बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन की तो हर बार चर्चा हो जाती है. मुद्दा कोई भी क्यों ना हो, बच्चन साहब का कनेक्शन तो निकल ही आता है. अब एक्टर ने अपनी काबिलियत के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है कि सभी तरफ उन्हीं के चर्चे हो जाते हैं. लेकिन जब अमिताभ बच्चन के चर्चे नहीं होते थे, जब एक्टर ने सफलता की वो बेहतरीन सीढ़ियां नहीं चढ़ी थीं, तब उनका साथ दिया था जया भादुरी ने.
जया बच्चन की वजह से अमिताभ बने 'महानायक'
अमिताभ बच्चन की धर्मपत्नी और राजनीतिक गलियारों में अपने बयान से खबरों में रहने वालीं जया बच्चन ने हर मौके पर महानायक का साथ दिया है. मुश्किल समय में सहारा बनीं तो खुशी के समय भी झूम उठीं. जया की वजह से ही अमिताभ बच्चन ने अपनी जिंदगी के कई मुश्किल दौर आसानी से गुजारे हैं. बताया जाता है कि बॉलीवुड को अपना महानायक जय बच्चन की वजह से ही मिल पाया है. ऐसा कहा जाता है कि शुरुआती करियर में 12 फ्लॉप फिल्में देने के बाद अमिताभ बॉलीवुड छोड़ना चाहते थे. वे मुंबई से वापस जा रहे थे. लेकिन तब उन्हें फिल्म जंजीर में साइन किया गया और उनके अपोजिट जया बच्चन को लिया गया. ये वो समय था जब अमिताभ के साथ कोई भी हीरोइन काम नहीं करना चाहती थी. वजह सिंपल थी- एक्टर कुछ खास फिल्में नहीं कर रहे थे.
कहां से शुरू हुई ये प्रेम कहानी?
लेकिन तब जया बच्चन ने अमिताभ के साथ फिल्म की और दोनों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई. अमिताभ और जया की प्रेम कहानी काफी फिल्मी है. उनकी लव स्टोरी में एकतरफा प्यार का जुनून भी है और एक दूसरे को कभी अकेला ना छोड़ने वाला जज्बा भी. जया बच्चन बताती हैं कि उनकी अमिताभ बच्चन से पहली मुलाकात कई साल पहले पुणे के फिल्म इंस्टीट्यूट में हुई थी. अब जया तो वहां पर पढ़ने गई थीं, लेकिन तब तक अमिताभ धक्के ही खा रहे थे. लेकिन क्योंकि ये जोड़ी खास थी, इसलिए इनका मजबूत कनेक्शन भी हमेशा देखने को मिला. जया को पहली नजर में अमिताभ से प्यार हो गया था.
अमिताभ के लिए दोस्तों से लड़ीं जया
जया बताती हैं कि अमिताभ बच्चन को उनके पतले होने की वजह से कई तरह के ताने सुनने पड़ते थे. पुणे के इंस्टीट्यूट में तो उन्हें कई लोग छड़ी कहकर बुलाते थे. इस बात से जया काफी नाराज हो जाया करती थीं. आलम ये होता था कि वे अमिताभ के लिए अपनी सहेलियों से भी लड़ जाती थीं. वैसे ये तो जया बच्चन का वर्जन है, अमिताभ बच्चन ने भी दिलचस्प बात बताई है. उनकी माने तो उन्होंने जया बच्चन को पहली बार एक मैगजीन कवर पर देखा था. उन्हें भी पहली नजर में अपनी ड्रीम गर्ल मिल गई थी.
शादी की बात कैसे बनी?
दोनों के मन में एक दूसरे के लिए प्यार था, पसंद भी करने लगे थे, ऐसे में मुलाकात के सिलसिले शुरू हुए. पहले एक...फिर दो और फिर लगातार वे मिलते रहे. इन मुलाकातों ने दोनों को एक दूसरे के करीब ला दिया और उन्हें प्यार हो गया. इसके बाद जंजीर फिल्म भी इतनी सफल हो गई कि अमिताभ और जया लंदन में इसका जश्न मनाना चाहते थे. खूब तैयारी की जा रही थी. लेकिन अमिताभ बच्चन के पिता ने तब साफ कर दिया कि विदेश जाना है तो पहले शादी करो, फिर चले जाना. बस पिता की आज्ञा का पालन करते हुए अमिताभ बच्चन ने जया बच्चन से 1973 में शादी की और उसके बाद से दोनों का रिश्ता सिर्फ मजबूत होता गया. उनका ये मजबूत रिश्ता जंजीर', 'अभिमान', 'चुपके-चुपके', 'मिली', 'शोले' और 'कभी खुशी कभी गम' जैसी फिल्मों में और निखरकर सामने आया और उनकी जोड़ी को ऑल टाइम फेवरेट बता दिया गया.