना कर दिया. यह फिल्म थी 'नो स्मोकिंग'. बाद में जॉन अब्राहम इसे करने के लिए तैयार हुए. पर हीरोइन का अबतक कुछ अता- पता नहीं था. आयशा टाकिया आगे आईं. फिल्म में एक्ट्रेस ने जॉन की ऑनस्क्रीन पत्नी और सेक्रेटरी का रोल किया था. शूटिंग के दौरान अनुराग कश्यप ने अपने एक ब्लॉग में आयशा के लिए लिखा था कि वह आने वाले समय की अगली रानी मुखर्जी हैं. पर यहां ट्विस्ट तब आया, जब आयशा को पता चला कि फिल्म में जॉन के साथ उन्हें इंटीमेंट सीन्स देने हैं.
आयशा खूब रोईं, क्योंकि वह इस तरह के सीन्स करने में बिल्कुल भी कम्फर्टेबल नहीं थीं. यहां तक कि आयशा को फिल्म में पहनाए जाने वाले कुछ कपड़े भी पसंद नहीं आए थे. पर फिर अनुराग ने आयशा को समझाया और कहा कि वह सीन्स में कुछ बदलाव करते हैं. जिस तरह आयशा चाहती हैं कि सीन शूट हों, उसी तरह वह होंगे.
मनीषा कोइराला के भाई पर आया आयशा का दिल
आयशा जबसे इंडस्ट्री का हिस्सा बनीं, इन्होंने कभी अपने रिलेशनशिप्स पर खुलकर बात नहीं की. हमेशा टाइट- लिप्ड रहीं. पर जब आप एक सेलेब बन जाते हैं तो आपके चाहने वालों, फैन्स और ट्रोल्स तक यह बात पहुंच ही जाती है कि आप किसे डेट कर रहे हो. खासकर जब एक्टर कुंवारी हो. तो आपको बता दें कि आयशा, मनीषा कोइराला के भाई सिद्धार्थ कोइराला को डेट कर चुकी हैं. यह आजतक कोई नहीं जान पाया है कि आखिर इनकी मुलाकात कैसे हुई और प्यार कैसे परवान चढ़ा, पर एक्ट्रेस ने एक इंटरव्यू में इतना जरूर हिंट दे दिया था कि वह सिद्धार्थ को डेट कर रही हैं. पर इंटरव्यू में दिए इस स्टेटमेंट के पीछे ट्विस्ट ये था कि एक्ट्रेस का सिद्धार्थ संग ब्रेकअप हो गया था. पर अपने रिश्ते को दोबारा चांस देने के लिए आयशा, सिद्धार्थ के साथ रिलेशनशिप में आई थीं.
इसके बाद आयशा ने अमीषा पटेल के भाई अश्मित पटेल को डेट किया. हालांकि, यह रिलेशनशिप कुछ महीनों का ही रहा, पर एक-दूसरे के प्यार में जिस तरह से दोनों दीवाने थे, यह बखूबी सोशल मीडिया पर नजर आता था. साथ में पार्टीज अटेंड करना. लंच- डिनर डेट्स पर जाना, यहां तक कि एक-दूसरे के घर पर स्पॉट होना, लगभग रोज का हो गया था. पर यह रिश्ता ज्यादा समय तक चल न सका. आखिर में आकर दोनों ने अपनी राहें अलग कर लीं.
आयशा हो चुकी हैं बुली
देखा जाए तो आम लोग जिस तरह हर रोज अपनी रेगुलर लाइफ में बुली और ट्रोलिंग का शिकार होते हैं, सेलेब्स के लिए भी यह कोई नई बात नहीं. आयशा घर पर थीं और सोशल मीडिया स्क्रोल कर रही थीं कि उनकी नजर उन पोस्ट्स पर पड़ी, जिनमें एक्टर्स ने वर्कप्लेस पर बुली होने की बात खुलकर कही थी. आयशा ने भी बिना देरी किए अपना वाकया शेयर किया. आयशा ने एक पोस्ट में लिखा- काम करने की जगह पर, फिल्म सेट पर, वैनिटी वैन में, कई बार मुझे ट्रोल किया गया. मुझे कुछ ऐसा कहा गया जो मुझे पसंद नहीं आया. मैं यह बात इसलिए बता रही हूं, क्योंकि मैं चाहती हूं कि लोग आगे आएं और इसके बारे में बोलें. कोई भी आपको छोटा महसूस नहीं करा सकता है. आप किसी से कम नहीं हैं. अगर आपको कोई भी बुली करता है या फिर खराब बोलता है तो उसके खिलाफ आवाज उठाएं. उसे जवाब दें. आप यूनीक हो, अलग हो और अपनी लड़ाई खुद लड़ सकते हो. सामने वाले को जीतने नहीं देना है, उसको ऐसा मुंहतोड़ जवाब देना है. कोई भी आपको नीचे नहीं गिरा सकता.
आयशा की इस पोस्ट ने फैन्स को काफी इंप्रेस कर दिया था. हर ओर एक्ट्रेस की जमकर तारीफ हुई थी.