बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल अपनी फिल्म सलाम वेंकी के साथ बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं. तानाजी के दो साल बाद काजोल की कोई फिल्म सिल्वर स्क्रीन पर रिलीज होने जा रही है. इस बीच उन्हें शॉर्ट फिल्म देवी और नेटफ्लिक्स फिल्म त्रिभंग में भी देखा जा चुका है. सलाम वेंकी एक मां और उसके दिव्यांग बेटे की कहानी है, जो प्रेरणा से भरी होने वाली है. फिल्म की रिलीज से पहले काजोल ने Aajtak.in से अपने करियर, सोशल मीडिया, कॉन्ट्रोवर्सी, पति अजय देवगन और बेटी न्यासा के करियर के बारे में बात की.
अजय की फिल्म पर बोलीं काजोल
इस साल बॉलीवुड के बॉक्स ऑफिस पर अजय देवगन की फिल्म दृश्यम 2 गेम चेंजर साबित हुई है. इसपर रिएक्ट करते हुए काजोल कहती हैं, बिल्कुल दृश्यम गेम चेंजर रही है. हां, फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होना डराता था. दृश्यम 2 एक पॉजिटिविटी लेकर आया है. मैं बहुत खुश हूं कि अब लोग थिएटर की ओर अपना रूख कर रहे हैं. हमारी फिल्मों को तवज्जो दी जा रही है. मैं ये जरूर कहना चाहूंगी कि हम जो आपको फिल्में देते हैं, वो सोसायटी का ही तो रिफ्लेक्शन है. हमें उसे बनाने में बहुत मेहनत लगती है. पूरी कोशिश होती है कि अपना बेस्ट दें.
उन्होंने आगे कहा, फिल्म रूपी बच्चा बनाने में हमें दो साल लगते हैं. हम अपने बच्चे को आपके सामने रख देते हैं और कहते हैं कि पसंद आया कि नहीं. आप प्लीज थप्पड़ मत मारो. मैं उम्मीद करती हूं कि लोग ज्यादा से ज्यादा थिएटर जाएं और सलाम वेंकी भी एक अच्छी फिल्म है और सही वक्त पर आ रही है. उसका जो मेसेज है, वो आपको समझने की जरूरत है. जिंदगी लंबी नहीं बड़ी होनी चाहिए, ये हमने कोविड के बाद ही तो सीखा है. अब तो लोग मोमेंट पर जीने लगे हैं, जो भी करना है अब कर लो, पता नहीं कल हो न हो.
परफेक्ट मॉम की परिभाषा पर भी काजोल ने बात की. वो कहती हैं, मेरे लिए कोई परफेक्ट शब्द है ही नहीं. क्योंकि परफेक्शन शब्द ही मुझे ओवररेटेड लगता है. हर इंसान के परफेक्शन की परिभाषा भी अलग होती है. हर इंसान का पैमाना अलग ही होता है. परफेक्ट कोई है ही नहीं.
न्यासा करेंगी फिल्मों में एंट्री?
न्यासा के फिल्मी करियर को लेकर कितनी सहज हैं. इस पर रिएक्ट करते हुए काजोल कहती हैं, मेरी बेटी और मैं इस टॉपिक पर बहुत बार बात कर चुके हैं. अभी तो न्यासा पढ़ाई कर रही है. अभी तो वो अपनी जिंदगी एन्जॉय कर रही है. मुझे नहीं लगता है कि इतनी जल्दी वो इंडस्ट्री को जॉइन करने का सोच भी रही है.
सोशल मीडिया पर फैलती निगेटिविटी पर काजोल कहती हैं, इसका कारण मैं रेटिंग्स को ही देती हूं. लोगों को लगने लगता है कि आप कुछ अलग नहीं करते हैं, तो उस बात को तूल दिया जाता है. यह सब देखकर फर्क पड़ता है और बुरा भी लगता है लेकिन मैं निगेटिव को छोड़ पॉजिटिव देखने पर यकीन रखने वाली हूं. मैं ट्रोल्स को वैल्यू ही नहीं देती हूं.
कॉन्ट्रोवर्सी पर बोलीं काजोल
अपने लंबे करियर में काजोल कभी किसी कंट्रोवर्सी या निगेटिविटी में नहीं पड़ीं. इस पर काजोल कहती हैं, हां, यार मेरी जिंदगी में कोई कॉन्ट्रोवर्सी नहीं है. अगर होती, तो शायद लाइफ और इंट्रेस्टिंग होती (हंसते हुए). नहीं, मैं मानती हूं कि अगर मुझे किसी को कुछ कहना है, तो मैं जाकर डायरेक्ट उसके फेस पर कहती हूं. मुझमें इतनी हिम्मत है कि मैं अपनी बात रख सकती हूं. मुझे सोशल मीडिया पर जाने की जरूरत नहीं और न ही कोई इंटरव्यू देने की जरूरत है. मुझे लगता भी नहीं है कि यह सही चीज है.