
ऑस्कर विनिंग डाक्यूमेंट्रीज प्रोड्यूस कर चुकीं गुनीत मोंगा और टॉप बॉलीवुड फिल्ममेकर करण जौहर की फिल्म 'किल' का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ था. न्यूकमर एक्टर लक्ष्य स्टारर इस फिल्म के ट्रेलर में खूंखार एक्शन देखकर लोग हैरान रह गए थे.
'किल' एक इंडियन आर्मी कमांडो की कहानी है जो ट्रेन में ट्रेवल करते हुए एक रॉबरी के बीच फंस गया है. वो अकेले ही एक-एक करके किस तरह गुंडों की एक पूरी भीड़ से निपटता है, फिल्म का एक्शन उसे शानदार तरीके से दिखाता है. 'किल' में इतना एक्शन है कि टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में इसे शानदार रिव्यू मिले और कई क्रिटिक्स ने इसे 'इंडिया की सबसे वायलेंट' फिल्म बताया.
'किल' के ट्रेलर में, चलती ट्रेन में चल रहा धुआंधार एक्शन देखकर आप हैरान तो हो ही जाएंगे. मगर फिल्म के मेकर्स ने इस अद्भुत एक्शन को तैयार करने में एक और कमाल किया है, जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे.
फिल्म के लिए बनाई असली ट्रेन
मेकर्स ने एक खास वीडियो शेयर करते हुए बताया कि कैसे फिल्म के लिए प्रोडक्शन टीम ने एक ट्रेन बना डाली. इस वीडियो में गुनीत मोंगा कह रही हैं, 'आईडिया ये था कि ट्रेन रॉबरी दिखानी थी. एक बेहद संकरे स्पेस में, नॉन स्टॉप.'
फिल्म के लिए सबसे बड़ा चैलेन्ज ये था कि सेट कैसे बनाया जाए क्योंकि ये एक एक्शन फिल्म है. और मेकर्स एक्शन सीन को हर तरफ से शूट भी करना चाहते थे. 'किल' के राइटर-डायरेक्टर निखिल नागेश भट्ट ने कहा, 'अगर ये एक रियल ट्रेन होती तो शूट करना पॉसिबल नहीं होता.' एक्शन को रियल फील देने के लिए जिस सबसे बड़ी चीज की जरूरत थी, उसे तैयार किया प्रोडक्शन डिज़ाइनर मयूर शर्मा ने.
कैसे बना डाली ट्रेन?
मयूर ने बताया, 'मैंने डैम बनाए हैं, मंदिर बनाए हैं, महल बनाए हैं लेकिन एक ट्रेन बनाना चैलेन्ज था.' एक ट्रेन बनाने का सबसे बड़ा चैलेन्ज बताते हुए उन्होंने कहा, 'इंडियन रेलवे का एस्थेटिक्स सालों की मेहनत से आया है. 80% जनता को पता है कि ट्रेन कैसी दिखती है, आप लोगों को चीट नहीं कर सकते. आप फेक ट्रेन नहीं दिखा सकते.
पूरा सेट वैसे ही मैटेरियल से बना है, जो असली ट्रेन बनाने में यूज होता है. स्टील का एक दरवाजा था, जिसका वजन 200 किलो था. इस सेट को दो महीने तक चलने के हिसाब से टिकाऊ भी बनाना था और इस तरह बनाना था कि एक शॉट लेते हुए पूरा मूवमेंट भी पॉसिबल हो.
कैमरे को शूट करने के लिए मिला पूरा स्पेस
वीडियो में बताया गया कि पहले करीब एक फुट का मिनिएचर कोच बना और मयूर ने उसमें सारे मैकेनिक्स दिखाए. फिर करीब 10 फुट का मॉडल बनाया जो लकड़ी और गत्तों से बना था. और फिर उन्होंने 3 कोच का एक मॉक सेट बनाया. मयूर ने बताया, सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ये था कि कैसे शॉट की जरूरत के हिसाब से पूरे सेट का हर एक पार्ट मूव किया जा सकता है.
फिल्म में विलेन का किरदार निभा रहे डांसर-एक्टर राघव ने बताया, उनके दिमाग में पहला सवाल ये था कि ट्रेन तो चलो बन गई, मगर चलती ट्रेन में लोगों के हिलने का इफेक्ट कैसे देंगे. लेकिन मयूर इसके लिए भी तैयारी कर के बैठे थे. उन्होंने ट्रेन के कोच के नीचे बड़े स्प्रिंग लगवाए, जो एक मोटर से जुड़े थे.
एक स्विच ऑन करने पर पूरा कोच, एक रिदम के साथ ऐसे हिलता था, जैसे चलती ट्रेन का कोच हिलता है. ये एक एक्शन फ्रेंडली सेट था, जिसमें हर जगह पैडिंग भी पर्याप्त थी. ताकि फाइट कर रहे एक्टर्स और फाइटर जहां गिरें उन्हें चोट न लगे.
खून का रंग और लाइटिंग की ट्रिक
एक बड़ी दिक्कत ये थी कि फिल्म में खून खराबा बहुत है और अगर इंडियन रेलवे की तरह, कोच के इंटीरियर में हूबहू कलर्स यूज होते, तो खून का लाल रंग कैमरे में अलग से हाईलाइट नहीं होता. तो कोच के अंदर इस्तेमाल हुए पेंट का कलर, रेलवे के रियल रंगों से थोड़ा सा डिफरेंट रखा गया.
'किल' के सिनेमेटोग्राफर रफी मोहम्मद ने बताया कि सारे कैमरा पर्सन, फाइटर्स के एकदम करीब थे. इसलिए हर दिन ऐसे तरीके खोजे जा रहे थे कि ट्रेन के बाहर वाली लाइट्स मूव हो सकें.
ट्रेन का ये सेट भले खड़ा हुआ है, लेकिन बाहर की लाइट्स को अलग-अलग तरीकों से इस तरह मूवमेंट में सिंक किया गया कि अंदर बैठने पर ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हुई लगे. यहां देखें 'किल' के लिए 'रियल' ट्रेन बनाए जाने का वीडियो:
फिल्म के हीरो लक्ष्य वीडियो में कहते दिखते हैं, 'मैं ये देखकर सुन्न हो गया था कि हमने एक रियल ट्रेन बनाई है.' राघव ने बताया, 'मैंने मयूर भाई को कहा, आपको पता है आप क्रेजी हो. आपको पता है न, इस फिल्म के लीड हीरो आप हो!' लक्ष्य और राघव के साथ तान्या मानिकतला भी फिल्म में महत्वपूर्ण किरदार निभा रही हैं. 'किल' 5 जुलाई को थिएटर्स में रिलीज हो रही है.