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एसएस राजामौली की फिल्म RRR इस साल रिलीज हुई. फिल्म की थीम में दोस्ती थी. और फिल्म के पूरे प्रोमोशन के दौरान एक अलग-सी दोस्ती की हवा भी खूब थी- बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की दोस्ती. RRR से आलिया भट्ट और अजय देवगन तेलुगू सिनेमा में अपना डेब्यू भी कर रहे थे.
बॉलीवुड फिल्ममेकर करण जौहर ने इस फिल्म को खूब प्रमोट किया और एक इंटरव्यू में कहा कि हमें बॉलीवुड, टॉलीवुड, कॉलीवुड वगैरह नामों से बुलाना बंद हो जाना चाहिए, अब 'इंडियन फिल्म इंडस्ट्री' कहना सही रहेगा. ठीक यही लाइन तब भी खूब चली जब RRR के कुछ महीने बाद 2022 की सबसे धमाकेदार फिल्म KGF 2 आई.
रॉकिंग स्टार कहे जाने वाले यश की फिल्म में विलेन बने थे बॉलीवुड स्टार संजय दत्त. और 90s में बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस रहीं रवीना ने भी फिल्म में महत्वपूर्ण किरदार निभाया. इन दो फिल्मों के पूरे प्रोमोशन के दौरान ये 'इंडियन फिल्म इंडस्ट्री' वाला फंडा काफी चला और फैन्स ने भी सपोर्ट किया. लेकिन शनिवार शाम को इस आईडिया से ठीक उलट एक मामला ट्विटर पर चलने लगा.
महेश बाबू के साथ फिल्म में आलिया भट्ट की कास्टिंग?
इस तरह की रिपोर्ट्स पहले भी आती रही हैं कि RRR में आलिया भट्ट के साथ काम करने के बाद राजामौली उनके टैलेंट से बहुत इम्प्रेस हैं और फिर से साथ काम करना चाहते हैं. कहा गया कि राजामौली, महेश बाबू के साथ जो एडवेंचर फिल्म बनाने जा रहे हैं उसमें आलिया को लेने पर विचार कर रहे हैं.
शनिवार को फिर से ऐसी खबर आई कि बात बस बन ही गई है, और जनता को महेश बाबू-आलिया भट्ट की जोड़ी स्क्रीन पर देखने को मिलने वाली है. हालांकि, इसका कोई ऑफिशियल कन्फर्मेशन सामने नहीं आया है. लेकिन इस खबर से ट्विटर पर कुछ लोगों को समस्या हो गई. जैसे कि ये ट्वीट:
ये अकेला ट्वीट नहीं था बल्कि कई यूजर्स ने इस तरह के ट्वीट कर डाले और कहा कि राजामौली को महेश बाबू के साथ किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस को नहीं लेना चाहिए. ऐसे यूजर्स को समझना चाहिए कि बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्रीज का साथ आना सिनेमा के लिए कितनी शानदार चीज है.
2022 में हिट रहा कोलेबोरेशन
RRR में आलिया भट्ट, अजय देवगन हों या फिर KGF 2 में संजय दत्त और रवीना टंडन... इस साल साउथ स्टार्स और बॉलीवुड स्टार्स का कोलेबोरेशन बॉक्स ऑफिस पर बहुत कामयाब रहा है. दोनों ही फिल्मों ने न सिर्फ जमकर कमाई की, बल्कि सोशल मीडिया पर अलग-अलग इंडस्ट्रीज के साथ आने को जनता ने भी खूब सेलिब्रेट किया. जबकि RRR में तो आलिया का रोल सिर्फ कैमियो ही था.
फिलहाल बॉक्स ऑफिस पर कमाई के रिकॉर्ड बना रही रणबीर कपूर, आलिया भट्ट की 'ब्रह्मास्त्र' में भी जबरदस्त बॉलीवुड टॉलीवुड कोलेबोरेशन देखने को मिला. फिल्म में तो बड़े तेलुगू स्टार नागार्जुन का स्पेशल रोल था ही, लेकिन RRR डायरेक्टर राजामौली ने फिल्म को खूब प्रमोट किया. इतना ही नहीं, फिल्म के हैदराबाद इवेंट में जूनियर एनटीआर का होस्ट होना और चिरंजीवी का 'ब्रह्मास्त्र' के साथ जुड़ना भी एक बड़ी बात रही.
आलिया को कास्ट करने के खिलाफ ट्वीट कर रहे बहुत सारे लोगों ने आरोप लगाया कि 'बाहुबली' के लिए करण ने जो फेवर किया, राजामौली अभी तक उसी फेवर को चुकाने में लगे हैं. इसीलिए वो महेश बाबू के साथ आलिया कास्ट करने वाले हैं. अगर ऐसा है भी, तो बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के आंकड़े कहते हैं कि ये दोनों इंडस्ट्रीज के लिए बहुत फायदे का सौदा है.
'लाल सिंह चड्ढा' और 'लाइगर'
अलग-अलग इंडस्ट्रीज के स्टार्स को साथ लाने का ये गेम आमिर खान की 'लाल सिंह चड्ढा' के फेवर में नहीं गया, जिसमें नागा चैतन्य का महत्वपूर्ण रोल था. मगर जब लोग पूरी फिल्म को ही नकार दें तो कोई समीकरण काम नहीं आता. ठीक ऐसा ही एक और फिल्म के साथ हुआ जिसका नाम था 'लाइगर'. तेलुगू स्टार विजय देवरकोंडा और बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे के लीड रोल वाली 'लाइगर' के लिए माहौल तो बहुत बनाया गया.
बॉलीवुड के टॉप फिल्ममेकर करण जौहर और तेलुगू के दो टॉप मेकर्स पुरी जगन्नाथ, चार्मी कौर के साथ मिलकर फिल्म बनाना भी एक चर्चा की बात थी. 'लाइगर' के प्रमोशन में भी 'इंडियन फिल्म इंडस्ट्री' वाली बात खूब हुई, लेकिन लोगों ने फिल्म को सरासर नकार दिया.
साउथ स्टार्स के फ्लॉप बॉलीवुड डेब्यू
'इंडियन फिल्म इंडस्ट्री' वाले कॉन्सेप्ट को लेकर इस समय माहौल बहुत अच्छा है और अलग-अलग इंडस्ट्रीज के स्टार्स का कोलेबोरेट करना कामयाब हो रहा है. वरना एक समय ऐसा भी रहा है जब अच्छे-अच्छे साउथ स्टार्स का बॉलीवुड डेब्यू बुरी तरह फ्लॉप रहा है. 'विक्रम' और 'सोरारई पोटरू' से हिंदी जनता को भी अपना फैन बना लेने वाले सूर्या का बॉलीवुड डेब्यू 'रक्त चरित्र 2' (2010) फ्लॉप रहा था. हालांकि, जिन लोगों ने भी फिल्म देखी उन्होंने सूर्या के काम को पसंद किया.
RRR से सबके दिल में बस चुके राम चरण ने, अमिताभ बच्चन की आइकॉनिक फिल्म 'जंजीर' (2013) से बॉलीवुड डेब्यू किया था, लेकिन फ्लॉप रहे थे. मॉलीवुड (मलयालम सिनेमा) के आइकॉन मोहनलाल की बॉलीवुड डेब्यू फिल्म 'कंपनी' (2002) ने भी अच्छा बिजनेस नहीं किया था. चियान विक्रम के बॉलीवुड डेब्यू 'रावण' (2010) और पृथ्वीराज की अइय्या (2012) के साथ भी यही हुआ था. लेकिन अब मामला दूसरा है और अलग-अलग इंडस्ट्रीज के टैलेंट का साथ आना एक नए लेवल पर पहुंच रहा है.
बराबर का कोलेबोरेशन वाली फिल्में
इंडस्ट्रीज के कोलेबोरेशन का ये मामला अब कैमियो से आगे बढ़कर उस लेवल पर आ रहा है जहां मामला बराबरी का है. जैसे शाहरुख खान की 'जवान' को लीजिए. इसे प्रोड्यूस शाहरुख की कम्पनी कर रही है, लेकिन डायरेक्टर एटली कॉलीवुड (तमिल फिल्म इंडस्ट्री) के हिटमेकर हैं. 'जवान' में शाहरुख के साथ लीड एक्ट्रेस नयनतारा हैं और विलेन के रोल में विजय सेतुपति के होने की चर्चा है.
इसी तरह प्रभास की आने वाली फिल्मों में से एक 'प्रोजेक्ट के' में दीपिका पादुकोण और दिशा पाटनी भी हैं. खुद प्रभास की अगली रिलीज 'आदिपुरुष' के प्रोड्यूसर भूषण कुमार हैं, जो बॉलीवुड के टॉप प्रोड्यूसर्स में से एक हैं. इसमें एक्ट्रेस कृति सेनन हैं.
ऐसे ही राम चरण की 'RC 15' में कियारा अडवाणी लीड एक्ट्रेस हैं तो सूर्या की हाल ही में अनाउंस हुई पीरियड ड्रामा में दिशा पाटनी. 'पुष्पा' स्टार रश्मिका मंदाना, अमिताभ बच्चन के साथ 'गुडबाय' में डेब्यू कर रही हैं, जिसका ट्रेलर हाल ही में आया है. वहीं समांथा के दो प्रोजेक्ट- एक आयुष्मान खुराना के साथ, और दूसरा तापसी पन्नू के प्रोडक्शन में; लगभग कन्फर्म हैं.
मतलब 'इंडियन फिल्म इंडस्ट्री' का ये सपना धीरे-धीरे मजबूती के साथ जरूर आगे बढ़ रहा है. थिएटर्स में टिकट का भरपूर दाम वसूलने का इंतजार कर रहे फिलमची लोगों के लिए आने वाले साल बहुत मजेदार होने वाले हैं.