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'कॉम्प्रोमाइज करने से नहीं मिलती फ‍िल्में, न कहना जरूरी है', कास्ट‍िंग काउच पर बोले डायरेक्टर इम्तियाज अली

फिल्म मेकर इम्तियाज अली ने सेट पर वुमन सेफ्टी और फिल्म इंडस्ट्री में होने वाले कास्टिंग काउच पर बात की. इसी बीच उन्होंने करीना कपूर का भी जिक्र किया और एग्जाम्पल देते हुए समझाया कि जब वी मेट के सेट पर कैसे वो बिल्कुल सेफ फील कर रही थीं.

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इम्तियाज अली (फाइल फोटो)
इम्तियाज अली (फाइल फोटो)

बॉलीवुड में कास्टिंग काउच का चलन दशकों पुराना है. अक्सर ही एक्टर्स या एक्ट्रेसेज इस बारे में शॉकिंग खुलासे करते दिखते हैं. प्रोड्यूसर्स-डायरेक्टर्स या एक्टर्स पर फिल्मों में काम दिलाने के बहाने लोगों का फायदा उठाने की बात कही जाती है. इस वजह से काफी बदनामी भी होती है. 

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इस पूरे मामले पर फिल्म मेकर इम्तियाज अली ने अपनी राय दी है, IFFI के इवेंट में शामिल हुए इम्तियाज के मुताबिक ये बहुत फायदेमंद नहीं है. उन्होंने बताया कि वो भी ऐसे किस्से बहुत सुनते हैं जहां लोगों के मन में काम के बदले कॉम्प्रोमाइज का डर बैठा हुआ है. लेकिन जहां तक वो जानते हैं, ये बहुत हेल्प नहीं करता है. 

कॉम्प्रोमाइज करने का फायदा नहीं

इम्तियाज बोले- मैं देख रहा हूं कि मैं 15-20 साल से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में डायरेक्टर हूं. मैंने भी बहुत सुना है कास्टिंग काउच के बारे में, या जो आप कह रहे हैं कोई लड़की आती है काम के लिए उसे डर लगता है. मैं आपको बताऊं जो औरत ना नहीं बोल सकती है उसके चांसेज बढ़ते नहीं है. ऐसा नहीं है कि जो लड़की कॉम्प्रोमाइज कर लेगी उसको वो रोल पक्का मिल जाएगा. एक्सप्लॉइट करने वाले बहुत होंगे. अगर कोई लड़की ना बोल सकती है, अपनी इज्जत करती है तभी कोई दूसरा आदमी भी उसको इज्जत करेगा. 

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इम्तियाज आगे बोले- क्योंकि मैं और बहुत सारे लोग ऐसा भी सोचते हैं कि क्या हम इस शख्स को सीरियसली ले रहे हैं या नहीं. क्या मेरे मन में उस इंसान के लिए रिस्पेक्ट है ताकि मैं उसे कास्ट कर सकूं. ये एक गलतफहमी है कि अगर आप कॉम्प्रोमाइज करेंगे तो आपके चांसेज फिल्म इडंस्ट्री में बढ़ेंगे. मैंने इसका उल्टा ही देखा है. जो कॉम्प्रोमाइज करता है वो अपने करियर को भी कॉम्प्रोमाइज कर देता है.

जब लाइटमैन्स से घिरीं करीना 

इसी के साथ इम्तियाज ने सेट पर वुमन सेफ्टी को लेकर भी बात की. इसी बीच उन्होंने करीना कपूर का भी जिक्र किया और एग्जाम्पल देते हुए समझाया कि जब वी मेट के सेट पर वो बिल्कुल सेफ थीं.

इम्तियाज बोले- मेरी एक जर्नी रही है. मैंने स्मॉल टाउन, लार्ज टाउन में भी काम किया है. मैंने थियेटर भी किया है, फिर मैं मूवीज में आया. यकीन मानिए मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री जैसा अपनी महिलाओं के साथ बिहेव करती है वो बेहद सराहनीय है. अगर एक फिल्म युनिट में 200 लोग काम करते हैं तो वो बहुत सेफ होता है. मैं आपको अपनी फिल्म का एग्जाम्पल देकर समझाता हूं. एक सीन था जहां करीना ऊपर की बर्थ पर लेटी हैं लेकिन सीन शुरू होने से पहले लाइटमैन कहता है कि यहां और लाइट की जरूरत पड़ेगी. 

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मैंने करीना से कहा कि आप यहां आ जाओ, जब काम कम्प्लीट हो जाएगा तब वापस लेट जाना. तो अब सब जानते हैं कि करीना फिल्म इंडस्ट्री की बेटी है, वो एक स्टार किड है. उसने ये सब देखा हुआ है. उसे शायद फिल्म एथिक्स के बारे में मुझसे भी ज्यादा पता है. तो उसने कहा कि नहीं नहीं उनको आने दो अपना काम करने दो, लाइट सेट करने दो, आप पर्दा लगा दो. अब तीन आदमी वहां काम कर रहे हैं, पर्दा लगा है और करीना लेटी हुई हैं. मैं पूछ रहा हूं करीना आप श्योर हो? लेकिन करीना मेरा पॉइंट नहीं समझ रही हैं, वो कम्फर्टेबल हैं. कौन अब बार बार उतरेगा-चढ़ेगा मैं इधर ही ठीक हूं. मैं शॉक हो गया था.

इम्तियाज ने बातों बातों में बता दिया कि महिलाएं कितनी सेफ हैं इंडस्ट्री में. डायरेक्टर के मुताबिक ऐसे कई इंसीडेंट्स हैं जहां ये साबित होता है कि किसी को कोई दिक्कत नहीं है. सब आराम से काम कर रहे हैं.  

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