प्रोड्यूसर करण जौहर ने बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक कई सुपरहिट फिल्में दी हैं. करण जौहर रोमांटिक कॉमेडी और फैमिली ड्रामा फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. वो फिल्म को निर्देशन करने के साथ-साथ प्रोडक्शन और स्क्रिप्ट राइटिंग भी करते हैं. एक इंटरव्यू के दौरान करण ने फिल्म में लॉजिक पर बात की है. उनका कहना है कि फिल्म लॉजिक से परे जा सकती है, अगर फिल्म मेकर उस कहानी के जरिए ऑडियंस का 'विश्वास' जीत ले.
फिल्म में लॉजिक से ज्यादा विश्वास मयाने रखता है
हाल ही में, कोमल नाहटा ने जब करण जौहर से पूछा कि जब लॉजिक बैकसीट पर होता है, तो फ्रंट सीट को कौन संभालता है? इस पर करण जौहर कहते हैं, 'विश्वास'. फिल्मों में ऑडियंस का विश्वास सबसे ज्यादा जरूरी है. आप किसी भी सफल फिल्ममेकर्स को देखोगे और उनकी जर्नी समझोगे तो पाओगे कि उनकी कामयाब फिल्में लोगों में विश्वास जगा पाने में सफल रही है. फिल्म में लॉजिक से ज्यादा लोगों का विश्वास मायने रखता है. जब ऑडियंस को विश्वास हो जाता है, तो वो फिल्म में दिखाई चीजों को सही मानने लगते हैं.
करण ने दिया 'गदर' फिल्म का उदाहरण
करण जौहर एसएस राजामौली की 'RRR' और अनिल शर्मा की 'गदर 2' फिल्म के बारे में बात करते हुए कहते हैं, 'उनकी फिल्म इसलिए सफल नहीं हुई कि इसमें कोई लॉजिक था, बल्कि इसलिए सफल हुई क्योंकि उन्हें अपनी कहानियों पर पूरा विश्वास था. करण आगे कहते हैं आप राजमौली सर का ही उदाहरण लीजिए. आपको उनकी फिल्म में लॉजिक कहा नजर आता है. आप उनकी फिल्म में एक विश्वास देख सकते हैं. जब वह विश्वास सामने आता है, तो दर्शक भी आप की फिल्मों पर विश्वास करते हैं.
वो आगे कहते हैं, 'यह हर ब्लॉकबस्टर्स फिल्मों पर लागू होता है. चाहे वह एनिमल हो, RRR हो या गदर हो. सभी फिल्म में लोगों का विश्वास ही था. अगर गदर फिल्म में एक आदमी 1,000 लोगों को हैंडपंप से मार रहा है, तो यह सिर्फ विश्वास के कारण हो सकता है. अनिल शर्मा को लगता है कि सनी देओल ऐसा कर सकते हैं और नतीजा ये होता है कि लोग भी इस पर विश्वास कर लेते हैं.
करण जौहर कहते है कि फिल्ममेकर्स को अपने विजन पर विश्वास करना चाहिए. जब हम लोगों के बारे में ज्यादा सोचते हैं, लॉजिक के बारे में ज्यादा सोचते हैं तो इससे कोई मदद नहीं मिल पाता.