एक्टर मुकेश खन्ना का नाम सुनते ही एक पूरी जेनरेशन को अपना बचपन याद आने लगता है. 'महाभारत' में भीष्म पितामह के रोल से लोगों के दिमाग में बस जाने वाले मुकेश, जब 'शक्तिमान' बनकर टीवी पर आए तो एक बार फिर से जनता के फेवरेट हो गए. एक वक्त था जब लोग रविवार की सुबह 'शक्तिमान' बने मुकेश खन्ना को देखने का इंतजार किया करते थे.
लोगों को मुकेश खन्ना के नाम से इंडिया का पहला सुपरहीरो ही याद आता रहा है. एक ऐसा सुपरहीरो जो एडवेंचर के साथ-साथ सामाजिक ज्ञान की बातें भी लोगों को सिखाया करता था. मगर एक आज का वक्त है जब मुकेश खन्ना का नाम सुनते ही पता चल जाता है कि अब कोई नया विवाद हुआ है, और इस विवाद का कारण उनका ही कोई बयान होता है. आजकल मुकेश जिस वजह से चर्चा में हैं, वो है एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा पर दिया उनका बयान.
मुकेश खन्ना पर क्यों भड़कीं सोनाक्षी?
2019 में कौन बनेगा करोड़पति में पहुंचीं सोनाक्षी, रामायण से जुड़े एक सवाल का जवाब नहीं दे पाई थीं. एक इंटरव्यू में मुकेश खन्ना ने सोनाक्षी की इस बात का जिक्र करते हुए कहा, 'ऐसा तब हुआ जब वो शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी हैं. उनके भाइयों का नाम लव और कुश है.' मुकेश ने कहा कि सोनाक्षी के पेरेंट्स ने उन्हें ये सिखाया क्यों नहीं.
अब सोनाक्षी ने एक स्टेटमेंट में मुकेश की आलोचना करते हुए उन्हें दोबारा इस तरह के बयान न देने की चेतावनी भी दी है. अपने स्टेटमेंट में सोनाक्षी ने कहा कि गेम शो पर दबाव में जवाब ना दे पाना उनकी एक भूल है और इसके लिए मुकेश को उनके पेरेंट्स पर टारगेट नहीं करना चाहिए. हालांकि, हाल-फिलहाल ये पहला मौका नहीं है जब मुकेश खन्ना अपने विवादास्पद बयान की वजह से खबरों में हों. पिछले कुछ सालों से वो लगातार ऐसे बयान देते आ रहे हैं जैसे वो एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में आचरण, नैतिकता, धर्म, सामाजिकता और संस्कार के एकमात्र रखवाले हैं.
महिलाओं के लिए गाइडलाइन तय करता 'शक्तिमान'
दो साल पहले मुकेश का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वो महिलाओं के बारे में एक विवादास्पद बयान दे रहे थे. वीडियो में उनका कहना था, 'कोई भी लड़की अगर किसी लड़के को कहे कि मैं तुम्हारे साथ रिलेशन बनाना चाहती हूं, वो लड़की लड़की नहीं है. वो धंधा कर रही है. क्योंकि इस तरह की निर्लज बातें कोई सभ्य समाज की लड़की कभी नहीं करेगी. अगर वो करती है तो वो सभ्य समाज की नहीं है. वो उसका धंधा है. आप उसमें भागीदार मत बनिए. इसलिए कहता हूं ऐसी लड़कियों से बचो.' दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालीवाल ने पुलिस को मुकेश खन्ना के खिलाफ एक्शन लेने को कहा था.
महिलाओं के साथ खड़े होने वाले, उनके लिए लड़ने वाले 'शक्तिमान' का महिलाओं के बारे में ऐसा सोचना लोगों को बहुत खटका. मगर बात यहीं नहीं रुकी और मीटू मूवमेंट के बारे में एक वीडियो में राय रखते हुए मुकेश खन्ना ने कहा, 'ये मी टू की प्रॉब्लम तब शुरू हुई जब महिलाओं ने घर से बाहर निकलकर काम करना शुरू किया.' वैसे तो 'शक्तिमान' में गीता विश्वास के साथ नौकरी करता गंगाधर ही शायद मुकेश की इस बात से असहमत हो जाता. लेकिन बात सिर्फ महिलाओं के आचरण और चरित्र पर कमेंट्स करने तक नहीं रही. वो एंटरटेनमेंट जगत के धर्म रक्षक भी बन गए.
सेंसिटिविटी से दूर, विवादों की लाइन में आगे खड़ा 'शक्तिमान'
'आदिपुरुष' कंट्रोवर्सी हो या 'पठान' में भगवा बिकिनी का विवाद या फिर 'कल्कि 2898 AD' में महाभारत की एक्यूरेसी... जैसे ही कोई विवाद पैदा होता है, मुकेश खन्ना एक वीडियो शूट कर देते हैं. हर वीडियो में वो अपने 'शक्तिमान' या 'भीष्म पितामह' वाले दिनों का जिक्र जरूर करते हैं. और अपने गोल्डन दौर के जरिए खुद को आचरण पर एक अथॉरिटी की तरह साबित करते हुए वो तमाम मुद्दों पर अपने जजमेंट पास करना शुरू कर देते हैं. 'महाभारत' में भले मुकेश खन्ना ने बहुत यादगार काम किया हो मगर वो हमेशा 'शक्तिमान' से ही पहचाने जाते रहे हैं, और पहचाने जाएंगे. इसलिए जब भी वो विवादों में आते हैं, उनके साथ 'शक्तिमान' भी हाईलाइट होता है. एक अदद एक्टर के कमेंट्स के चलते एक आइकॉनिक सुपरहीरो की इमेज का भी नुक्सान होता है.
एक ऐसी दुनिया जो लगातार खुलती जा रही है. जहां लोगों को बिना जज किए, उनके हर तरह के फैसलों का पूरा अधिकार देने की वकालत हो रही हो, वहां मुकेश के बयान लगातार अप्रासंगिक होते जा रहे हैं. ऐसे हर बयान के बाद वो एक क्षतिग्रस्त हो चुकी, अप्रासंगिक हो चुकी सोच के प्रतिनिधि जैसे नजर आते हैं. आज जब डिप्रेशन और आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर स्कूली बच्चों को सेंसिटिविटी सिखाई जा रही है, तब हमारे सुपरहीरो 'शक्तिमान' रह चुके मुकेश खन्ना ने 20 साल की टीवी एक्ट्रेस तुनिशा शर्मा के सुसाइड को 'बचकाना' कह दिया और उनके पेरेंट्स पर ही सवाल खड़े करने लगे. हमारा शक्तिमान ऐसा तो नहीं था!
एक तरफ तो मुकेश कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो को 'फूहड़ और अश्लील' कहते हैं. कपिल के शो पर मेहमान बनकर जाने वाले 'महाभारत' के अपने साथी एक्टर गजेंद्र चौहान पर तंज कसते हैं, उन्हें 'कलियुग का अधर्मराज' कहते हैं. दूसरी तरफ शिकायत करते हैं कि कपिल शर्मा एक इवेंट में उनके बगल में 10 मिनट बैठे रहे लेकिन कर्टसी नहीं दिखाई. इस तरह की बातों से वो केवल अटेंशन के लिए मेहनत करते नजर आते हैं. और इस तरह फिर वो 'शक्तिमान' की उस इमेज को नुक्सान पहुंचाते हैं, जिसकी रक्षा के नाम पर वो एक बॉलीवुड स्टार को लगातार कटघरे में खड़ा करते रहे हैं.
एक आजाद देश के आजाद नागरिक को यकीनन हर तरह के ओपिनियन का अधिकार है, लेकिन जब मुकेश खन्ना बार-बार सुपरहीरो शक्तिमान के जरिए अपनी पहचान स्थापित करते हैं और कोई ऐसा विचार रखते हैं जो एक बदलती हुई दुनिया के साथ मेल नहीं खाता, तो क्या वो विचार किसी सुपरहीरो की इमेज के साथ स्वीकार किया जा सकता है? इस सवाल की एक वजह खुद 'शक्तिमान' पर फिल्म बनाने को लेकर मुकेश खन्ना साहब की खींचतान भी है.
एक 'शक्तिमान' कथा
सोनी पिक्चर्स ने 2022 में अनाउंस किया था कि वो ऑरिजिनल क्रिएटर मुकेश खन्ना के साथ 'शक्तिमान' को बड़े पर्दे पर लेकर आ रहे हैं. दरअसल, लाइमलाइट से गायब होते जा रहे मुकेश खन्ना को इस अनाउंसमेंट के बाद फिर से चर्चा मिलने लगी. इसी दौर में उनके कुछ सबसे विवादास्पद बयान भी सामने आए हैं. मगर मुकेश ने असली बवाल तब शुरू किया जब 'शक्तिमान' फिल्म में रणवीर सिंह के लीड हीरो बनने की खबर आई.
मुकेश आज तक खुद ये कहते आ रहे हैं कि रणवीर सिंह ने 3 घंटे उन्हें 'शक्तिमान' का किरदार निभाने के लिए कन्विंस करने की कोशिश की. मगर वो नहीं चाहते थे कि रणवीर इस किरदार में दिखें. यहां तक ठीक है, मगर मुकेश, रणवीर को इस किरदार में ना देखने की वजह कभी उनके न्यूड फोटोशूट को बताते हैं. कभी वो रणवीर के व्यक्तिगत जीवन पर सवाल उठाते हैं, कभी उन्हें लेकर 'बैड टेस्ट' में लगने वाला कोई बयान देते हैं. कभी रणवीर के साथ दीपिका पादुकोण पर भी सवाल करने लगते हैं. और ये सब करते हुए वो बार-बार आपके दिमाग में बसी 'शक्तिमान' की इमेज को हल्का करते जाते हैं. अगर रणवीर उन्हें शक्तिमान बनने लायक नहीं भी लगे तो दो लोगों की आपसी बातचीत को आपस तक बनाए रखने की कर्टसी ना दिखाना, आखिर मुकेश के बारे में क्या कहता है?
'शक्तिमान' की इमेज बचाने के लिए जब मुकेश बयान देते हैं तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो किसे छोटा दिखा दें. वो कभी अक्षय कुमार को कटघरे में खड़ा कर देते हैं, कभी टाइगर श्रॉफ पर निहायत बचकाना बयान दे देते हैं. मुकेश का अपने रचे आइकॉनिक किरदार के लिए इतना प्रोटेक्टिव होना तो समझ आता है, मगर ये नहीं समझ आता कि इन सभी लोगों ने मुकेश का ऐसा क्या बिगड़ा है जो वो उनके ऐसे बयान सहते रहें. क्या इनमें से किसी का भी पलटकर कुछ ना कहना, इनकी तरफ से मुकेश के लिए कर्टसी नहीं है?!
आखिरकार अब ये भी होने लगा है कि मुकेश बयान देते हुए कोई वीडियो शेयर करते हैं तो लोग उनका मजाक उड़ाने लग जाते हैं. अब वो किसी को 'शक्तिमान' बनने के लिए नाकाबिल बताते हैं, तो कोई कमेन्ट में लिख जाता है- 'राजपाल यादव को बना लो'. हालांकि, ऐसा लिखने वालों का भी ये घटियापन है कि राजपाल यादव जैसे दमदार अभिनेता का नाम मजाक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. मगर ये कमेन्ट आपको बताते हैं कि कभी लोगों की याददाश्त में आइकॉन रहे, उनके 'शक्तिमान' रहे मुकेश खन्ना को अब किस गंभीरता से लिया जा रहा है!
अब अगर इस इमेज के साथ मुकेश खन्ना किसी को 'शक्तिमान' की विरासत हैंडओवर करेंगे, तो क्या लोग इस किरदार को पहले वाले सम्मान के साथ देख पाएंगे? इस सवाल का जवाब अब मुकेश को खुद ही तय करना होगा. अब वो या तो अपने विवादित बयानों के जरिए प्रासंगिक बने रहने की कोशिशें जारी रख सकते हैं, या अपने रचे आइकॉनिक सुपरहीरो की लिगेसी को बचा सकते हैं!