फिल्ममेकर किरण राव, इन दिनों अपनी फिल्म 'लापता लेडीज' के प्रमोशन में लगी हैं. लंबे समय बाद बतौर डायरेक्टर फिल्म लेकर आ रहीं किरण ने 'लापता लेडीज' को, अपने पूर्व पति, बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान के साथ मिलकर को-प्रोड्यूस भी किया है. उन्होंने 2001 में फिल्म 'लगान' से बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर अपना करियर शुरू किया था.
23 साल में क्या किरण को कभी खुद एक्टिंग का खयाल नहीं आया? उन्होंने अब एक नए इंटरव्यू में इस सवाल का जवाब दिया है. इसी इंटरव्यू में किरण एन ये भी बताया कि 'एनिमल' डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा के साथ चले वर्ड-वॉर ने उनकी नई फिल्म 'लापता लेडीज' को कैसे मदद की है.
संदीप रेड्डी वांगा से जुबानी जंग पर बोलीं किरण राव
'एनिमल' फिल्म के डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा ने हाल ही में किरण को उनके एक पुराने बयान पर टारगेट किया था, जिसमें उन्होंने उनकी पिछली फिल्म 'कबीर सिंह' के बारे में बात की थी. वांगा ने कहा था कि 'उन्हें पहले आमिर से पूछना चाहिए कि वो अपनी पुरानी फिल्म 'इश्क' में क्या कर रहे थे'.
इस बात का जवाब देते हुए किरण ने आमिर को डिफेंड किया था और कहा था कि वांगा को अगर आमिर से समस्या है तो सीधा उनसे ही बात करे लें. वांगा को लेकर किरण का ये जवाब काफी चर्चा में था.
अब कनेक्ट एफएम कनाडा से बात करते हुए किरण ने हंसते हुए कहा कि वांगा के साथ उनका मामला उनकी फिल्म 'लापता लेडीज' को चर्चा दिलाने में मदद कर रहा है. उन्होंने कहा, 'मुझे लगा कि मुझे जवाब देना चाहिए. मैंने जवाब दिया तो वो सबके सामने है. मुझे उम्मीद है कि अगर लोगों ने वो देखा होगा तो वो जान गए होंगे कि मैं कौन हूं और 1 मार्च को मेरी फिल्म आ रही है.'
एक्टिंग करने को तैयार हैं किरण राव
किरण से जब कहा गया कि उनकी खुद की पर्सनालिटी ऐसी है कि उन्हें एक्टिंग में आना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि वो खुद एक्टिंग करना पसंद करेंगी. किरण ने बताया, 'मैं लोगों से कह रही हूं कि मुझे अच्छा रोल दीजिए, मुझे एक्टिंग करने में बहुत खुशी होगी. कॉलेज में मैंने बहुत एक्टिंग की है, इसी वजह से मुझे फिल्मों ने आकर्षित किया था.'
किरण ने बताया कि एक्टिंग में इंटरेस्ट होने के बावजूद उन्होंने अपना बाकी फिल्म डिपार्टमेंट्स पर फोकस क्यों किया. किरण ने कहा, 'जब मैंने जामिया में फिल्में पढ़ीं तो मुझे लगा कि मैं स्टोरी क्रिएट कर सकती हूं. और उस समय में मुझ जैसे लगने वाले लोग एक्टिंग में जाते नहीं थे. कैरेक्टर रोल्स का जो ब्रैकेट था उसमें उसमें आपकी जिंदगी नहीं गुजर सकती थी. इसलिए जब मैंने पहले मुंबई आकर फिल्मों में काम शुरू किया तो एक्टिंग के बारे में नहीं सोचा.'
किरण ने इस बातचीत में आगे कहा, 'औरतों को कैसा लगना चाहिए, वो एक तरह से पहले से तय था. लंबे स्ट्रेट बाल होने चाहिए. चश्मे वालों को आप कैसे डालेंगे फिल्मों में, ऑफकोर्स मैं रोल के हिसाब से उतर ही सकती हूं. तो परफेक्ट वुमन का जो परसेप्शन था, हीरोइनों से उम्मीद की जाती थी कि वो उसी सांचे में हों. तो अभी काफी बदलाव आ गया है. हमें पर्दे पर हर तरह की महिलाऐं दिखती हैं. और हमें हर तरह की महिलाओं को पर्दे पर देखने की जरूरत है.' किरण की फिल्म 'लापता लेडीज' भी एक ऐसी कहानी लेकर आ रही है जिसमें महिलाओं पर फोकस रखा गया है. इसका ट्रेलर काफी चर्चा में है और लोफ इसे पसंद कर रहे हैं. 'लापता लेडीज' 1 मार्च को थिएटर्स में रिलीज होगी.