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आज भी जिंदा हैं इरफान, घर में आने वाला कोई नहीं मानता कि वो नहीं रहे: पत्नी सुतपा सिकदर

सुतपा सिकदर ने कहा, ''वो किसी खुशबू की तरह हैं. वो मेरे घर में वो उड़ते रहते हैं. मेरे घर में वो आज भी जिन्दा हैं, और मेरे घर में जो भी आता है उसे यह महसूस नहीं होता कि वो अब नहीं रहे.''

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सुतपा सिकदर, इरफान खान
सुतपा सिकदर, इरफान खान

अपने जीवनसाथी और दोस्त को खो देना किसी के लिए भी आसान नहीं होता. आप उनके जाने के बाद उनकी यादों को संजो कर रखना शुरू कर देते हैं. ऐसा ही कुछ इरफान खान की पत्नी सुतपा सिकदर कर रही हैं. इरफान के निधन को एक साल बीत चुका है और सुतपा ने उनके जाने के बारे में बात की है. अपने नए इंटरव्यू में सुतपा ने बताया कि कैसे वह इरफान की यादों और खुशबू को संभाल रही हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि वह अपने बच्चों के लिए दुखी है, जो अपने बाबा के जाने के बाद से शोक में हैं. 

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''मेरे घर में आज भी उनकी खुशबू बनकर हैं मौजूद''

एक न्यूज पोर्टल संग बात करते हुए सुतपा सिकदर ने कहा, ''इरफान अपने हर कदम पर ध्यान देने पर जोर देते के लिए कहते थे, और वो बात- उन्हें जाने देने में, छोटी बातों पर ना रोने, उन्हें याद करने में बहुत मददगार साबित हुई है. क्योंकि अगर वो इतनी बड़ी बीमारी से लड़ सकते हैं वो भी उसे बिना बड़ा बनाए, तो फिर मैं छोटी परेशानियों पर शोर करने वाली कौन होती हूं.''

उन्होंने कहा, ''वो किसी खुशबू की तरह हैं. वो मेरे घर में वो उड़ते रहते हैं. मेरे घर में वो आज भी जिन्दा हैं, और मेरे घर में जो भी आता है उसे यह महसूस नहीं होता कि वो अब नहीं रहे.''

सुतपा ने बताया कि सबसे बड़ी चीज जो उन्होंने सीखी है वो ये है कि जब समय आता है, तो सबको जाना ही पड़ता है. लेकिन इरफान को खोने के बाद सुतपा और ताकतवर हो गई हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि अब उन्हें संभालने वाला कोई नहीं है. मेरी स्थिति ने मझे ज्यादा सतर्क और जागरूक हो गई हूं.

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इरफान को खोने के बाद सुतपा ने ली सीख

पिछले साल जब देश कोरोना वायरस को लेकर परेशान था और नई चीजों को होते देख रहा था, तब इरफान के निधन ने सभी को गम में डाल दिया था. सुतपा के लिए इरफान के साथ बिताए समय की यादें ही उनके जाने के बाद बची हैं. उन्होंने बताया, ''जब आपको अपने साथी को शारीरिक तौर पर गंवाना पड़ता है, तब आप जिंदगी का आत्मनिरीक्षण करते हैं. उनके साथ बिताए अपने रिश्ते के नाजुक धागों पर ध्यान देते हैं. आप गहराई से उन्हें एक इंसान के रूप में देखते हैं, और फिर आप इसी लय में आगे बढ़ते हैं, जिसने आपको एक अलग जोड़ी बनाया था. तो मैं आज भी हर रास्ते पर वैसे ही चलती हूं, जैसे मैं उनके साथ चला करती थी.'' 

यंग और आकांक्षी एक्टर्स पर इरफान खान का क्या असर रहा है इस बारे में भी सुतपा ने बात की. उन्होंने कहा, ''मैं किसी यंग एक्टर की बढ़िया परफॉरमेंस को देखती हूं और बताता है कि इरफान उसके लिए गाइडिंग फोर्स रहे और फिर आपको एक लहार उठती दिखाई देती है. आप एक अनजान शख्स को  फोन पर आंसू बहाते देखते हैं, जैसे वो इरफान से जुड़े थे और आपको समझ आता है कि उन्होंने कुछ किया था.''

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बेटों का ख्याल कैसे रख रहीं सुतपा सिकदर?

इरफान खान, न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से पीड़ित थे. इलाज के दो साल बाद उनका निधन कोलन इन्फेक्शन के चलते हुए. इरफान अपने पीछे पत्नी सुतपा सिकदर के साथ दो बेटों बाबिल और अयान को छोड़ गए हैं. बेटों के बारे में बात करते हुए सुतपा ने कहा, ''मेरा छोटा बेटा अयान, बहुत शर्मिला है और बाबिल के बिल्कुल विपरीत है, तो मुझे उनके साथ अलग-अलग तरीके से बर्ताव करना होता है.''

उन्होंने आगे कहा, ''बाबिल बहुत स्वतंत्र है और वो बड़ा भी है तो मैं उसके सामने अपना कमजोर रूप दिखा सकती हूं, लेकिन छोटे बेटे के साथ नहीं. उसे मेरी ज्यादा जरूरत है, तो मुझे ताकतवर बनना होगा. उन्हें अपनी किस्मत खुद बनानी होगी. जब बाबिल की आने वाली फिल्म का टीजर आया तो लोगों ने उसे नेपोटिज्म के नाम पर ट्रोल किया, मैं अकेले में खूब हंसी थी. मैं चाहती हूं कि लोगों को सच पता चले.''

उन्होंने अपनी इस बात में आगे जोड़ा, ''मैं भावनात्मक रूप से उनके करीब आ गई हूं क्योंकि मैंने अपने पिता को 45 साल की उम्र में खोया था, और उन्होंने 17 और 22 साल की उम्र में, तो मैं उनके दुख को महसूस तो नहीं कर सकती लेकिन समझ जरूर सकती हूं. एक पार्टनर को खोना और पिता को खोना, दो अलग भावनाएं हैं और मैं दोनों को मिला नहीं सकती. वो दोनों शोक में हैं और मेरा दिल उन्हें ऐसे देखकर दुखता है.''

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बाबिल खान के डेब्यू पर बोलीं मां सुतपा 

बाबिल खान जल्द ही इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं. ऐसे में सुतपा बेटे को क्या सीख दे रही हैं. इसपर उन्होंने बताया, ''मैं उसे एक ही चीज हमेशा कहती हूं कि यहां कोई शॉर्टकट नहीं है. इरफान, छह महीने के एक्टिंग कोर्स, घुड़सवारी की क्लास और डासिंग क्लास से वो नहीं बने थे, जो वो थे. इसके लिए उन्हें और भी बहुत कुछ करना पड़ा था. उसमें समर्पण, जुनून और उद्देश्य था. लेकिन मुझे नहीं पता कि नई पीढ़ी इस बात को पूरी तरह समझ पाएगी.'' 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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अपनी बात को खत्म करते हुए सुतपा ने कहा, ''बाबिल बहुत समझदार, भावुक, टैलेंटेड लड़के हैं. ये बातें उनकी मदद करेंगी, लेकिन सिर्फ तब जब वह इरफान की तरह अपने काम की तरफ समर्पित होंगे. मैं उनके लिए एक अच्छा भविष्य देखती हूं.''

 

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